: जानकी घाट में विराट संगीतमय श्रीराम कथा बुधवार से
Tue, Mar 22, 2022
व्यासपीठ से मानस मर्मज्ञ क्रान्तिकारी व्याख्याता स्वामी बाल भरत जी महाराज के मुख से होगी रामकथा की अमृत वर्षा
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के प्रतिष्ठित पीठ श्री जानकी घाट बड़ा स्थान जो किशोरी जी का दिव्य भव्य दरबार है। 22 मार्च यानि बुधवार को समारोह पूर्वक होगा रामकथा का भव्य शुभारंभ। इससे पूर्व मंदिर प्रांगण से बैंड बाजे के बीच श्री हनुमानजी के शाही निशान के साथ विशाल भव्य शोभायात्रा निकलेगी। जो नगर भ्रमण करते हुए मां सरयू के पावन तट जायेगी जहां पर वैदिक आचार्यों द्धारा विधिवत मां सरयू का पूजन अर्चन होगा। इसके बाद शोभायात्रा मंदिर पुनः वापस आयेगी। ये राम कथा 29 मार्च तट चलेगी। व्यासपीठ से रामकथा की अमृत वर्षा क्रान्तिकारी व्याख्याता स्वामी बाल भरत जी महाराज करेंगे। कथा की अमृतमयी रसधार में गोता लगाने देश विदेश से सौकड़ों कथा प्रेमी अयोध्या आ गये है। यह आयोजन परबतसर सिटी नागौर राजस्थान व निकटवर्ती क्षेत्र के भक्तों द्धारा आयोजित मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन धरा पर साकेतधाम चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में हो रहा है। इस विराट संगीतमय श्रीरामकथा की अध्यक्षता रसिक पीठाधीश्वर श्रीमहंत जनमेजय शरण महाराज कर रहे है।
: होली में दिखा गंगा जमुनी तहजीब की मिशाल, महंत बृजमोहन दास ने समाजसेवी सुल्तान अंसारी को रंग लगाकर दिया होली की बधाई
Sun, Mar 20, 2022
होली पर चहुंओर गूंजा कबीरा सारा रारा
डीजे पर थिरके युवा, संतों ने मंदिरों में खेली होली
हनुमानगढ़ी के पुजारी हेमंत दास के नेतृत्व में नागा साधुओं ने खेली जबरदस्त होली
प्रशासनिक अधिकारियों पर भी चढ़ा होली का रंग
अयोध्या। होली का पवित्र त्योहार पूरे जनपद में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। हर ओर डीजे की धुन पर युवा थिरकते नजर आए। कबीरा सारा रारा रा की गूंज चहुंओर सुनाई दी। मंदिरों में साधु संतो ने भी होली खेली तो प्रशासनिक अफसरों पर भी होली का रंग चटख रहा। शांतिपूर्ण होली संपन्न होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
गुरुवार की रात होलिका जलते ही जनपद में हर्षोउल्लास की लहर दौड़ पड़ी। शुक्रवार की सुबह से ही रंगों का पर्व पूरे रंगत से शुरू हुआ। चौराहों पर डीजे की धुन में युवाओं ने कपड़ा फाड़ होली खेली। सड़कें पूरी रंग गई थीं। साधु-संतों ने भी मंदिरों ने जाकर अबीर-गुलाल उड़ाए। प्रशासनिक अधिकारियों में होली को लेकर खासा उत्साह देखा गया। इस बार होली पर कोरोना का साया नहीं रहा, जिसके चलते लोग जमकर होली खेलते नजर आए। लोग सुबह से लेकर दोपहर तक जमकर एक दूसरे को अबीर गुलाल और रंग लगाते दिखे। हर उम्र के लोगों में होली की खुमारी देखी गई। बच्चे, बूढ़े, जवान व महिलाओं की टोलियां रंग खेलती नजर आई। चौक, रिकाबगंज, नाका, देवकाली, रीडगंज, साहबगंज में युवा डीजे की धुन व फव्वारे में रंग खेलते नजर आए। इस दौरान रंग बरसे भीगे चुनर वाली, होली खेले रघुवीरा अवध में, होलिया में उड़े रे गुलाल सहित कई गीतों पर युवाओं ने जमकर धमाल मचाया। इधर, मठ-मंदिरों में साधु-संतों ने भी मंदिरों में जाकर होली का त्योहार मनाया। साधु-संतों ने रंगों के अलावा फूलों से भी होली खेली।
हनुमानगढ़ी में विराजमान हनुमंत लला को अबीर गुलाल अर्पित किया गया। कनक भवन में कनक बिहारी सरकार को आंगन में विराजमान कर उनके साथ भक्तों ने होली खेली अबीर गुलाल अर्पित किया। श्री राम जन्म भूमि में विराजमान रामलला को भी ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कराकर भव्य श्रृंगार किया गया। नवीन वस्त्र धारण कराकर अबीर गुलाल अर्पित किया गया। हनुमानगढ़ी में नागा साधुओं ने जोरदार होली खेली। संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजयदास महाराज ने सभी को होली की बधाई दी।पुजारी हेमंत दास के अगुवाई में नागाओं ने खेली होली। इस मौके पर महंत रामप्रसाद दास,महंत अजीत दास, अंकित दास, कृष्ण कांत दास, अभय दास, अभिषेक दास, शिवम जी आदि मौजूद रहें। तो वही रामनगरी के चौबृजी मंदिर के पीठाधीश्वर महंत बृजमोहन दास ने पेश की गंगा जमुनी तहजीब की मिशाल। समाजसेवी सुल्तान अंसारी को रंग लगाकर होली की बधाई दी।
श्री राम जन्म भूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि भगवान राम लला को विभिन्न प्रकार के पकवानों का भोग भी लगाया गया। वहीं दशरथ महल, श्री राम वल्लभा कुंज, मणिराम दास जी की छावनी, नाका हनुमानगढ़ी सहित अन्य मंदिरों में भक्त अपने आराध्य के साथ होली खेलकर निहाल हो उठे। दोपहर बाद राम की पैड़ी पर लोगों की भारी भड़ी उमड़ पड़ी, लोगों ने होली खेलने के बाद राम की पैड़ी में घंटों तक स्नान किया। वहीं जिलाधिकारी नितीश कुमार व एसएसपी शैलेश पांडे ने अपने मातहतों के साथ होली खेली। दोपहर में दो बजे तक रंग चला। इसके बाद बधाइयों का दौर शुरू हो गया। शाम के समय लोगों ने एक दूसरे के घर पहुंचकर होली की बधाइयां दी। इधर, राजनेताओं के घरों पर भी लोग पहुंचे और उन्हें बधाइयां दी। सपा नेता व पूर्व विधायक तेज नारायण पांडे पवन के घर हजारों की संख्या में समर्थकों ने पहुंचकर बधाई दी।
: संतो में बंगलादेश की घटना को लेकर के काफी रोष
Sun, Mar 20, 2022
बांग्लादेश की घटना पर रोष में है श्री राम नगरी के संत योगी मोदी से मिलकर हिंदुओं और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की करेंगे मांग
अयोध्या। भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में एक बार फिर हिंदू धार्मिक स्थलों को होली के ठीक 1 दिन पहले गुरुवार को एक समुदाय विशेष द्वारा ढाका में स्थित इस्कॉन राधाकांत मंदिर को निशाना बनाया गया सूत्रों के मुताबिक लगभग 200 लोग मंदिर के पास पहुंचे और परिसर को क्षतिग्रस्त कर दिया इस घटना को लेकर के वैष्णो नगरी अयोध्या के संतों में रोष व्याप्त हुआ और संतो ने निर्णय लिया कि त्यौहार बीत जाने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी से मिलकर के पाकिस्तान और बांग्लादेश में रह रहे हिंदू भाइयों और उनके धर्म स्थलों की सुरक्षा की मांग की जाएगी क्योंकि आए दिन ऐसी घटनाएं घटती रहती हैं जो सनातन धर्मावलंबियों के लिए बड़े ही दुख की बात है।
अखिल भारतीय श्री पंच तेरह भाई त्यागी खाक चौक अयोध्या व बाईपास स्थित संकट मोचन हनुमान किला के श्री महंत परशुराम दास जी महाराज ने बताया की अयोध्या के संतो में बंगलादेश की घटना को लेकर के काफी रोष है और होली के त्यौहार खत्म होते ही संतो की एक बैठक होगी जिसमें निर्णय लिया जाएगा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से बांग्लादेश के ढाका में गुरुवार को शाम करीब 7 बजे 200 से अधिक लोगों ने मंदिर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की। मीडिया के माध्यम से पता चला कि भीड़ की अगुवाई हाजी सैफुल्लाह ने की। मंदिर में तोड़फोड़ के साथ ही लूटपाट की भी खबर है। साथ ही मंदिर में मौजूद लोगों से मारपीट भी की गई। इस दौरान कई लोग घायल हो गए। इन सब घटनाओं को देख कर के क्योंकि आए दिन पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ और उनके धार्मिक स्थलों के साथ अत्याचार होता है ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की जाए यह मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाला प्रत्येक नागरिक सुरक्षित है यहां सब लोग एक दूसरे की सुरक्षा करते हैं वैसे ही पाकिस्तान में गैर मुस्लिम धार्मिक स्थलों और हिंदू भाइयों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए इसके लिए साधु संत कड़ा निर्णय लेंगे और सरकार से इसकी मांग करेंगे और अपने हिंदू भाइयों के लिए लड़ाई भी लड़ेंगे।