: संत परम्परा की अनमोल कड़ी थे महंत रामसुखित दास: महंत गौरीशंकर
Tue, Apr 19, 2022
प्रथम पुण्यतिथि पर भव्य मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के साथ शिरोधार्य हुए महंत रामसुखित दास फलाहारी जी महाराज
अवध बिहारी कुंज मंदिर में जुटें पूरे भारत के साधु संत
अयोध्या। राम नगरी के बेगमपुरा स्थित श्री अवध बिहारी कुंज मंदिर की पूर्वाचार्य महंत रामसुखित दास फलाहारी जी महाराज की प्रथम पुत्र की समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह में आज फलाहारी जी महाराज की भव्य दिव्य मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा किया गया। हवन पूजन के साथ रामनगरी समेत पूरे भारत से आये संतों का समागम हुआ। जिसमें संतों ने अपनी वाक्यमयी पुष्पांजलि भी अर्पित की। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता महंत गौरीशंकर दास महाराज ने कहा कि महंत रामसुखित दास फलाहारी महाराज संत परम्परा की अनमोल कड़ी थे। आजे हुए संतो ने अपने अपने विचार रखें। कार्यक्रम का संचालन महंत पवन कुमार दास शास्त्री जी ने किया। कार्यक्रम के संयोजक अवध बिहारी कुंज के महंत गणेश दास महाराज ने बताया कि गुरुदेव महाराज की प्रथम पुण्यतिथि समारोह बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ गया। यह कार्यक्रम दो दिवसीय था जिसका आज समापन हो गया। गुरुदेव महाराज की भव्य मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा हुई। उन्होंने कहा कि गुरुदेव भगवान भजनानंदी संत थे। हमेशा भजन में तल्लीन रहा करते थे। यहा समारोह उनके आशीर्वाद से सम्पन्न हुआ।दो दिवसीय पुण्यतिथि समारोह का आज बड़े ही सादगी के साथ समापन हो गया। संत समागम के बाद वृहद भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें रामनगरी के सभी संत महंत शामिल हुए। आये हुए अतिथियों का स्वागत मंदिर के वर्तमान महंत गणेश दास जी महाराज ने किया।कार्यक्रम में राजस्थान, मध्यप्रदेश,उत्तर प्रदेश, गुजरात समेत पूरे भारत से शिष्य परिकर आये हुए थे।
: महंत रामसुखित दास फलाहारी महाराज की प्रथम पुण्यतिथि समारोह शुरू
Mon, Apr 18, 2022
मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा, शोभायात्रा में हनुमानगढ़ी के शाही निशान रहे आकर्षक का केंद्र
सोमवार को वैदिक आचार्यों द्वारा होगा हवन पूजन, मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य उत्सव भी आज, संतो का होगा जमावड़ा
अयोध्या। राम नगरी के बेगमपुरा स्थित श्री अवध बिहारी कुंज मंदिर की पूर्वाचार्य महंत रामसुखित दास फलाहारी जी महाराज की प्रथम पुत्र की समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पुण्यतिथि पर पूर्वाचार्य की भव्य मूर्ति प्राण समारोह हो रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ आज शोभायात्रा से हुआ।यह पूरा महोत्सव मंदिर के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत गणेश दास महाराज के संयोजन में हो रहा है। कार्यक्रम के प्रथम प्रथम दिन मंदिर से भव्य शोभायात्रा गाजेबाजे के साथ निकली। इस शोभायात्रा की दिव्यता और भव्या प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी के शाही निशान बड़ा रहे थे। शोभायात्रा शाही निशान के साथ निकली। शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए मां सरयू के पावन पर पहुंची।जहां पर वैदिक आचार्यों द्वारा विधिवत मां सरयू का पूजन अभिषेक किया गया। इसके बाद शोभायात्रा पुनः मंदिर वापस आई। शोभा यात्रा की भव्यता दिव्यता की चर्चा रामनगरी में चारो तरह रहा। कार्यक्रम के संयोजक अवध बिहारी कुंज के महंत गणेश दास महाराज ने बताया कि गुरुदेव महाराज की प्रथम पुण्यतिथि समारोह बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। यह कार्यक्रम दो दिवसीय है। इसमें गुरुदेव महाराज की भव्य मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा हो रहा है। इसका समापन वृहद भंडारे के साथ होगा। उन्होंने कहा कि गुरुदेव भगवान भजनानंदी संत थे। हमेशा भजन में तल्लीन रहा करते थे। यहा समारोह उनके आशीर्वाद से ही हो रहा है। कार्यक्रम में सुंदरकांड का पाठ,भजन संध्या व रात्रि जागरण का भी आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में सोमवार को वैदिक आचार्यों द्वारा हवन पूजन वा मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा किया जायेगा। उसके बाद राम नगरी समेत पूरे भारत से आए संत धर्माचार्यों का स्वागत अभिनंदन होगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र समेत पूरे भारत से शिष्य परिकर आये हुए है।
: साधुता की प्रतिमूर्ति थे स्वामी बलरामशरण : महंत रामशरणदास
Sun, Apr 17, 2022
अयोध्या। श्रीराम जन्म भूमि परिसर के निकट स्थित अति प्राचीन सिद्धपीठ श्री रंगमहल मंदिर के पूर्वांचार्य महंत स्वामी बलराम शरणजी महाराज की पुण्यतिथि शनिवार को धूमधाम से मंदिर के प्रांगण में मनाई गई। इस दौरान साधु संतों भक्तों व शिष्यों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। पुण्यतिथि समारोह में वर्तमान महंत स्वामी रामशरणदास जी महाराज ने कहा कि साकेत वासी महंत बलरामशरण जी साधुता विद्वता के प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने सदैव धर्म के उत्थान हेतु कार्य किए। उनके द्वारा यहां पर बहुत से उत्कृष्ट व सराहनीय कार्य किए गए। उनके द्वारा इस मंदिर का काफी विकास कराया गया। वे निर्मल छबि के प्रकांड धार्मिक विद्वान व सद्गुरु थे। पुण्यतिथि समारोह में रामनगरी के संतों का सम्मान किया गया। आये हुए अतिथियों का स्वागत परम्परागत तरीकें से मंदिर के पुजारी साकेत जी व राहुल जी ने किया।
इस मौके पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। जिसमें अयोध्या के प्रमुख साधु संतों भक्तों शिष्यों नेताद्वय आदि ने प्रसाद ग्रहण किए। पुण्यतिथि के कार्यक्रम में दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, जगद्गुरु स्वामी रामनदिनेशाचार्य महाराज, महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य जी महाराज महंत कमल नयन दास जी महाराज महंत हरिसिद्धि शरण जी महाराज, महंत कृपालु रामभूषण दास, अयोध्या भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता महंत बृजमोहन दास महंत राम लखन चरण गहोई, महंत माधव दास, महंत रामप्रिय दास, महंत मन मोहनदास, पुजारी रमेश दास पुजारी राजू दास सहित अयोध्या के सैकड़ों सन्त महंत शिष्य व भक्तगण आदि शामिल रहे।