: सांसद जी ने कुश्ती को भारत के गांव-गांव तक फैलाया है: महंत संजय दास
Sat, Apr 29, 2023
सांसद बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में उतरे हनुमानगढ़ी के नागा साधु संत
कहा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है तो पहलवानों को धरना खत्म करके न्यायालय पर विश्वास करके जांच कार्यों में सहयोग देना चाहिए
अयोध्या। अयोध्या हनुमानगढ़ी पहलवानी के प्रतिनिधि श्री महंत ज्ञान दास जी महाराज के शिष्य संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास प्रेस से मुखातिब हुए और कहते है कि कुश्ती फेडरेशन के अध्यक्ष सांसद बृजभूषण शरण सिंह बचपन से ही अयोध्या से जुड़े रहे और उनमें चारित्रिक दोष अयोध्या के संतो ने कभी नहीं देखा।उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने एफ आई आर दर्ज कर लिया है तो पहलवानों को धरना खत्म करके न्यायालय पर विश्वास करके जांच कार्यों में सहयोग देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह ने अपने कार्यकाल में कुश्ती को भारत के गांव-गव तक फैलाया है इसके पूर्व कुश्ती एक क्षेत्र तक सीमित थी।
उन्होंने कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए सभी उम्र की वेट कैटगरी में ज्यादा से ज्यादा कंपटीशन करवाया प्रो कुश्ती लीग शुरू करवाई पहलवानों को स्पॉन्सरशिप दिलवाई पहलवानों को दिलवाई और सबसे बड़ी बात सभी राज्यों के पहलवानों को समान अवसर दिलाने का कार्य किया यही कारण है कि आज उनका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में भारत की कुश्ती विश्व स्तर पर पहुंची सबसे ज्यादा मेडल आए। अंत में उन्होंने कहा कि न्यायालय और पुलिस मामले की जांच कर रही है सभी पहलवानों को अपने घर जा करके अपनी ट्रेनिंग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कुश्ती को बढ़ाने के लिए जितना काम बृजभूषण शरण सिंह ने अपने कार्यकाल में किया अभी तक किसी ने नहीं किया था उन्होंने ओलंपिक लेवल के फ्री तैयार किए और कुश्ती फेडरेशन को आर्थिक रूप से मजबूत भी किया पुष्टि को बेसिक लेवल से बढ़ाकर उच्च स्तर तक पहुंचाया जिससे कम उम्र के बच्चे भी कंपटीशन में भाग ले सकें।इस मौके पर वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास,शिवम श्रीवास्तव मौजूद रहें।
: जैन मंदिर रायगंज में महापंचकल्याणक महोत्सव आज से
Sat, Apr 29, 2023
झण्डारोहण के साथ महापंचकल्याणक का होगा भव्य शुभारंभ
चौबीसी की 720 प्रतिमाएं एवं भगवान ऋषभदेव के मोक्षगामी 101 पुत्रों के साथ भगवान भरत स्वामी की 31 फुट उत्तुंग प्रतिमा का होगा महापंचकल्याणक
अयोध्या। रायगंज स्थित भगवान ऋषभदेव की जन्मभूमि दिगम्बर जैन बड़ी मूर्ति स्थल पर अनेक उत्सव महोत्सव के साथ 30 अप्रैल से 7 मई तक सम्पन्न होगा महापंचकल्याणक। भगवान ऋषभदेव बड़ी मूर्ति स्थित प्रांगण में अनेक संत महापंचकल्याणक में सम्मिलित होने के लिए ससंघ पहुँच चुके हैं। महोत्सव की सम्प्रेरिका भारतगौरव गणिनीप्रमुख आर्थिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी, प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी ससंघ विराजमान हैं। इसी श्रृंखला में आचार्य श्री विपुलसागर जी महाराज, आचार्य श्री विशदसागर जी महाराज ससंघ, मुनि श्री अनुसरणसागर जी महाराज ससंघ सान्निध्य देने के लिए तीर्थ परिसर में पहुँच चुके हैं। 30 अप्रैल को प्रातः महोत्सव झण्डारोहण के साथ प्रारंभ हो जायेगा। समारोह का झण्डारोहण करेंगे श्रावक श्रेष्ठी श्री राजकुमार जैन, ध.प. श्रीमती आशा जैन, वीरा बिल्डर्स, दिल्ली। झण्डारोहण से पूर्व सौभाग्यवती महिलाओं के द्वारा घटयात्रा मंगल कलश लेकर निकाली जायेगी, जिसमें सौभागयवती
महिलाओं के द्वारा घटयात्रा मंगल कलश लेकर निकाली जायेगी, जिसमें सौभागयवती महिलाएं एवं कुंवारी कन्याएं मंगल कलश मस्तक पर लेकर चलेंगी। संस्था के अध्यक्ष एवं पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्र कीर्ति स्वामीजी के निद्रेशन में सम्पूर्ण कार्यक्रम को सम्पन्न किया जायेगा। महोत्सव को विधिविध नपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए संहितासूरि प्रतिष्ठाचार्य श्री विजय कुमार जैन- जम्बूद्वीप, मालगांव निवासी पं. वृषभसेन उपाध्ये, लखनऊ नि. अकलंक जैन, तिवरी नि. सतेन्द्र जैन एवं श्री अजीत जैन, आदि विद्वान् अयोध्या पहुंच चुके हैं।
गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने बताया कि वर्तमान चौबीसी के 5 तीर्थकरों की जन्मभूमि है अयोध्या, जिसमें वर्तमान चौबीसी के ऋषभदेव अजितनाथ, अभिनंदननाथ, सुमतिनाथ एवं अनंतनाथ भगवान का जन्मभूमि है। जन्मस्थान टोंक पर विशाल जिनमंदिर बने हुए हैं एवं प्राचीन चरण विराजमान हैं। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एक महापूजा है, जिसमें पाषाण को भगवान बनाने की किया सम्पन्न की जाती है। प्राण प्रतिष्ठा जिनबिम्बों की जाती है। अनेक मंत्रों के द्वारा कुछ पाषाण के अंदर भगवान का स्वरूप प्रगट हो जाता है। 30 अप्रैल को झण्डारोहण, यागमण्डल विधान एवं गर्भकल्याणक की क्रियाएं की जायेंगी। 1 मई को भगवान का जन्मकल्याणक 2 मई को तपकल्याणक 3 मई एवं 4 मई को केवलज्ञानकल्याणक, 5 मई को मोक्षकल्याणक, 6 एवं 7 मई को रत्न की तीस चौबीसी का महामस्तकाभिषेक सम्पन्न किया जायेगा। 30 चौबीसी की 720 प्रतिमाएं एवं भगवान ऋषभदेव के मोक्षगामी 101 पुत्रों की एवं भगवान भरत स्वामी की 31 फुट उत्तुंग प्रतिमा का महापंचकल्याणक संतों के सान्निध्य में सम्पन्न किया जाना है। जिसमें मुख्यरूप से देश के विभिन्न अंचलों से श्रद्धालुगण पधार चुके हैं। कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तरांचल, बिहार, झारखंड, गुजरात आदि प्रान्तों से भक्तगण बड़ी संख्या में पधार चुके हैं। कार्यक्रम का आकर्षण विशाल ए.सी. पंडाल निर्मित किया गया है, जिसमें विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति सुप्रसिद्ध गायक विक्की डी. पारिख पधार रहे हैं। कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल को समिति के द्वारा आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम के सौ धर्म इन्द्र श्री अध्यात्म घ.प. श्रीमती अर्पिता जैन, लखनऊ, भगवान के माता-पिता श्री अनिल-अनीता जैन- दिल्ली आने वाले श्रद्धालु भक्तों के लिए भोजन की व्यवस्था श्री जम्बू प्रसाद जैन - गाजियाबाद की तरफ से रहेगी।
: अवध टी स्टाल का हुआ शुभारंभ, श्रद्धालुओं की होगी सेवा
Fri, Apr 28, 2023
संकट मोचन हनुमान किला महंत परशुराम दास ने फीता काटकर किया शुभारंभ
अयोध्या। श्री राम नगरी में प्रभु श्री राम के जन्म स्थली पर भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है और निरंतर श्रद्धालुओं की संख्या अयोध्या में बढ़ रही है श्रद्धालुओं की सेवा भावना से अयोध्या बाईपास फोरलेन के नीचे साकेत पेट्रोल पंप के पास श्रद्धालुओं की सेवा के लिए दिलीप अग्रवाल के निर्देशन में अवध टी स्टाल का शुभारंभ संकट मोचन हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर महंत परशुराम दास महाराज गोपाल पोद्दार, घनश्याम जयसवाल और नवनीत सिंह ने किया। उद्घाटन करते हुए परशुराम दास जी महाराज ने बताया कि यह दुकान नहीं बल्कि सेवा के लिए खोला गया सेवा केंद्र है जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा होगी। दिलीप अग्रवाल ने बताया कि श्री महाराज जी के आशीर्वाद से यह कार्य प्रारंभ हुआ है और पूरे तन मन से मैं निरंतर अयोध्या में आने वाले लोगों की सेवा करता रहूंगा।अतिथियों का स्वागत प्रकाश अग्रवाल और किशन अग्रवाल ने किया।इस अवसर पर अशोक अग्रवाल विष्णु अग्रवाल सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि जन भावना और सेवा के उद्देश्य से यह कार्य किया जा रहा है अयोध्या का यह प्रवेश द्वार है इसलिए श्रद्धालुओं की जितनी सेवा हो सकेगी उतना किया जाएगा जिससे अयोध्या की ख्याति अयोध्या के अनुरूप पूरे विश्व में पहले।