: महंत राम किशन दास को संत धर्माचार्यों ने किया नमन
Fri, Dec 10, 2021
सीताराम मंदिर अंखड कीर्तन पंजाबी मंदिर के महंत चुने गए पवन कुमार दास व राम सुंदर दास
अयोध्या। रामनगरी के दीनबंधु नेत्र चिकित्सालय वासुदेवघाट स्थित सीताराम मंदिर अंखड कीर्तन पंजाबी मंदिर का नया पवन कुमार दास व राम सुंदर दास को बनाया गया। जिन्हें गुरुवार काे समाराेह पूर्वक संत-महंताें ने कंठी, चद्दर और तिलक देकर महंती की मान्यता प्रदान किया। मंदिर के महंत राम किशन दास का साकेतवास हाे गया था। उसके बाद से मठ की गद्दी खाली चल रही थी। जिस पर उनके दो शिष्य पवन कुमार दास व राम सुंदर दास की ताजपोशी की गई। संतो ने कहा कि दोनो लोग मिलकर आश्रम का विस्तार करें। संत गौ सेवा करते रहे। रामनगरी के संतो ने कहा कि सीताराम मंदिर अंखड कीर्तन पंजाबी मंदिर के सारे उत्सव सवैया पूर्व के भातिं अनवरत चलता रहेगा इस बात का विशेष ध्यान ये दोनो महंत करेंगे। सीताराम मंदिर अंखड कीर्तन पंजाबी मंदिर के नवनियुक्त महंत पवन कुमार दास व महंत राम सुंदर दास ने कहा कि उन्हें अयोध्या के संताें ने साधुशाही परंपरानुसार कंठी, चद्दर व तिलक देकर आश्रम महंती साैंपी है। वह मंदिर के नए महंत घाोषित किए गए हैं। मठ के सर्वांगीण विकास में हमेशा कृत संकल्पित रहेंगे। उनके द्वारा ऐसा काेई कार्य नही किया जायेगा, जिससे महंत पद व मंदिर की प्रतिष्ठा पर आंच आए। आश्रम में गाै, संत, विद्यार्थी एवं आगंतुक सेवा पहले की भांति सुचारू रूप से चलती रहेगी। आये हुए अतिथियों का स्वागत परम्परागत तरीकें से पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास व रामकचेहरी चारधाम के महंत शशिकांत दास ने किया।महंताई समारोह में मुख्य रूप से मणिरामदास छावनी उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, दिगंबर अखाड़ा महंत सुरेश दास, दशरथ महल विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य, श्रीराम बल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास महाराज, लक्ष्मणकिला धीश महंत मैथिलीरमण शरण, बावन मंदिर महंत वैदेहीवल्लभ शरण, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, नाका हनुमानगढ़ी महंत रामदास, बड़ाभक्तमाल महंत अवधेश कुमार दास, महंत गौरीशंकर दास, महंत अर्जुन दास, विंदुगाद्याचार्य के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन व सुंदर सदन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास, रामहर्षण कुंज महंत अयोध्या दास,महंत रामकुमार दास,पुजारी रमेश दास, सीताराम गौड़ सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहे।
: रसमोद कुंज में धूमधाम से मनाया गया रामकलेवा
Fri, Dec 10, 2021
परम्पराओं का हुआ निर्वहन भगवान को लगा छप्पन भोग
अयोध्या। वैष्णव नगरी अयोध्या में उपासना की दो अलग-अलग शाखाएं हैं। इन शाखाओं में दास परम्परा और सख्य परम्परा शामिल है। मिथिला धाम से अपना रिश्ता जोड़ने वाले मधुरोपासक कहलाते हैं और सख्य भाव से राम व सीता के रूप में दूल्हा-दुलहिन सरकार की उपासना करते हैं। इन दोनों ही परम्पराओं के उपासक संत रामानंद सम्प्रदाय के प्रथम आचार्य के रूप में देवी सीता जी को ही स्वीकारते हैं। गुरु वंदना में सीतानाथ समारम्भाम् रामानंदार्य मध्यमाम अस्मादचार्य पर्यन्ताम वंदे श्रीगुरु परम्पराम् इसी श्लोक का वाचन किया जाता है।
फिर भी दास परम्परा के उपासक राजा राम व हनुमान जी की उपासना दास यानी कि सेवक भाव से करते हैं। इसके समानान्तर सख्य भाव के उपासक सखी भाव की गुप्त उपासना करते हैं। इन संतों की मान्यता है कि जनकपुर में विवाह के बाद भगवान दुलहिन सरकार के साथ दूल्हा सरकार के रूप में ही विराजते हैं। यही कारण है कि ये उपासक श्रीरामचरित मानस के पारायण के दौरान विवाह प्रसंग तक का ही पारायण करते हैं। पूजन-अर्चन के दौरान सिर पर पल्लू रखकर त्रिरयोचित भाव से ही आराध्य को रिझाते हुए उनसे अनुनय-विनयपूर्वक प्रत्येक क्रिया करते हैं। इस परम्परा को पुष्पित और पल्लवित करने का श्रेय लक्ष्मण किला के संस्थापक आचार्य स्वामी युगलानन्य शरण महाराज को दिया जाता है। इस परम्परा के अनेक संत हुए जिनमें रसमोद कुंज के पूर्वाचार्य अनंत श्री बिरौली सरकार व श्री महंत सियाछबीली शरण भैया जी भी प्रमुख रुप से रहे। अपनी परम्पराओं का निर्वहन आज भी रसमोद कुंज के वर्तमान महंत रामप्रिया शरण गिरधारी जी महाराज कर रहे है। महंत रामप्रिया शरण गिरधारी जी महाराज के पावन सानिध्य में कुवर कलेवा मनाया गया। जिसमें भगवान को छप्पन भोग लगाया गया।
: सेवा दिवस के रुप में मना महंत कल्याण दास का जन्म दिवस
Thu, Dec 9, 2021
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी के साकेतवासी पूर्व गद्दीनशीन श्रीमहंत रमेश दास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य महंत कल्याण दास महाराज का जन्म दिवस उनके शिष्य महंत बृजेश दास व परिकरों ने सेवा दिवस के रुप में मनाया। महंत बृजेश दास के अगुवाई में श्रीराम अस्पताल में फल व भोजन वितरण किया गया तो वृद्धा आश्रमों व कुष्ठ आश्रमों में फल भोजन व ठंड के बचने के लिए कंबल वितरण किया गया। महंत बृजेश दास रामायणी ने बताया कि आज गुरुदेव महंत कल्याण दास महाराज का जन्म दिवस है इसको हम सभी लोग सेवा दिवस के रुप में मना रहे है। जिसमें लोगो को फल व भोजन वितरण किया गया साथ बेसहारों व गरीबों को ठंड से बचने के लिए कंबल भी वितरण किया गया। कार्यक्रम में देरशाम विशिष्ट संतो का सम्मान व भोजन प्रसाद होगा। इस मौके पर रवि यादव, हरेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।