: अयोध्या की रामलीला का भूमि पूजन 22 अगस्त को
Sun, Aug 17, 2025
*अयोध्या की रामलीला का भव्य आयोजन*अयोध्या की रामलीला का भूमि पूजन 22 अगस्त कोकेवट की भूमिका में भोजपुरी के सुपरस्टार सांसद रवि किशन तो बाली की भूमिका में सांसद मनोज तिवारी होगेंअयोध्या की प्रतिष्ठित रामलीला का आयोजन इस वर्ष भी धूमधाम से किया जा रहा है। इस आयोजन का भूमि पूजन 22 अगस्त को अयोध्या के माननीय महापौर श्री गिरीशपति त्रिपाठी जी द्वारा किया जाएगा।*रामलीला के मुख्य कलाकार*इस बार की रामलीला में कई बड़े और जाने-माने कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इनमें शामिल हैं:- केवट की भूमिका में भोजपुरी के सुपरस्टार गोरखपुर के सांसद रवि किशन
- बाली की भूमिका में माननीय सांसद मनोज तिवारी, भोजपुरी के सुपरस्टार
- भगवान राम की भूमिका में Buchar
- माँ सीता की भूमिका में अर्चना
- लक्ष्मण की भूमिका में राजन मोदी
- परशुराम की भूमिका में पुनीत ईश्वर
- नारद मुनि की भूमिका में राजेश पुरी
- हनुमान जी की भूमिका में कृष्ण
- राजा दशरथ की भूमिका में राकेश बेदी
- कुंभकरण की भूमिका में विनय सिंह
- रावण की भूमिका में मनीष शर्मा (क्राइम पेट्रोल वाले)
- मेघनाथ की भूमिका में रजा मुराद, बॉलीवुड के बड़े कलाकार
- विभीषण की भूमिका में अवतार गिल
- और कई अन्य प्रमुख कलाकार।*रामलीला के बारे में*अयोध्या की रामलीला हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी एक भव्य आयोजन होगा, जिसमें भगवान राम की कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।*सातवाँ संस्करण*यह आयोजन अयोध्या की रामलीला का *सातवाँ संस्करण* होने जा रहा है, जो विश्व की सबसे बड़ी रामलीला है और जिसने अभी तक सारे रिकॉर्ड तोड़े हुए हैं। पिछले वर्ष पैंतालीस करोड़ से ज्यादा राम भक्तों ने अपने घरों में बैठकर अयोध्या की रामलीला को देखा था। अयोध्या की रामलीला के फाउंडर अध्यक्ष सुभाष मलिक और महासचिव शुभम मलिक ने बताया कि यह सब राम भक्तों के आशीर्वाद और अयोध्या वासियों के सहयोग और साधु संतों के आशीर्वाद से होता है।*लाइव प्रसारण*अयोध्या की रामलीला के फाउंडर अध्यक्ष सुभाष मलिक और फाउंडर महासचिव शुभम मलिक ने बताया कि रामलीला का लाइव प्रसारण 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अयोध्या की रामलीला के यूट्यूब पेज पर और दूरदर्शन पर राम कथा पार्क से किया जाएगा। आप सभी से अनुरोध है कि इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनें और भगवान राम की कथा का आनंद लें।*आशीर्वाद और सहयोग*अयोध्या की रामलीला का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग और संस्कृति मंत्रालय उत्तर प्रदेश और मंत्री संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह जी के सहयोग से और उनके आशीर्वाद से होता है।
: उत्तर तोताद्रिमठ के कमलाकांताचार्य महाराज को संतों ने किया नमन
Tue, Aug 12, 2025
उत्तर तोताद्रिमठ के कमलाकांताचार्य महाराज को संतों ने किया नमनगुरुदेव गौ, संत सेवी होने के साथ-साथ विलक्षण प्रतिभा के धनी संत रहे: स्वामी अनंताचार्यश्रीमज्जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी अनंताचार्य महाराज एवं मैनेजिंग ट्रस्टी केशव नारायण दूबे द्वारा पधारे हुए संत-महंत, धर्माचार्य, विशिष्टजनों का स्वागत-सत्कार किया गयाअयोध्या। रामनगरी में रामानुज संप्रदाय की प्रतिष्ठित पीठ उत्तर तोताद्रिमठ, विभीषणकुंड के पूर्वाचार्य योगिराज बालब्रह्मचारी स्वामी कमलाकांताचार्य महाराज को संतों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अवसर उनकी 11वीं पुण्यतिथि महोत्सव का रहा। जो मठ में निष्ठापूर्वक मनाई गई। संतों ने उन्हें श्रद्धा से याद किया। सोमवार को मठ प्रांगण में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में अयोध्याधाम के विशिष्ट संत-महंत एवं धर्माचार्यों ने स्वामी कमलाकांताचार्य के चित्रपट पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। साथ ही साथ उनके कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और अपनी-अपनी वाक पुष्पांजलि अर्पित की। इससे पहले मठ में विराजमान लक्ष्मी वेंकटेश भगवान का सुबह दिव्य श्रृंगार किया गया। उसके बाद विविध पकवानों का भोग लगाकर पूजन अर्चन, आरती हुआ। पुण्यतिथि महोत्सव पर संत-महंत, धर्माचार्य, विशिष्टजन व मठ से जुड़े शिष्य-अनुयायी, परिकरों ने प्रसाद ग्रहण किया। उत्तर तोताद्रिमठ के वर्तमान पीठाधीश्वर श्रीमज्जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी अनंताचार्य महाराज एवं मैनेजिंग ट्रस्टी केशव नारायण दूबे द्वारा पधारे हुए संत-महंत, धर्माचार्य, विशिष्टजनों का स्वागत-सत्कार किया गया। इस अवसर पर श्रीमज्जगतगुरु स्वामी अनंताचार्य ने बताया कि भादौ कृष्णपक्ष द्वितीया तिथि पर मठ में गुरुदेव स्वामी कमलाकांताचार्य महाराज की ग्यारहवीं पुण्यतिथि मनाई गई। पुण्यतिथि महोत्सव पर अयोध्या धाम के विशिष्ट संत-महंत, धर्माचार्य सम्मिलित हुए। जिन्होंने गुरुदेव को पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। गुरुदेव गौ, संत सेवी होने के साथ-साथ विलक्षण प्रतिभा के धनी संत रहे@। जिनका व्यक्तित्व बड़ा ही उदार था। सरलता तो उनमें देखते ही झलकती थी। उनके अंदर संतत्व के सारे गुण रहे। उन्होंने आश्रम का सर्वांगीण विकास किया। जहां गौ, संत, विद्यार्थी, आगंतुक सेवा के साथ-साथ संस्कृत महाविद्यालय भी संचालित हो रहा। मठ अपने उत्तरोत्तर समृद्धि की ओर अग्रसर है। इसकी गणना अयोध्या प्रमुखतम पीठों में होती है। गुरुदेव आज हमारे बीच में नही हैं। लेकिन उनकी यश-कीर्ति सदैव हम सबके साथ रहेगी। पुण्यतिथि पर महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, हनुमानगढ़ी के सरपंच रामकुमार दास, जगतगुरु स्वामी धरणीधराचार्य, जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्याम नारायणाचार्य, जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी सूर्यनारायणाचार्य, स्वामी बालकृष्णाचार्य, डॉ. सुनीता शास्त्री, स्वामी माधवाचार्य, आचार्य गोविंद शास्त्री, स्वामी दाशरथी दास समेत अन्य संत-महंत, धर्माचार्य और मठ से जुड़े शिष्य-अनुयायी, परिकर मौजूद रहे।
: परमपूज्य शंकराचार्य जी महाराज का श्रीरामजन्म भूमि मुक्ति आंदोलन में अहम योगदान रहा: आचार्य रामचंद्रन
Mon, Aug 11, 2025
परमपूज्य शंकराचार्य जी महाराज का श्रीरामजन्म भूमि मुक्ति आंदोलन में अहम योगदान रहा: आचार्य रामचंद्रन91 वां जयंती महोत्सव पर पूरा मठ प्रांगण आहलादित व आप्लावित रहादो दिवसीय जयंती उत्सव को कांची कामकोटि पीठ के वर्तमान पीठाधिपति जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी विजयेंद्र सरस्वती महाराज ने अपना सानिध्य प्रदान कियाअयोध्या। प्रतिष्ठित पीठ कांचीमठ प्रमोदवन, अयोध्या धाम में मठ के पूर्वाचार्य कांची कामकोटि पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई गई। यह महाराज श्री का 91 वां जयंती महोत्सव रहा, जिससे पूरा मठ प्रांगण आहलादित व आप्लावित नजर आया। दो दिवसीय जयंती उत्सव को कांची कामकोटि पीठ के वर्तमान पीठाधिपति जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी विजयेंद्र सरस्वती महाराज ने अपना सानिध्य प्रदान कर रहे थे। महोत्सव के प्रथम दिन सुबह मठ में विराजमान सभी देवी-देवताओं का दिव्य श्रृंगार कर विधि-विधान पूर्वक पूजन-अर्चन, आरती किया गया। उसके बाद मंदिर के समस्त पूर्वाचार्य का पूजन-अर्चन, आरती हुआ। तदुपरांत 108 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा सुंदरकांड का पाठ एवं वेद परायण किया गया। पाठ के समापन उपरांत मठ में स्थापित स्वामी जयेंद्र सरस्वती महाराज के विग्रह का वैदिक मंत्रोच्चार संग पूजन-अर्चन हुआ। तत्पश्चात वैदिक ब्राह्मणों का विशाल भंडारा प्रस्तावित रहा। भंडारे में काफी संख्या वैदिक ब्राह्मणों ने प्रसाद किया। जन्मोत्सव के क्रम सायंकाल पांच बजे भजन संध्या का आयोजन हुआ। भजन संध्या कार्यक्रम में नामी-गिरामी कलाकारों ने अपने गायन-वादन से जयंती महोत्सव में चार-चांद लगा दिया। उन्होंने उत्सव की शमां बांध दी, जिससे श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। कलाकारों ने देररात्रि तक भजन संध्या की महफिल सजाई। उसके बाद सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। जन्मोत्सव के क्रम में दूसरे दिन सोमवार को सुबह 8 बजे से मठ प्रांगण में कांची शंकर नेत्रालय कानपुर द्वारा नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है। कांचीमठ अयोध्याधाम के प्रभारी आचार्य रामचंद्रन ने बताया कि मठ में कांची कामकोटि पीठ के पूर्वाचार्य जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती महाराज की 91 वीं जयंती मनाई जा रही है। दो दिवसीय जन्म महा महोत्सव के प्रथम दिन 108 वैदिक विद्वान ब्राह्मणों द्वारा सुंदरकांड पाठ तथा वेद का परायण किया गया। उसके बाद महाराजश्री के विग्रह का अर्चन हुआ। फिर ब्राह्मणों का भंडारा किया गया। उन्होंने कहा कि जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती महाराज अप्रतिम एवं विलक्षण प्रतिभा के धनी संत रहे। वह हमारे बीच नही हैं। लेकिन उनकी यश, कीर्ति सदैव हम सबके साथ रहेगी। श्रीरामजन्म भूमि मुक्ति आंदोलन में उनका अहम योगदान रहा। राममंदिर के प्रति उनके द्वारा किए गए योगदान को कभी भुलाया नही जा सकता है। आंदोलन के वह अग्रणी योद्धाओं में से एक थे। श्रीराममंदिर के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। श्रीराम जन्म भूमि पर दिव्य-भव्य मंदिर निर्माण से उनका सपना पूरा और साकार हुआ। इस अवसर पर विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, आचार्य अशोक वैदिक, कांचीमठ प्रमोदवन के व्यवस्थापक राजेन्द्र वैदिक उर्फ पुरूषोत्तम वैदिक, सुषमा प्रभा श्रीवास्तव उनके सहयोगी सुशीला समेत सैंकड़ो लोग मौजूद रहे।