: श्रीलंका के सांसद लक्ष्मण नमल राजपक्षे ने रामलला का किया दर्शन
Fri, Feb 9, 2024
अयोध्या। श्रीलंका के सांसद लक्ष्मण नमल राजपक्षे शुक्रवार को अपनी पत्नी के सार्थ अयोध्या पहुंचे। महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया गया। इस बीच उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 500 वर्ष बाद भगवान राम लला के भव्य राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की गई है। उन्होंने कहा पहले भगवान राम टेंट में विराजमान थे, अब दिव्य और भव्य मंदिर में भगवान विराजमान हैं।उन्होंने कहा मुझे लगता है विश्व के सबसे बेहतरीन मंदिरों में राम मंदिर का पहला स्थान है। उन्होंने कहा भगवान राम से मिलने खुद लक्ष्मण आए हैं। बता दें कि सांसद लक्ष्मण नमल राजपक्षे श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति व पूर्व प्रधानमंत्री महिंद्रा राजपक्षे के पुत्र हैं।
: साकेत कला रामोत्सव के रूप में आयोजित हुई चित्रकला प्रदर्शन
Fri, Feb 9, 2024
अयोध्या। कामता प्रसाद सुंदरलाल साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय अयोध्या के चित्रकला विभाग में वार्षिक चित्रकला प्रदर्शनी “साकेत -कला रामोत्सव“ के रूप में आयोजित की गई। जिसका उद्घाटन प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्रीदीप कृष्ण वर्मा तथा राजकीय महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो लक्ष्मी कुमार मिश्र, साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अभय कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्रदर्शनी में राम तथा रामायण आधारित चित्रों को प्रदर्शित किया गया था जिसमें कम से कम सौ के आसपास चित्रों थें और यह प्रदर्शनी महाविद्यालय के चित्रकला विभाग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थी कलाकारों द्वारा चित्रित किया गया था।यह सभी चित्र एक्रेलिक रंग , तैल रंग , जल रंग तथा विभिन्न माध्यमों से कनवास ,कपड़े, कागज, प्लाई इत्यादि विभिन्न धरातलों पर तैयार किए गए । प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि में चित्रों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि साकेत महाविद्यालय के यह उभरते हुए कलाकार देश के बड़े कलाकार बनकर अयोध्या का नाम रोशन करेंगे। प्राचार्य श्री सिंह ने कलाकारों को आशीर्वचन देते हुए उनके भविष्य के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं दिया तथा उनकी कलात्मक प्रतिभा को और अधिक निखारने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डालते आशीर्वचन प्रदान किया ।कार्यक्रम की संयोजिका तथा विभागाध्यक्ष डॉ कुमुद सिंह ने प्रदर्शनी का संक्षिप्त परिचय देते हुए बताया कि मनुष्य जब चित्र सिरजता है या कोई भी कला रचना करता है तो उसे आनंद की अनुभूति होती है और इसी आनंद की अनुभूति में वह दूसरों को शामिल कर लेना चाहता है। प्राची,सपना, श्वेता, सौरभ, अतुल, अविनाश, प्रिया,पूर्वी, रविंद्र, प्रतीक्षा, अंजली, आरती, शुभी,निशा, आयुष, आकांक्षा, प्रीति, तान्या, रिंकू इत्यादि कलाकारों ने डॉ अम्बरीष कुमार श्रीवास्तव के दिशा निर्देशन में प्रदर्शनी में प्रतिभाग किया।इस अवसर पर डॉ बुशरा खातुन, डॉ पूनम जोशी, डॉ श्रृचा पाठक, डॉ उपमा वर्मा, अनामिका माथुर उपस्थिति रहीं।
: 2121 कुंडीय भव्य श्रीराम महायज्ञ में पड़ेगी सवा करोड़ आहुतियां
Wed, Feb 7, 2024
राममहायज्ञ में हवन कुंड में पड़ेगी 180 कुन्तल हवन सामग्री, 2121 यजमान सपत्नीक हवन कुंड में डालेंगे आहुतियां
अयोध्या के इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा यज्ञ होने जा रहा: आचार्य देवमुरारी बापू
अयोध्या। रामनगरी में श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर श्रीराम लला को प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में 2121 कुंडीय भव्य श्रीराम महायज्ञ का आयोजन 10 फरवरी से होगा शुरु। जिसका समापन 18 फरवरी को होगा। यह महायज्ञ श्रीराम को वंशज साकेतवासी यज्ञ सम्राट कनक बिहारी दस जी महाराज के शिष्य मध्य प्रदेश एवं सम्पूर्ण भारत वर्ष के रघुवंशी मिलकर करा रहे हैं। कार्यक्रम में जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामस्वरूपाचार्य जी महाराज कामदगिरि पीठाधीश्वर चित्रकूट के श्रीमुख से कथा की अमृत वर्षा होगी। महायज्ञ में सवा करोड़ राम महामंत्र की आहुतियां डाली जायेगी। परिक्रमा मार्ग स्थिति बड़ी छावनी के विशाल मैदान पर ऐतिहासिक कार्यक्रम की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। कार्यक्रम की शुरुआत में विशाल शोभायात्रा 10 फरवरी को मां सरयू के पावन तट से निकलेगी। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए यज्ञ समिति के सलाहकार आचार्य देवमुरारी बापू ने कहा कि यह विशाल यज्ञ 2121 कुंडीय भव्य श्रीराम महायज्ञ होगा।जिसमें हजारों रामभक्त शामिल होगें। उन्होंने कहा कि यह यज्ञ 10 फरवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू होगा, जो 18 फरवरी तक चलेगा। प्रथम दिन 10 फरवरी को 1100 कलश के साथ 5100 श्रद्धालुओं की संख्या में मुख्य यजमान सहित ब्राम्हण व सभी यजमान शामिल रहेंगे। कलश यात्रा नयाघाट से सरयू जल कलश में भरकर गाजे-बाजे के साथ यज्ञ स्थल पहुंचेगी। आचार्य देवमुरारी बापू ने बताया कि अयोध्या के इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा यज्ञ होने जा रहा है। यज्ञ में 9 दिन में 1 करोड़ 25 लाख आहूति दी जायेगी। यज्ञ में कुल आहूति 180 कुन्तल हवन सामग्री से कराई जायेगी। यज्ञ में यज्ञ आचार्य डॉ० प्रेमनाराराण शास्त्री काशी व अयोध्या के वेदो के ज्ञाता ब्राम्हणों द्वारा रामनाम महामंत्र द्वारा हवन कराया जायेगा। यज्ञ के मुख्य यजमान मुनिराज पटेल रहेंगे, जो मध्य प्रदेश के छिन्दवाड़ा जिले के हैं। यज्ञकर्ता महन्त उत्तराधिकारी श्यामदास जी व अधिकारी सखनदास छोटे बाबा है। यज्ञ के संरक्षक पूर्व मंत्री अजय सिंह हैं, जो गंजवासोदा मध्य प्रदेश के हैं। यज्ञ के मुख्य यजमान मुनिराज पटेल रहेंगे जो छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश के हैं। कार्यक्रम के मार्गदर्शक श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष व मणिरामदास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास जी हैं। यज्ञ के सहायक कथा वक्ता के रूप में आचार्य देवमुरारी बापू, रामकिशोर दास वाल व्यास है।