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: दुल्हा सरकार के विवाह महोत्सव के लिए सजा जानकी महल

बमबम यादव

Tue, Dec 12, 2023

सीताराम विवाह महोत्सव में मिथिलांचल से उत्सव में सराबोर होगा श्री जानकी महल ट्रस्ट

सीता-राम विवाहोत्सव हमारे लिए अतीत का घटनाक्रम ही नहीं, बल्कि जीवन में प्रतिपल प्रेरित होने का दिव्य सूत्र है: आदित्य सुल्तानिया

17 दिसंबर मारवाड़ी ठाट बाट से अगहन पंचमी पर निकलेगी दुल्हा सरकार की बारात

अयोध्या। श्रीसीता-राम विवाहोत्सव का मुख्य उत्सव 17 दिसंबर को है। उत्सव की तैयारी चरम की ओर उन्मुख  है। रामनगरी के चुनिंदा मंदिरों में राम विवाहोत्सव पूरे भाव-चाव से मनाया जाता है। रामनगरी के श्री जानकी महल ट्रस्ट में मिथिला पद्धति से विवाहोत्सव मनाया जाता है। यहां पर भगवान राम को दुल्हा सरकार और किशोरी जी को बेटी माना जाता है। श्री जानकी महल ट्रस्ट का सीताराम विवाहोत्सव देखने के लिए दूर दूर से लोग आते है। यहां की विवाहोत्सव सुप्रसिद्ध है। जो अपने आप में अद्वितीय है। रामनगरी के कनक भवन, लक्ष्मणकिला, हनुमान बाग, दशरथ राजमहल बड़ा स्थान रसमोद कुंज रंग महल विअहुती भवन आदि का विवाहोत्सव देखने के लिए लोग आतुर रहते है।जानकी महल ट्रस्ट में सीता के बिना श्रीराम की कल्पना तक नहीं की जाती है और ऐसे में श्रीराम एवं सीता के मिलन के महापर्व पर यहां उत्सव का चरम परिलक्षित होता है।
विवाहोत्सव का केंद्र जानकीमहल ट्रस्ट भी तैयारियों के साथ ही उत्सव के आगोश में डूबता जा रहा है। यहां उत्सव का आगाज गुरुवार की प्रथम बेला में रामार्चा महायज्ञ एवं सायं रामलीला की प्रस्तुति तथा गणेश पूजन से शुरु हो गया। शुक्रवार को फुलवारी सायं विवाहगीत एवं रामलीला की प्रस्तुति संयोजित है। जानकीमहल में राम विवाहोत्सव की रस्म किस प्रामाणिकता से मनायी जाती है। इसे हल्दात तिलक मेंहदी बिनौरी नेग न्यौछावरी नेग घुड़चढ़ी बरात प्रस्थान वैवाहिक कार्यक्रम और विवाहोत्सव के अगले दिन छप्पन भोग तथा कुंवर कलेवा के आयोजनों से समझा जा सकता है। उत्सव को लेकर निमंत्रण पत्रिका छापी है जो विशिष्ट लोगों को वितरण की जा रही है। जिसमें स्वागताकांक्षी श्री जानकी महल ट्रस्ट एवं भक्त गण है। जानकीमहल के ट्रस्टी समाजसेवी आदित्य सुल्तानिया के अनुसार सीता-राम विवाह हमारे लिए अतीत का घटनाक्रम ही नहीं बल्कि जीवन में प्रतिपल प्रेरित होने का दिव्य सूत्र है और इस आयोजन में हम कोई कसर नहीं छोड़े रखना चाहते। राम विवाहोत्सव के दौरान जानकीमहल में फुलवारी की प्रस्तुति आकर्षण की सबब होती है। जानकीमहल के मुख्य आगार के सम्मुख स्थापित मनोहारी फुलवारी को जनकपुर की उस फुलवारी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। जहां त्रेता में श्रीराम और सीता का पहली बार आमना-सामना हुआ था। इस मौके पर रामनगरी के प्रतिनिधि चुनिंदा संत धर्माचार्य भी आमंत्रित होते हैं जो श्रीराम के प्रसंग का आस्वाद ही नहीं लेते बल्कि अपनी वेश-भूषा और ध्यानियों जैसी भाव-भंगिमा से श्रीराम के गुरु तथा संरक्षक-मार्गदर्शक के रूप में ऋषि विश्वामित्र की याद भी दिलाते हैं।जानकी महल के ट्रस्टी आदित्य सुल्तानियां बताते हैं कि यह स्थान किशोरी जी का मायका माना जाता है। राम जी को दूल्हा और किशोरी जी को बेटी मानकर वर्ष में एक बार जानकी महल की दहलीज विग्रह को पार कराया जाता है। बता दें कि गणेश भगवान को न्योता भेजकर विवाह उत्सव शुरू हो गया है।कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्टी दिलीप सुल्तानिया, नीता सुल्तानिया, अरुण सुल्तानिया समेत पूरा जानकी महल परिवार लगा हुआ है।

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