: श्रीराम महायज्ञ में राम मंत्रों के साथ पड़ रही आहुतियां
बमबम यादव
Tue, Feb 13, 2024
यज्ञ से उठने वाला पवित्र धुंआ वायुमंडल में वातावरण शुद्ध व देवताओं को प्रसन्न करता है: देव मुरारी
अयोध्या। भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पावन अवसर पर रामनगरी के परिक्रमा मार्ग स्थित बड़ी छावनी की बगिया में रघुवंशी समाज द्धारा भव्य 2121 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ में रविवार से आहुतियां पड़ना प्रारंभ हो गया है। प्रधान बेदी पर मुख्य यजमान मुनिराज पटेल ने पत्नी सहित हवन करना प्रारंभ किया। काशी से यज्ञ में पहुंचे यज्ञ आचार्य डॉ. प्रेम नारायण शास्त्री ने वेदों मंत्रोच्चार संग हवन करना प्रारंभ किया। बेदी पर मुख्य अजमान संग यज्ञ सलाहकार आचार्य देवमुरारी बापू द्वारा अधिष्ठात्री देवी-देवताओं का आहवाहन किया गया, जिससे यज्ञ में पड़ने वाली आहुतियां से उठने वाला धुआं देवताओं तक पहुंचे। आचार्य देवमुरारी बापू ने कहा यज्ञ से उठने वाला पवित्र धुंआ वायुमंडल में जहां तक जाता है। वातावरण शुद्ध होता है एवं देवताओं को प्रसन्न करने का कलयुग में इससे अच्छा और कोई साधन नहीं बताया गया है। यज्ञ साक्षात भगवान विष्णु का स्वरूप होता है। यदि भगवान विष्णु प्रसन्न हुए तो भगवान विष्णु समस्त सृष्टि के पालन करता है, जिससे समस्त ब्रह्मांड के जीव को पुष्टि करने में सहायक होते हैं। यज्ञ में सभी यजमानों ने क्रम से वेद मंत्रों के द्वारा हवन किया। प्रमुख रूप से मध्य प्रदेश से पहुंचे यजमानों में चक्रपाल सिंह, प्रधान यजमान मुनिराज पटेल, कपिल सिंह रघुवंशी, दान सिंह रघुवंशी आदि समेत 2121 यजमान जोड़ों ने एक साथ प्रातः काल से हवन करना प्रारंभ किया, जिससे अयोध्या का वातावरण और ईश्वर कृपा के लिए विश्व कल्याण की भावना से हवन किया।
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