: दर्शन भवन मंदिर में धूमधाम से मनाया गया हनुमान जयंती
Thu, Apr 6, 2023
रामानन्दाचार्य जी के मंदिर दर्शन भवन में 108 वैदिक आचार्यों द्धारा सुंदर कांड व नवाह परायण पाठ हुआ
जयंती पर हुआ विशेष पूजन अर्चन, लगा भगवान को भोग
अयोध्या। श्रीहनुमत जन्मोत्सव के अवसर पर गुरुवार को भगवान रामानंदजी का मंदिर दर्शन भवन, जानकीघाट में 108 सुंदरकांड का पाठ किया गया। महोत्सव को दर्शन भवन की वर्तमान पीठाधीश्वर महंत डॉ. ममता शास्त्री ने सानिध्य प्रदान किया। विद्वान वैदिकों द्वारा मंदिर में भगवान के सम्मुख सस्वर सुंदरकांड का पाठ किया गया। सुंदरकांड पाठ से पूरा मंदिर प्रांगण गुंजायमान रहा। इससे पहले प्रातःकाल कार्यक्रम की यजमान महारानी कुशल राठौर जयपुर, राजस्थान ने बजरंगवली के चित्रपट पर पूजन-अर्चन कर भोग लगाया। उसके बाद हनुमानजी महाराज की महाआरती उतारी। सुंदरकांड पाठ समापन उपरांत साधु-संत व भक्तगणों को प्रसाद वितरित किया गया। संतों और भक्तगणों ने हनुमत जन्मोत्सव में सम्मिलित होकर अपना जीवन धन्य बनाया। उत्सव से पूरा मंदिर परिसर आहलादित रहा। साधु-संत एवं भक्तगण महोत्सव में पूरी तरह रमे रहे। जिनके खुशी का कोई ठिकाना नही था। सभी हर्ष व उल्लास से झूम रहे थे। इस अवसर पर दर्शन भवन की वर्तमान पीठाधीश्वर डॉ. ममता शास्त्री ने बताया कि चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर मठ में श्रीहनुमत जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।समारोह के अंतर्गत 108 सस्वर सुंदरकांड का पाठ हुआ। इसके अलावा अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। मंदिर में श्रीहनुमत जन्मोत्सव पहली बार मनाया गया। इसी उपलक्ष्य में सुंदरकांड का पाठ हुआ। आगे से हनुमत जन्मोत्सव प्रतिवर्ष मठ में मनाया जायेगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे। इसके अलावा रामनगरी के महाराष्ट्रीयन परंपरा के मंदिर कालेराम मंदिर समेत अन्य मठ-मंदिरों में भी हनुमान जयंती हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। जयंती।
: महामंडलेश्वर नरहरि दास महाराज को संतों ने किया नमन
Thu, Apr 6, 2023
गुरूदेव अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे, सदैव विरक्त परम्परा का निर्वहन किया: महंत प्रशांत दास शास्त्री
अयोध्या। रामनगरी के काैशल किशाेर भवन, शास्त्रीनगर के पूर्वाचार्य महंत महामंडलेश्वर नरहरि दास महाराज की पुण्यतिथि पर संताें ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बताया कि महामंडलेश्वर श्री नरहरि दास जी महाराज का जन्म 1946 में कानपुर देहात के नुगरी गांव में हुआ था। श्री महाराज जी बचपन से ही समाज कार्य और संतों की सेवा में रुचि रखते थे। संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति के स्वागत अध्यक्ष का कार्य भी दशकों तक श्री महाराज जी ने संभाला और निरंतर संतों की सेवा करते रहते थे। प्रयागराज में श्री महाराज जी प्रतिवर्ष माघ मेले में कैंप लगाते थे और 12 वर्षों पर पड़ने वाले कुंभ में भी श्री महाराज जी बढ़-चढ़कर भाग लेते थे और निरंतर संत सेवा समाज सेवा गौ सेवा करते रहते थे।
आश्रम के वर्तमान महंत प्रशांत दास शास्त्री ने कहा कि उनके गुरूदेव अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे। उन्हाेंने सदैव विरक्त परम्परा का निर्वहन किया। वह एक सामाजिक व्यक्ति थे, जिसके कारण उनका समाज सेवा से जुड़ाव रहा। गाै, संत, विद्यार्थी, आगंतुक आदि सेवा की ओर विशेष ध्यान रखते थे। उनके बारे में जितना कहा जाए वह कम ही हाेगा।उन्हाेंने कहा कि मैं अपने गुरूदेव भगवान की बतलाई हुई बाताें का अनुसरण कर मंदिर के उत्तराेत्तर विकास में संकल्पित हूं। महंत प्रशांत दास शास्त्री ने श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने आए संतों का स्वागत किया। इस अवसर पर श्री राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास , बावन मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण, कामधेनु आश्रम के महंत महामंडलेश्वर आशुतोष दास, अधिकारी छविराम दास, महंत राजू दास, महंत शशिकांत दास, महंत मनीष दास सहित सैकड़ों संतों महंतों ने श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
: भक्ति भवन माेतिहारी मंदिर मेंअनमोल गुरुकुलम का हुआ भव्य उद्घाटन
Thu, Apr 6, 2023
छात्र-छात्राओं को श्रीरामकथा व श्रीमद् भागवत कथा का दिया जायेगा प्रशिक्षण
अयाेध्या। भक्ति भवन माेतिहारी मंदिर, स्वर्गद्वार में महंत रामप्रवेश दास महाराज के पावन सानिध्य में अनमोल गुरुकुलम का भव्य उद्घाटन किया गया। जहां छात्र-छात्राओं को श्रीरामकथा व श्रीमद् भागवत कथा का प्रशिक्षण दिया जायेगा। मुख्य अतिथि श्रीरामवल्लभाकुंज अधिकारी राजकुमार दास ने दीप प्रज्वलन कर अनमोल गुरुकुलम का भव्य शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यहां के बच्चाें काे श्रीमद् भागवत अध्ययन के लिए वृंदावन धाम जाना पड़ता था। लेकिन अब अयोध्या में अनमोल गुरुकुलम खुल जाने से उन्हें वृंदावन नही जाना पड़ेगा। एक पीठ से श्रीरामकथा एवं भागवत कथा दाेनाें पढ़ाई जायेगी। जहां किसी प्रकार का भेदभाव ना हाे वही गुरुकुल है। ऐसे एक नही हजारों गुरुकुल देश में हाेने चाहिए। जाे हिंदुस्तान की विजय पताका पूरे विश्व में फहरायें। उन्होंने कहा कि श्रीराम और श्रीकृष्ण में काेई अंतर नही है। श्रीरामकथा व श्रीमद् भागवत कथा का अध्ययन करके बच्चे धर्म, संस्कृति की रक्षा के लिए आगे निकलें। लाेगाें काे सनातन धर्म के बारे में बताएं। उन्हें मुख्य धारा से जाेड़ें। जनजागृति, धर्म और कथा माध्यम से लाेगाें काे जागरूक करें। उत्तर प्रदेश सरकार कई जिलाें में संस्कृत विद्यालय खाेलने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ काे बहुत-बहुत साधुवाद है। दशरथ महल के विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम के धाम में श्रीरामकथा ताे चलती ही रहती है। लेकिन अब यहां श्रीमद् भागवत कथा भी पढ़ाई जायेगी। इसके लिए अनमाेल गुरुकुलम खुल गया है। जाे हम सबके लिए साैभाग्य की बात है। बावन मंदिर के महंत वैदेहीवल्लभ शरण महाराज ने कहा कि जब जन्म-जन्मांतर के पुण्य एकत्र हाेते हैं। ताे भागवत की एक कड़ी सुनने को मिलती है। सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार रामायण, भागवत व गीता के माध्यम से हाे सकता है। इसके अलावा उद्घाटन अवसर पर जानकी कुंज महंत वीरेंद्र दास, सीताराम निवास महंत सत्येंद्र दास वेदांती, लालकाेठी महंत शत्रुघ्न दास, भागवत विद्यापीठ महंत तुलसीदास नव्यन्यायाचार्य, गहाेई मंदिर महंत रामलखन शरण गहाेई ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वृंदावन धाम से पधारे अनमोल गुरुकुलम के प्रशिक्षक पं. अनमोल कृष्ण ने संत-महंत, धर्माचार्यों का माल्यार्पण व अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत-सम्मान किया। पं. अनमोल कृष्ण ने कहा कि इस गुरुकुलम में प्रशिक्षिका साक्षी किशाेरी छात्र-छात्राओं को श्रीरामकथा और प्रशिक्षिका अन्नपूर्णा किशाेरी श्रीमद् भागवत कथा का प्रशिक्षण देंगी। कार्यक्रम का संचालन बधाई भवन के महंत राजीवलाेचन शरण ने किया। इससे पहले संताें द्वारा वैदिक मंत्राेच्चारण संग व्यासपीठ का पूजन-अर्चन किया गया। इस माैके पर संजय शुक्ला, ममता दीदी, आचार्य ब्रहमजीत द्विवेदी, शैलेंद्र शुक्ला आदि माैजूद रहे।