: सियाराम किला में बह रही नवाह्न परायण पाठ की रसधार
Thu, Apr 11, 2024
16 से भव्य श्री राम कथा का होगा शुभारंभ, व्यासपीठ से सियारामकिला झुनकी घाट के अधिकारी प्रख्यात कथावाचक प्रभंजनानन्द शरण कथा की करेंगे अमृत वर्षा
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री सियाराम किला झुनकी घाट में राम जन्मोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। मंदिर में नवाह पाठ बधाइयां गायन का क्रम जारी है। सियाराम किला में रामजन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। मंदिर में श्रीराम चरित मानस नवाह परायण पाठ का आयोजन किया गया। इसमें प्रतिदिन रामायण पाठ, भजन-कीर्तन से भक्तजन भाव विभोर हो रहे हैं। चैत्र रामनवमी में रामायण ग्रंथ का पाठ करने से अनेक कामनाएं पूरी होने के साथ जन्म जन्मांतरों के पाप से मुक्ति भय रोग आदि सभी दूर हो जाते हैं।यह कहना है रामनगरी के सियाराम किला के महंत करुणानिधान शरण महाराज का है। मंदिर में चैत्र रामनवमी के पावन अवसर पर नवाह्न पारायण पाठ का दिव्य आयोजन किया गया है। तो वही 16 से भव्य श्री राम कथा महोत्सव का आयोजन है जिसमे व्यासपीठ से सियारामकिला झुनकी घाट के अधिकारी प्रख्यात कथावाचक प्रभंजनानन्द शरण कथा की अमृत वर्षा करेंगे।
महंत करुणानिधान शरण जी ने कहा कि अयोध्या जी का प्रसिद्ध मेला है चैत्र रामनवमी हमारे आराध्य के जन्म महोत्सव का उत्सव हम लोग बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते है।भगवान रामलला अपने निज भवन में विराजमान हो गयें है इसलिए इस बार हम सब ये उत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मना रहे है। मंदिर में भगवान का भव्य जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। 51 वैदिक आचार्य नवाह्न पाठ कर रहे है। महंत करुणानिधान शरण महाराज ने कहा कि श्रीरामचरित मानस की चौपाईयों का पाठ करने से मनुष्य जीवन में आने वाली अनेक समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। वैसे तो कहा जाता है की रामनवमी के समय रामायण का पाठ करने से हर तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति हो जाती है।
: ‘अटल‘ के लीड कलाकारों ने किया रामलला का दर्शन पूजन
Tue, Apr 9, 2024
नेहा जोशी और आशुतोष कुलकर्णी ने रामनवमी उत्सव से पहले पहुंचे अयोध्या
प्रेसवार्ता करती नेहा जोशी और आशुतोष कुलकर्णी
अयोध्या। राम नवमी सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है और इस दिन भगवान राम के जन्म का उत्सव मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में अत्यधिक धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखती है। इस साल अयोध्या में श्रीराम का जन्मोत्सव काफी धूमधाम के साथ मनाये जाने की उम्मीद है, क्योंकि हाल ही में यहां पर भव्य राम मंदिर का उद्घाटन हुआ, जो आस्था, समर्पण, सांस्कृतिक विरासत एवं वास्तुशिल्प कौशल का प्रतीक है। विश्व विख्यात राम मंदिर की भव्यता को निहारने और राम नवमी के भव्य उत्सव को लेकर शहर की तैयारियों को देखने के लिये एण्डटीवी के शो ‘अटल‘ के प्रमुख कलाकारों कृष्णा देवी वाजपेयी (नेहा जोशी) और कृष्ण बिहारी वाजपेयी (आशुतोष कुलकर्णी) ने पहली बार अयोध्या की यात्रा की। यह एक यादगार पल था, जिसने उन्हें अपने आध्यात्मिक सफर को प्रदर्शित करने और उत्सव से पहले राम लला का आशीर्वाद लेने में सक्षम बनाया।
नेहा जोशी ऊर्फ एण्डटीवी के ‘अटल‘ की कृष्णा देवी वाजपेयी ने अपने रोमांच और अनुभव के बारे में बताते हुये कहा, ‘‘राम मंदिर जाने के सिर्फ विचार ने ही मेरे मन को आभार एवं समर्पण की भावना से भर दिया था। भगवान राम का भक्त होने के नाते, अयोध्या जाने और मंदिर में दर्शन करने का मौका पाना, मेरे लिये किसी सपने के सच होने जैसा था। राम लला की पावन मूर्ति के सम्मुख खड़े होना एक ऐसा अनुभव था, जिसे मैं कभी भुला नहीं पाऊंगी। मैं वाकई अवाक् एवं भावुक थी। मैंने जैसे ही राम लला का मनभावन मुखड़ा देखा, मेरी आंखों में खुशी के आंसू उमड़ पड़े। जब राम लला के सामने खड़े होकर मैंने प्रार्थना की और आशीर्वाद मांगा, तो उनकी मूर्ति को देखना मेरे लिए असंभव हो गया। वह मानो किसी दूसरी दुनिया से अवतरित, दिव्य प्रतीत हो रही थी। उस पावन पल में मुझे एक गहरी शांति और सुकून की अनुभूति हुई, जिसने समर्पण और विनम्रता के भावों को जगाते हुए मुझमें आत्मसमर्पण का भाव उत्पन्न किया। मैंने हमारे शो की निरंतर कामयाबी और साथ ही अपने प्रियजनों की कुशलता के लिये प्रार्थना की। हम जैसे ही वहां से निकलने के लिये तैयार हुये, पूरा माहौल जय श्री राम के मंत्रों से गूंज उठा और राम नवमी के उपलक्ष्य में चल रहे उत्सवों की खुशी से भर गया। कुछ भक्त हमारे पास भी आ गये और उन्होंने हमारे शो और इसके किरदारों के प्रति अपना प्यार जताया। उनका यह व्यवहार दिल को छू लेने वाला था और वाकई में हम खुद को खुशकिस्मत मानते हैं, कि हमें यह सौभाग्य मिला। यह आध्यात्मिक यात्रा मेरे हृदय और आत्मा पर एक अमिट छाप छोड़ गई, जिसने मुझे आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बना दिया।‘‘पहली बार राम मंदिर में आने के अपने अनुभव बताते हुये आशुतोष कुलकर्णी ऊर्फ कृष्ण बिहारी वाजपेयी ने कहा, ‘‘राम नवमी पूरे देश और दुनिया भर में बेहद उत्साह एवं समर्पण के साथ मनाई जाती है। हालांकि, खासतौर से अयोध्या में राम नवमी का उत्सव का उत्साह राम मंदिर के शुभारंभ के साथ बेहद भव्य था। मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि राम नवमी उत्सव से पहले मुझे राम मंदिर जाकर भगवान राम का आशीर्वाद लेने और यहां की भव्य तैयारियों को देखने का मौका मिला। यह वाकई में प्रेरणादायक और अद्भुत अनुभव था। मंदिरों की कलात्मक वास्तुकला ने मुझे हमेशा ही चैंकाया है और राम मंदिर इसमें पीछे नहीं था। मंदिर परिसर में कदम रखते ही मेरे अंदर समर्पण की गहरी भावना जागृत हो गई। ‘जय श्री राम‘ के खूबसूरत मंत्रोच्चार में मैं डूब गया। जब मैं गर्भगृह के निकट पहुंचा, तो राम लला की दिव्य मूर्ति के दर्शन हुए, जो भगवान राम के शाश्वत ब्रह्मांडीय प्रकाश का प्रतीक है। इस दृश्य ने मुझे श्रद्धा से नतमस्तक कर दिया। वेद मंत्रों के लयबद्ध उच्चारण और अगरबत्ती की सुगंध ने उस पवित्र वातावरण को और भी गहरा कर दिया, जिससे मेरा ईश्वर से संबंध और भी मजबूत हुआ। भक्तों के साथ ‘जय श्री राम‘ का मंत्रोच्चार करना एक खूबसूरत पल था, जो मुझे हमेशा याद रहेगा। यह एक बेहद खूबसूरत और यादगार अनुभव था। मंदिर से वापस लौटते समय मैंने अपने परिवार वालों और दोस्तों के लिये मिठाईयां एवं प्रसाद लिये।‘‘
: राम जन्मोत्सव का हुआ आगाज, रामकथाओं से गुलजार हुई रामनगरी
Tue, Apr 9, 2024
चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी के राज महल बड़ा स्थान में राम जन्मोत्सव पर रामकथा महोत्सव का हुआ शुभारंभ
विंदुगाद्याचार्य महान्त श्रीदेवेन्द्रप्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता व मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास के संयोजन में मनाया जा रहा उत्सव
अयोध्या। रामनगरी का ऐतिहासिक मेला चैत्र रामनवमी आज से शुरू हो गया। रामनगरी के मठ मंदिर अपने आराध्य के जन्म महोत्सव का आनंद लेने के लिए तैयार है। मंदिरों में चारों तरह मंगल ध्वनि मे भगवान राम के चरित्र का गुणगान व नवाह्न पारायण पाठ का शुभारंभ हो गया।
श्रीराम लला के जन्मोत्सव पर चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी के राजमहल में बड़ा स्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज के सानिध्य नौ दिवसीय श्रीराम कथा का हुआ शुभारंभ। कथा के प्रथम दिवस की बेला में व्यासपीठ से श्री राम कथा डा रामानन्द दास जी ने प्रभु श्री राम के नाम की महिमा और उनके चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम जी का चरित्र ,जीवन में संयम से प्रारंभ होता है और समाज में संयम धारण करने का संदेश देता है और प्रभु के श्री श्री राम जप से ही मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है और प्रभु के धाम में उनकी शरणागति प्राप्त होती है। कथा के शुभारंभ में स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य महाराज ने आरती उतारी और कहां कि प्रभु श्री राम की लीला श्रवण से ही मनुष्य ही नहीं चराचर ब्रह्म में विराजमान सभी लोग मुक्त हो जाते हैं और कथा उनके चित्त को निर्मल कर देती है इसलिए भगवान के जन्मोत्सव पर तो उनके लीलाओं का गुणगान अवश्य ही सभी को कथा में सुननी चाहिए जिससे उसका जीवन धन्य हो जाए। इस अवसर पर कथा श्रवण के लिए पधारे सभी संतो महंतों अतिथियों का श्री महाराज जी के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु राम भूषण दास ने स्वागत किया। श्री राम कथा के विश्राम बेला पर रामायण जी की आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्येजय शरण, जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, महंत जनार्दन दास सहित कई विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर नंदकुमार मिश्र पेड़ा महाराज,संत दास सहित सैकड़ों संत महंत उपस्थित रहे।