: गर्भगृह में विराजित हुई रामलला की नई प्रतिमा
Thu, Jan 18, 2024
प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही मिल सकेंगे दर्शन
अयोध्या। भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला की नई प्रतिमा विराजित हो गई है। हालांकि इसे अभी देखा नहीं सकेगा। 22 जनवरी को प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हो जाने के बाद ही उस दिव्य और विराट मूर्ति के दर्शन हो सकेंगे। बुधवार को देर शाम वह प्रतिमा मंदिर परिसर लाई गई थी। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का विधिवत कर्मकांड गुरुवार को गणेश पूजन के साथ शुरू हो गया है। शुभ मुहूर्त में दोपहर 1ः20 बजे गणेश पूजन के साथ प्राण प्रतिष्ठा के पूजन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं बुधवार को रामजन्मभूमि परिसर पहुंचे रामलला को अपने आसन पर विराजमान कर दिया गया है। गर्भगृह में कमल की आकृति वाले संगमरमर के सिंहासन पर रामलला की अचल मूर्ति को वैदिक आचार्यों ने विधिविधान पूर्वक विराजित कर दिया है। पूजन के क्रम में सबसे पहले गणेश अंबिका पूजन फिर वरुणपूजन, चतुर्वेदोक्त पुण्याहवाचन, मातृकापूजन, वसोर्धारापूजन (सप्त घृत मातृका पूजन) हुआ। इसके बाद आयुष्य मंत्रजप, नांदीश्राद्ध, आचार्यादिचऋत्विग्वरण, मधुपर्कपूजन हुआ। इसके बाद पूजन के लिए बनाए गए मंडपों की पूजा की गई। इसके लिए मंडपप्रवेश, पृथ्वी- कूर्म- अनंत- वराह-यज्ञभूमि-पूजन, दिग्ररक्षण, पञ्चगव्य - प्रोक्षण, मंडपाङ्ग की विधि पूरी की गई। इसके साथ ही वास्तुपूजन, वास्तु बलिदान, मंडप सूत्रवेष्टन, दुग्ध- धारा, जलधाराकरण की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इसके बाद षोडशस्तंभ पूजन व मंडपपूजा के क्रम में मंदिर के तोरण, द्वार, ध्वज, आयुध, पताका, दिक्पाल, द्वारपाल की पूजा की गई। इसके बाद रामलला की अचल मूर्ति का जलाधि वास,गंधाधिवास कराया गया है। शाम को पहली बार अचल मूर्ति की आरती भी वैदिक आचार्यों ने उतारी है। मुख्य यजमान डॉ़ अनिल मिश्र ने पहले दिन की पूजन प्रक्रिया संपन्न कराई। पूजन के दौरान श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी मौजूद रहे।
: जैन मंदिर में रामभक्तों के लिए भण्डारा चल रहा है
Thu, Jan 18, 2024
प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर वात्सल्य भोज का आयोजन
अयोध्या। श्री भगवान ऋषभदेव जन्मभूमि दिगम्बर जैन मन्दिर रायगंज में 15 फरवरी से 24 फरवरी तक भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के अन्तर्गत जैन समाज के द्वारा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आए हुए समस्त भक्तगणों के लिए प्रातः 11 बजे से लेकर सायं 4 बजे तक भण्डारे का आयोजन हो रहा है। जिसमें सभी प्रकार के भक्तगण आकर के वात्सल्य भोजन ग्रहण कर रहे हैं। इस मध्य में लगभग 2 हजार से लेकर 5 हजार तक के भक्तगणों के लिए भोजन की व्यवस्था है। इस अवसर पर अनेक प्रांतों, नगरों व गाँवों से लोग पधार रहे हैं। राम मन्दिर प्राण प्रतिष्ठा में आने वाले भक्तों अत्याधिक उत्साह कार्यक्रम के प्रति दिख रहा है जिसमें सभी सम्प्रदाय के लोग उत्साह पूर्वक पधार रहे हैं।
अयोध्या तीर्थ कमेटी के मंत्री विजय कुमार ने बताया है कि प्रतिदिन 5 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था कमेटी की ओर से की गई है जिसमें पूडी, हलवा, चावल, कढ़ी आदि की गर्मागरम भोजन की व्यवस्था की गई है। इस कड़कती सर्दी में लोगों को स्वादिष्ट एवं गरमा गरम भोजन का आनन्द आ रहा है। प्रत्येक भोजन करने वाला अपने आप में तृप्त हो रहा है। पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी के कुशल नेतृत्व में यह कार्यक्रम चल रहा है एवं परमपूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी, प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती माताजी रायगंज दिगम्बर जैन मन्दिर में विराजमान हैं। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कमेटी के 6 पदाधिकारियों को निमंत्रण प्राप्त हुआ है जो 22 जनवरी को कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे एवं जैन समाज की ओर से प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएँ हैं। इस मंगलमयी कार्यक्रम अनेक प्रांतों से जैन श्रद्धालु आदि सम्मिलित हो रहे हैं। जिनकी सूचना प्रतिदिन प्राप्त हो रही है।
: रामकथा भगवान के लीला, चरित्र, गुणों की गाथा है: रामानन्दाचार्य
Thu, Jan 18, 2024
कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह रामकथा में हुए शामिल, संतों का लिया आशीर्वाद, व्यासपीठ का किये पूजन
हरिधाम गोपाल पीठ में नारायण सेवा संस्थान के तत्वावधान में चल रही श्रीराम कथा
भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के साथ मंदिर में वैदिक आचार्यों द्धारा होगा भगवान शिव का भी प्राण प्रतिष्ठा
अयोध्या। रामनगरी के हरिधाम गोपाल पीठ में श्री रामकथा महोत्सव व शिव प्राण प्रतिष्ठा का उल्लास अपने चरम पर है। व्यासपीठ से श्री रामकथा की अमृत वर्षा जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी के श्री मुख से हो रहा है। कथा के द्धितीय दिवस में रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि राम कथा तन-मन को पवित्र कर उज्ज्वल करने के साथ-साथ जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है। श्री रामकथा का महत्व हमेशा से है और आगे भी रहेगा। यह भगवान के लीला चरित्र गुणों की गाथा है। इसके श्रवण और कथन के प्रति हमेशा एक नवीनता का भाव बना रहता है। पूज्य महाराज जी ने कहा कि किसी आम व्यक्ति के जीवन चरित्र को एक दो या चार बार सुनने के बाद उसके प्रति उबन पैदा हो जाता है लेकिन यह भगवान की कथा है सत्य की कथा है इस नाते हमेशा कुछ न कुछ नया लगता है। इसे बार-बार कहने एवं सुनने की इच्छा हमेशा बनी रहती है।
महोत्सव में आज कैसरगंज के लोकप्रिय सांसद बृजभूषण शरण सिंह शामिल हुए। सांसद जी ने व्यासपीठ का पूजन भी किया। सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि भगवान राम लक्ष्मण भरत और शत्रुघन के चरित्र में प्रदर्शित त्याग और तपस्या की बातों को निरंतर श्रवण करते रहने से सुनने वाले के अंदर भी ऐसे ही महान गुणों का समावेश हो जाता है। हमेशा भगवान की कथा सुननी चाहिए हर घर में रामचरित मानस हो तथा नित्यदिन इसको पढ़े व लोगों को श्रवण कराएं। कार्यक्रम का संचालन कर रहे आचार्य रमेश शास्त्री ने कहा कि हनुमान जी को रामनाम प्रिय है जहां भी रामकथा होती है वहां वे कथा सुनने आते हैं। हनुमान जी के हृदय में श्रीराम का निवास है। भगवान कभी जन्म नही लेते है हमेशा अवतार होता है। कार्यक्रम के व्यवस्थापक गौरव शास्त्री ने सभी का स्वागत किया। यह महोत्सव नारायण सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित किया गया है। अयोध्या में भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के साथ हरिधाम गोपाल पीठ मंदिर में वैदिक आचार्यों द्धारा भगवान शिव का भी प्राण प्रतिष्ठा किया जा रहा है। कथा व्यास का पूजन यजमान ने किया।इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि सोनू सिंह, जेडी सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।