: नामधारी सिखों ने अयोध्या में अपने आराध्य सतगुरु राम सिंह जी का मनाया प्रकाशोत्सव
Wed, Feb 14, 2024
हम नामधारी सिख सतगुरू राम सिंह जी को भगवान रामचंद्र जी का अवतार मानते हैं: सतगुरु दलीप सिंह
अयोध्या। नामधारी पंथ के संस्थापक, स्वतंत्रता संग्राम के आरंभक, महान क्रांतिकारी सतगुरु राम सिंह जी का प्रकाशोत्सव, नामधारी संगत ने रामनगरी अयोध्या में शोभा यात्रा निकाल कर राम मंदिर में दर्शन करके मनाया। क्योंकि, नामधारी सिख, सतगुरु राम सिंह जी को भगवान रामचन्द्र जी का ही रूप मानते हैं। इस अवसर पर सतगुरु राम सिंह जी के वंशज, वर्तमान नामधारी मुखी, सतगुरु दलीप सिंह ने संदेश के माध्यम से, गुरुवाणी के प्रमाण दे कर भगवान रामचंद्र जी तथा सिख गुरु साहिबान को एक ही रूप सिद्ध किया। "त्रेते सतिगुर राम जी रारा राम जपे सुख पावै" तिन बेदीयन की कुल बिखै प्रगटे नानक राए"; इत्यादि पंक्तियों के आधार पर भगवान रामचंद्र जी हमारे 'सतगुरु' तथा सिख गुरु साहिबान के पूर्वज हैं। वर्तमान नामधारी सतगुरु जी ने बताया कि सतगुरु राम सिंह जी का आदेश है "सभी को विद्या दान दीजिए। क्योंकि, विद्या दान सर्वोत्तम दान है"। इस कारण, उन्होनें सभी से विनती की "सभी भारतीय प्रतिदिन आधे घंटे के लिए अपने अनपढ़ भाई, बहनों, बच्चों को पढ़ाना आरंभ कीजिए। ऐसा करने से, दो वर्ष में ही पूरा भारत वर्ष साक्षर हो जाएगा"।
हरदीप सिंह 'राजा' ने बताया कि सतगुरु राम सिंह जी ने 1857 की वैसाखी पर खालसा पंथ की पुनर्स्थापना करके, सतगुरु गोबिन्द सिंह जी की शिक्षा दे कर; देश तथा धर्म की रक्षा की भावना को दृढ़ करवाया। गुरु जी ने 1857 के गदर से पहले 'नामधारी सिख' संप्रदाय ('कूका आंदोलन') की नींव रखी। गुरु जी ने सर्वप्रथम अंग्रेजी वस्तुओं का बहिष्कार किया, जिस की 50 साल बाद गांधी जी ने नकल की। सतगुरु राम सिंह जी ने अंग्रेजी सरकार के समानांतर अपनी सरकार बनाई। नेपाल और कश्मीर में 'कूका रेजीमेंट' बना कर अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध की तैयारी की। अंग्रेजों को भारत से निकालने के लिए रूस के साथ संबंध स्थापित किए। गुरू जी की प्रेरणा से हजारों नामधारी सिखों ने देश की स्वतंत्रता हेतु महान बलिदान दिए। उन्होंने बताया कि सतगुरु राम सिंह जी ने सर्वप्रथम ऐसे सामाजिक-धार्मिक कार्य आरंभ किये, जो पूरे विश्व में पहले किसी ने भी नहीं किए थे। जैसे: विवाह के लिए न्यूनतम 18 वर्ष की आयु निर्धारित करके बाल विवाह बंद किए। स्त्रियों के सुख, सत्कार तथा सुरक्षा के लिए विधवा विवाह करवाना आवश्यक किया। सिख पंथ में पहली बार, जून 1863 को स्तियों को अमृत पान करवाया और आनंद कारज की मर्यादा आरंभ की। सादे सस्ते बिना किसी खर्चे के अन्तर्जातीय विवाह आरंभ करवाए। दहेज लेना-देना सख्ती से मना किया। लड़कियां बेचना, लड़कियां मारना सख्ती से बंद किया। माता हुकमी जी को सूबा' (गवर्नर) की पदवी दे कर; स्त्री जाति को समाज में उच्च स्थान दिया। वर्णन योग है: सिख जगत में से पूर्ण रूप से केवल नामधारी संप्रदाय (सतिगुरु दलीप सिंह जी के नेतृत्व वाला गुट) ही खुलकर राम मंदिर के समर्थन में आया है। सतगुरु दलीप सिंह जी बहुत वर्षों से प्रत्येक स्थान पर अपने भाषणों तथा वीडियो संदेश के माध्यम से खुल कर राम मंदिर का समर्थन कर रहे हैं। नामधारी सिख पिछले कई वर्षों से जन्म स्थान अयोध्या में आ कर ही रामनवमी मना रहे हैं। राम मंदिर उद्घघाटन के उपलक्ष्य में नामधारी सिखों ने अयोध्या में पिछले एक महीने से लंगर लगाया हुआ है और आगे भी लंगर चलता रहेगा। शोभा यात्रा दौरान पूज्य बिहारी दास जी, श्री महंत परशुराम दास जी एवं अन्य हिन्दू संतजन विशेष रूप से शामिल हुए तथा इन संतजनों ने भी सतगुरु राम सिंह जी की शोभा में कीर्तन किया। इस मौके पर सूबा अमरीक सिंह, सूबा रतन सिंह, मुख्तियार सिंह यू पी, जसवीर सिंह, रतनदीप सिंह, सुखराज सिंह, सिमरनजीत कौर, राजपाल कौर, शिखा सोनी, अंजली जैसवाल, बलविंदर कौर, दलजीत कौर, परमजीत कौर, नीना कौर आदि भी उपस्थित थे।
: श्रीराम महायज्ञ में राम मंत्रों के साथ पड़ रही आहुतियां
Tue, Feb 13, 2024
यज्ञ से उठने वाला पवित्र धुंआ वायुमंडल में वातावरण शुद्ध व देवताओं को प्रसन्न करता है: देव मुरारी
अयोध्या। भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पावन अवसर पर रामनगरी के परिक्रमा मार्ग स्थित बड़ी छावनी की बगिया में रघुवंशी समाज द्धारा भव्य 2121 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ में रविवार से आहुतियां पड़ना प्रारंभ हो गया है। प्रधान बेदी पर मुख्य यजमान मुनिराज पटेल ने पत्नी सहित हवन करना प्रारंभ किया। काशी से यज्ञ में पहुंचे यज्ञ आचार्य डॉ. प्रेम नारायण शास्त्री ने वेदों मंत्रोच्चार संग हवन करना प्रारंभ किया। बेदी पर मुख्य अजमान संग यज्ञ सलाहकार आचार्य देवमुरारी बापू द्वारा अधिष्ठात्री देवी-देवताओं का आहवाहन किया गया, जिससे यज्ञ में पड़ने वाली आहुतियां से उठने वाला धुआं देवताओं तक पहुंचे। आचार्य देवमुरारी बापू ने कहा यज्ञ से उठने वाला पवित्र धुंआ वायुमंडल में जहां तक जाता है। वातावरण शुद्ध होता है एवं देवताओं को प्रसन्न करने का कलयुग में इससे अच्छा और कोई साधन नहीं बताया गया है। यज्ञ साक्षात भगवान विष्णु का स्वरूप होता है। यदि भगवान विष्णु प्रसन्न हुए तो भगवान विष्णु समस्त सृष्टि के पालन करता है, जिससे समस्त ब्रह्मांड के जीव को पुष्टि करने में सहायक होते हैं। यज्ञ में सभी यजमानों ने क्रम से वेद मंत्रों के द्वारा हवन किया। प्रमुख रूप से मध्य प्रदेश से पहुंचे यजमानों में चक्रपाल सिंह, प्रधान यजमान मुनिराज पटेल, कपिल सिंह रघुवंशी, दान सिंह रघुवंशी आदि समेत 2121 यजमान जोड़ों ने एक साथ प्रातः काल से हवन करना प्रारंभ किया, जिससे अयोध्या का वातावरण और ईश्वर कृपा के लिए विश्व कल्याण की भावना से हवन किया।
: अखिलेश के बनायें स्थल पर गूज रहा रामोत्सव का भजन
Mon, Feb 12, 2024
भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के साथ जीवंत हो उठा रामनगरी का भौगोलिक धरातल
समाजवादी पार्टी के कार्यों का महानीय योगदान रहा अयोध्या में
अयोध्या के विकास में समाजवादी पार्टी सरकार नींव की ईट है
अयोध्या। अयोध्या धाम में भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा होते है अयोध्या में आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा। चारों तरफ जय श्री राम के गगनभेदी नारे गूज रहें है। अयोध्या के रामपथ, भक्ति पथ, धर्म पथ व रामजन्मभूमि पथ के अलावा गलियों में भी रामभक्तों का जमावड़ा है। हर कोई अपने आराध्य के दर्शन करने को लालायित दिख रहें है। ऐसा प्रतीत हो रहा कि मानों समूचा भारत ही अयोध्या के लिए उमड़ पड़ा। केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार ने अयोध्या के लिए खजाने का द्धार खोल दिया और लगातार विकास के कार्य अयोध्या को संजाने व सवारने के लिए किये। रोड़ चौड़ीकरण, प्रवेश द्धार, लाइटिंग, राम की पैड़ी सहित तमाम कार्य मोदी योगी सरकार ने किये,लेकिन इस विकास की इबादत समाजवादी सरकार के युवा नेता अखिलेश यादव ने शुरु किया था। अखिलेश यादव के बनाये भजन स्थन पर लगातार नित्य रामलीला व रामोत्सव का कार्यक्रम हो रहा है। यहां पर कार्यक्रम करने वाले कलाकार दबी जुबान अखिलेश यादव की तारीफ करते नही थकते। तो घाटों पर महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए चेंजिंग रूम का निर्माण व पूरे परिक्रमा मार्ग का सौंदर्यीकरण व वृक्षारोपण समाजवादी सरकार ने कराया था। राम की पैड़ी का भी सौंदर्यीकरण अखिलेश की सरकार ने शुरु कराया था जिसका योगी सरकार ने और भी भव्य रुप प्रदान किया।
22 जनवरी को भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होते ही पूरी अयोध्या राममय हो गई चारों तरफ लोग नाच गा रहें तो राजनीतिक लोग इस व्यवस्था को कैश कराने में लग गये भाजपा ने तो पूरी प्लानिंग ही कर लिया पूरे देश से लगातार संघ,विहिप व भाजपा के लोगों को अयोध्या लाकर रामलला का दर्शन कराने की जोरदार व्यवस्था की गई है जो 28 जनवरी के बाद से लगातार जारी है। इस योजना के तरह उनके आने जाने ठहरने व खाने की समुचित व्यवस्था भाजपा के स्थानीय नेताओं द्धारा किया गया है। अगर देखा जाये तो पूरी भाजपा रामके सहारे एक बार फिर चुनावी बैतरणी पार करने में लग गई है। भाजपा अपने कामों को ढ़का लगा कर पीठ रही है लेकिन अखिलेश यादव के कार्यों को इग्नोर भी नही किया जा सकता। अयोध्या वासी साधु संत व आमजन भी ये बात करते है कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने हमेशा विकास किया है। अयोध्या के विकास में समाजवादी पार्टी सरकार नींव की ईट है।