: संवैधानिक मूल्यों को बचाने के लिए निकली भारत जोड़ो यात्रा : खबरी
Fri, Dec 16, 2022
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा ने कार्यकर्ताओं मे भरा जोश
अयोध्या। कार्यकर्ताओं के उत्साह और जोश से लवरेज कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा बीकापुर से निकलकर भदरसा, भरतकुंड, डाबासेमर ,नाका चुंगी, फतेहगंज होते हुए देवकाली पर समाप्त हुई। बीकापुर पर भारत जोड़ो यात्रा का शुभारंभ प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खबरी तथा प्रांतीय अध्यक्ष व विधायक वीरेंद्र चौधरी तथा पूर्व सांसद डॉ निर्मल खत्री के नेतृत्व में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फैलाकर तथा राष्ट्रगान गाकर हुआ। कांग्रेस जनों ने वंदे मातरम तथा राष्ट्रगान के बीच तिरंगे को सलामी देते हुए भारत जोड़ो मिशन की मजबूती का संकल्प जताया। वहां कांग्रेसियों के भारी हुजूम को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खबरी ने कहा कश्मीर से कन्याकुमारी तक राहुल गांधी की अगुवाई में निकाली जा रही भारत जोड़ो यात्रा देश के संवैधानिक मूल्यों को बचाने तथा लोगों के मौलिक अधिकारों की संरक्षा के संकल्प की पदयात्रा है। पूर्वांचल में निकाली जा रही यात्रा के संयोजक विधायक वीरेंद्र चौधरी ने कहा भारत जोड़ो यात्रा को जिस तरह से आम आवाम का समर्थन मिल रहा है उसे देख सत्ताधारी दल मे घबराहट पैदा हो रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तथा पूर्व सांसद डॉ निर्मल खत्री ने कहा राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली जा रही भारत जुड़े यात्रा पूरे देश में परिवर्तन का संकेत प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा की बढ़ती हुई महंगाई बेरोजगारी उद्योग व्यापार में मंदी अमीर और गरीब के बीच बढ़ती खाई संसाधनों की लूट तथा किसानों की बढ़ती हुई आत्महत्या एवं उनकी दुर्दशा से प्रदेश के साथ साथ पूरा देश जूझ रहा है। यात्रा के पहले बीकापुर में हुई सभा की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा संचालन जिला प्रवक्ता सुनील कृष्ण गौतम ने किया। सभा के पश्चात कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम के साथ यात्रा निकाली गई ।इस दौरान कांग्रेसी हाथों में पार्टी के झंडे लिए हुए थे तथा नफरत तोड़ो भारत जोड़ों के नारे लगा रहे थे। जिला प्रवक्ता सुनील कृष्ण गौतम ने बताया यात्रा का बीकापुर में वरिष्ठ नेता जहीर हसन ,प्रेमचंद राय, अमरनाथ यादव ,राम नाथ वर्मा , इंद्र बली यादव, दिलीप गौड़ के नेतृत्व में स्वागत किया गया। महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष रेनू राय, प्रमिला राजपूत तथा मिथिलेश कोरी, रामकरण कोरी ,सेवादल महानगर अध्यक्ष बसंत मिश्रा तथा पंकज सिंह ने आए नेताओं को स्मृति चिन्ह भेंट किया। जलालपुर तिराहा पर जिला महासचिव राजकुमार सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष आशुतोष सिंह, पीसीसी सदस्य अशोक कुमार सिंह ने यात्रा का स्वागत किया। भरत कुंड में रामसनेही निषाद, अनवर हुसैन, मोहम्मद तनवीर, श्रीमती उषा कोरी के नेतृत्व में स्वागत किया गया तथा मसौधा मे पीसीसी सदस्य महेश वर्मा ,युवा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष जनार्दन सिंह, जिला महासचिव भगवान बहादुर शुक्ला ,श्याम करण वर्मा के नेतृत्व में स्वागत किया गया।
: रामलला को चांदी की ईंट व माता सीता को समर्पित की रेशमी साड़ी
Fri, Dec 16, 2022
कर्नाटक सरकार के मंत्री डॉ. सीएन अश्वथ नारायण ने रामलला का किया दर्शन-पूजन
अयोध्या। कर्नाटक के मंत्री डॉ. सीएन अश्वथ नारायण गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। दर्शन-पूजन कर उन्होंने रामलला को दो किलो की चांदी की ईंट समर्पित की। अश्वथ कर्नाटक से माता सीता के लिए रेशमी साड़ी और लक्ष्मण जी के लिए रेशमी शाल भी लाये थे। इस दौरान उन्होंने मन्दिर निर्माण कार्यों का भी अवलोकन किया। उनके साथ रामनगर जिले के तकरीबन 150 लोग भी आये थे, जिन्होंने जय श्रीराम के उद्घोष से आसमान गुंजायमान कर दिया।कर्नाटक सरकार के मंत्री डॉ. सीएन अश्वथ नारायण ने दर्शन कर कहा कि राम जन्मभूमि हमारी प्रेरणा और पहचान है। हम लोग जिस जिले से आते हैं उसका नाम रामनगर है। भगवान राम जब वनवास में थे उस दौरान रामदेवरा बेट्टू जो अब रामनगर है वहां पर रुके हुए थे। उसी स्थान पर भगवान राम ने शिव की आराधना की थी। इसलिए भगवान राम से उस स्थान रामनगर से बहुत ही पुराना संबंध है। कहा कि पूरे देश के लोगों की इच्छा थी कि अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। योगी राम काम का उत्तर प्रदेश में संचालन कर रहे हैं। जनवरी 2024 में मंदिर के लोकार्पण को लेकर हम लोग बेहद उत्साहित हैं। बता दें कि कर्नाटक के रामनगर जिला रेशम के लिए बहुत मशहूर है।
: राम-केवट संवाद का प्रसंग सुनकर भाव-विभोर हुए भक्त
Fri, Dec 16, 2022
निष्काम भाव से भक्ति करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं: रामदिनेशाचार्य
बिंदुगाद्याचार्य के उत्ताराधिकारी महंत रामभूषण दास कृपालु जी के संयोजन में हो रही रामकथा
अयोध्या। श्रीराम जानकी मंदिर भरत तपोस्थली भरतकुंड में चल रही संगीतमय रामकथा में राम वनवास भरत मिलाप और राम-केवट संवाद की कथा का प्रसंग व्यासपीठ से जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने सुनाया। रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी ने कहा कि भरत जैसा भाई इस युग में मिलना मुश्किल है। राम-केवट संवाद का प्रसंग सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि भगवान राम मर्यादा स्थापित करने को मानव शरीर में अवतरित हुए। पिता की आज्ञा पर वह वन चले गए। भगवान राम वन जाने के लिए गंगा घाट पर खड़े होकर केवट से नाव लाने को कहते हैं लेकिन केवट मना कर देता है और पहले पैर पखारने की बात कहता है। केवट भगवान का पैर धुले बगैर नाव में बैठाने को तैयार नहीं होता है। राम-केवट संवाद का प्रसंग सुनकर श्रोता आनंदित हो गए। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आदर्श समाज में आज भी कायम है। भगवान प्रेम भाव देने वाले का हमेशा कल्याण करते हैं। कहा कि भरत ने भगवान राम के वनवास जाने के बाद खड़ाऊं को सिर पर रखकर राजभोग की बजाय तपस्या की। कहा कि जीवन में भक्ति और उपासना का अलग महत्व है। निष्काम भाव से भक्ति करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा मनोरंजन का साधन नही हैं बल्कि मन के मैल को धोकर पवित्र करने व भगवत प्राप्ति की ओर अग्रसर होने का एकमात्र माध्यम है। स्वामीजी ने कहा कि भगवान का स्वभाव है कि वह पशु पक्षियों का भी सम्मान करते हैं। उनके उपकार को भी नहीं भूलते हैं। मौजूदा दौर में मनुष्य किसी भी उपकार को नहीं मानता है।कथा की अध्यक्षता दशरथ राजमहल बड़ा स्थान के पीठाधीश्वर बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज कर रहें है।आये हुए संतो का विशेष अभिनन्दन बिंदुगाद्याचार्य के उत्ताराधिकारी महंत रामभूषण दास कृपालु जी ने किया। गौरव शास्त्री व शिवेंद्र शास्त्री सहित सैकड़ों संत महंत एवं राम कथा के रसिक गण उपस्थित रहे।