: भाजपा में पुराने कार्यकर्ताओं के समर्पण की हो रही अनदेखी : शरद पाठक
Wed, Apr 26, 2023
मेयर प्रत्याशी के लिए भाजपा से बगावत कर पत्नी अनीता पाठक को चुनाव में उतारा
अयोध्या । नगर निगम से महापौर पद के टिकट के लिए दावेदारी कर रहे भाजपा नेता व मित्रमंच के राष्ट्रीय प्रमुख शरद पाठक बाबा ने आखिरकार सीधी बगावत कर दी है। महापौर पद पर पत्नी अनीता पाठक को उतार कर उन्होंने संगठन पर जमकर अपनी भड़ास निकाली है। बता दें कि श्री पाठक विगत छह महीने से नगर निकाय चुनाव को लेकर सक्रिय थे। बुधवार को यहां भाजपा नेता शरद पाठक बाबा ने साफ कर दिया कि वह चुनावी मैदान से नहीं हटेंगे। मेयर पद के लिए वह अपनी धर्मपत्नी का नामांकन पहले ही करा चुके थे।
उन्होंने भाजपा संगठन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेसी नेता को मेयर का टिकट दे दिया गया और पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में रहते हुए वर्तमान भाजपा प्रत्याशी महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के शीर्ष नेताओं पर अभद्र टिप्पणी की थी। उनका आरोप कि इस बार पार्षद के टिकट में भी खेल किया गया है। पुराने कार्यकर्ताओं के समर्पण की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। कहा कि पूरी गंभीरता के साथ जनता के बीच जाकर प्रचार किया जा रहा है वह निरंतर जनता के बीच में बने हैं।
: त्याग तपस्या वैराग्य की प्रतिमूर्ति थे संत गोपाल दास जी: रामदिनेशाचार्य
Mon, Apr 24, 2023
पुण्यतिथि महोत्सव श्यामा सदन पीठाधीश्वर बालयोगी श्री धरदास जी महाराज के संयोजन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, श्रद्धांजलि सभा का हुआ आयोजन
पूज्य महाराज जी को पुष्पांजलि अर्पित करते महंत श्रीधरदास व भक्त गण
अयोध्या। त्याग तपस्या वैराग्य की नगरी अयोध्या जी में अनेक भजनानंदी संतो का बास रहा है जो अपने त्याग तपस्या, भजन और सेवा के बल पर बड़े ही सरलता, स्वभाव से बड़े-बड़े ज्ञानियों को भी परास्त कर दिया। इन्हीं संतों की मणि माला में से एक संत थे श्यामा सदन मंदिर के तृतीय महंत संत गोपाल दास जी महाराज कि द्वितीय पुण्यतिथि श्री महाराज जी के शिष्य श्यामा सदन मंदिर पीठाधीश्वर बालयोगी श्री धरदास जी महाराज के संयोजन में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई, और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें अयोध्या के संतो महंतों ने श्री महाराज जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। जगद्गुरू रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि संत गोपाल दास जी महाराज परम संत थे मंदिर के विकास के साथ- साथ संत सेवा गौ सेवा मैं हमेशा लीन रहते थे। मंदिर में निरंतर अष्टयाम सेवा चलती रहती थी उन्हीं के बताए हुए रास्ते पर वर्तमान महंत श्रीधर दास जी महाराज भी आश्रम में निरंतर संत सेवा गौ सेवा कर रहे है और भविष्य में करते रहेंगे। श्यामा सदन पीठाधीश्वर श्रीधर दास जी महाराज ने कहा की गुरुदेव भगवान निरंतर अयोध्या में वास करते हुए भजन करते रहे। हमसे कहते रहते थे कि हमें अयोध्या से बाहर कभी भी ना ले जाना और श्री राम लला की कृपा से गुरुदेव भगवान की सभी इच्छाएं पूरी हुई अंतिम समय में गुरुदेव भगवान गौ दान किए और प्रभु श्री राम की जन्मस्थली में अपने नश्वर शरीर का परित्याग किया। श्री महाराज जी की श्रद्धांजलि सभा में आए संतों का महंत श्रीधर दास ने स्वागत किया। इस मौके पर खाक चौक के श्री महंत बृजमोहन दास, महात्यागी महंत सीताराम दास, मंगल भवन पीठाधीश्वर कृपालु राम भूषण दास जी महाराज, दंत घावन कुंड के महाराज विवेक आचारी, करतलिया आश्रम के महंत रामदास, नागा राम लखन दास, सुदीप भूषण सिंह, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय सहित हजारों संतों महंतों ने श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
: फलाहारी बाबा नहीं रहे, संतों में शोक की लहर
Sat, Apr 22, 2023
रामनगरी के प्रसिद्ध राजगोपाल मंदिर महंत कौशल किशोर शरण "फलाहारी बाबा" का हुआ साकेवास, अंतिम दर्शन शुरू
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह पहुंचे राजगोपाल मंदिर फलाहारी बाबा का किया नमन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्र भेज कर शोक व्यक्त किया
पूज्य फलाहारी बाबा की सनातन धर्म एवं संस्कृति की असीम सेवा अविस्मरणीय है: योगी आदित्यनाथ
अयोध्या। रामनगरी के प्रतिष्ठित पीठ श्री राजगोपाल मंदिर के महंत कौशल किशोर शरण फलहारी बाबा नहीं रहे। उन्होंने करीब 92 साल की उम्र मे लखनऊ के अस्पताल में आखिरी सांस लीं। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे।अयोध्या के राज गोपाल मंदिर के महंत कौशल किशोर शरण फलहारी बाबा के साकेतवास से संत समाज में सहित उनके लाखों शिष्यों में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका कल सुबह सरयू घाट पर अंतिम संस्कार होगा।
फलाहारी बाबा का पार्थिव शरीर अयोध्या के राजगोपाल मंदिर लाने के बाद अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। 23 अप्रैल को सुबह जल समाधि दिया जायेगा।
शोक संवेदना व्यक्त करने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह राजगोपाल मंदिर पहुंचे, जहां पर पूज्य फलाहारी बाबा को उन्होंने नमन कर रामनामा चढ़ाया। फलाहारी बाबा के शिष्य डा शरद जी ने यह जानकारी दी।
तो वही सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्र भेज कर शोक व्यक्त किया और कहा कि पूज्य फलाहारी बाबा की सनातन धर्म एवं संस्कृति की असीम सेवा अविस्मरणीय है।
अयोध्या के पड़ोसी जनपद बलरामपुर के ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने वाले फलाहारी बाबा ने मुहल्ला स्वर्गद्वार के हनुमत सदन मंदिर में दशको हनुमान जी की कठिन साधना की। इस समय उनके दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहता। कालांतर में अयोध्या के महंतों ने उन्हें राजगोपाल मंदिर की सम्पत्ति की रक्षा के लिए इस प्रसिद्ध मंदिर का महंत बना दिया। फकीर स्वभाव वाले फलाहारी बाबा इसके लिए अपने लोगों को मना तो नहीं कर सके पर यह दायित्व उनकी आत्मा सहज स्वीकार न कर सकी।
राम मंदिर के विवाद में उन्हें केंद्र सरकार द्वारा अयोध्या के कई महंतों के साथ बुलाया गया। उनकी बेबाकी, ब्रह्मज्ञान को सुनने वाले उन्हें चकित होकर देखते रह जाते। कड़ी साधना से उपजा उनका ज्ञान बड़े से बड़े विेद्वानों को भी चकित करने वाला रहा। उनकी इसी ज्ञान से प्रभावित होकर हनुमत निवास के आचार्य डाक्टर मिथिलेशनंदिनी शरण और तिवारी मंदिर के महंत गिरीशपति तिवारी जैसे तर्कशील युवा महंतों ने उन्हें अपने गुरू के रूप में स्वीकार कर खुद को धन्य माना। शोक संवेदना व्यक्त करने वाले आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के महंत मैथली रमण शरण, हनुमत निवास के महंत मिथलेश नन्दनी शरण, हनुमानगढ़ी के महंत बलराम दास,पुजारी हेमंत दास, संत एमबीदास, सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रतिनिधि सोनू सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी, धनश्याम पहलवान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।