: त्याग तपस्या साधना की केंद्र बिंदु श्यामासदन मंदिर
Tue, May 3, 2022
महंत संतगोपाल दास जी महाराज की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आज, संत करेंगे नमन
अयोध्या। संतो की सराय कही जाने वाली रामनगरी अयोध्या जहां अनेक भजनानंदी संत हुए है जिनके त्याग तपस्या के बलबूते न सिर्फ अयोध्या बल्कि पूरे भारत में संत समाज की गरिमा वैभव को स्थापित किया है। ऐसा ही प्रसिद्ध मंदिर श्यामासदन है। जहां पर सच्ची साधना संतो की जगजाहिर है। श्यामासदन के प्रथम हुए महंत रामकिंकर महाराज द्धितीय लाल जी महाराज व तृतीय महंत संत गोपाल दास महाराज जिनकी त्याग तपस्या साधना की चर्चा आज भी अयोध्या ही नही आसपास के कई जिलों के लोग करते है। इन पूज्य आचार्यों के यशगाथा आज भी अयोध्या के संत समाज व आमजन करते है। इनकी त्याग तपस्या साधना की केंद्र बिंदु श्यामासदन मंदिर अपने विकास के ओर अग्रसर है। उस मंदिर की बागडोर आज युवा हाथों में है। महंत संतगोपाल दास जी महाराज के सुयोग्य शिष्य बालयोगी महंत श्रीधर दास आज श्यामासदन के पीठाधीश्वर है। अपने गुरु के बतायें मार्गों का अनुसरण करते हुए महंत श्रीधर दास मंदिर के विकास, गौ सेवा, साधु सेवा के तनमयता से लीन होकर करते है। श्यामा सदन मंदिर में भगवान की अष्टयाम सेवा लगातार हो रही है। साधु सेवा, गौ सेवा बहुत ही बड़े पैमाने पर होता है। श्यामासदन पीठाधीश्वर महंत बालयोगी श्रीधर दास महाराज ने बताया कि आज जो भी कुछ हूँ पूज्य गुरुदेव जी की कृपा है। गुरुदेव भगवान की प्रथम पुण्यतिथि मंगलवार को मनाई जायेगी। रामनगरी समेत पूरे भारत से शिष्य परिकर इसमें शामिल होगे।
: ईद-उल-जुहा प्रेम, निस्वार्थता और बलिदान का पर्व है: नन्हे मिंया
Tue, May 3, 2022
जितना हो सकता है लोगों की मदद करता हूँ यही मेरी ईद है: मोहम्मद इमरान अंसारी
ईद हम सबके जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाए यही कामना है: सुल्तान
अयोध्या। देशभर में ईद-उल-जुहा मनाई जा रही है। रामनगरी अयोध्या में गंगा जमुनी तहजीब के सबसे बड़े झंडाबरदार मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया ने कहा कि ईद-उल-जुहा प्रेम, निस्वार्थता और बलिदान का भावना के प्रति आभार व्यक्त करने और समाज में एकता और भाईचारे के लिए मिलकर काम करने का त्योहार है। बकरीद या फिर कहें ईद उल जुहा का पर्व हमारे मुस्लिम समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। इसका संबंध कुर्बानी से है। कुर्बानी का असल अर्थ बलिदान है, जो दूसरों के लिए दिया गया हो। नन्हे मिंया ने सभी को प्रेम मोहब्बत आपसी भाईचारा बनायें रखने की बात कही। उन्होंने अयोध्या पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि हमारी पुलिस अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से कर रही है हम सब की भी जिम्मेदारी है कि समाज में आपसी भाईचारे को बनाए रखें और एक दूसरे के साथ गले मिलकर खुशियां बांटे।
नन्हे मिंया के पुत्र समाजसेवी मोहम्मद इमरान अंसारी ने भी अयोध्या समेत पूरे देशवासियों को ईद की बधाई दी है। इमरान ने कहा- ईद मुबारक। ईद उल जुहा पर शुभकामनाएं। उम्मीद करता हूं, यह दिन समाज के भले के लिए सामूहिक सद्भाव, लगाव और सबको साथ लेकर चलने की भावना को बढ़ाएगा। मोहम्मद इमरान अंसारी ने ईद पर गरीबों मजलूमों की मदद करते हुए अपनी ईद मनाई उन्होंने कहा कि ये खुशियां सभी के घरों में पहुंचनी चाहिए। इसलिए जितना हो सकता है लोगों की मदद करता हूँ यही मेरी ईद है।
गंगा जमुनी तहजीब की मिशाल मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया के दूसरे पुत्र जिनकी समाज में अपनी एक अलग पहचान है। लोगो की मदद करना जिनका अपना एक काम है ऐसे समाजसेवी सुल्तान अंसारी ने ईद की मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि ईद आपसी भाईचारे और त्याग की भावना का प्रतीक है। ईद हम सबके जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाए यही कामना है।
: हनुमान बाग में चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ शुरु
Tue, May 3, 2022
108 वैदिक आचार्य कर वाल्मीकीय रामायण पारायण तो 3 यज्ञशाला में पड़ेगी आहुतियां 51 वैदिक करेंगे विधिवत हवन पूजन
श्रीरामायण सूक्ति सुधाकर, सिंहाचलवास्तव्य, श्रीमदुभय वेदांत प्रवर्तक सहित वाल्मीकीय रामायण की विवेचना करेंगे गोपालकृष्णमाचार्य
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। जिसमें दक्षिण भारत से हजारों भक्त अपनी श्रद्धा निवेदित कर रहे है। पूरा हनुमान बाग परिसर दक्षिण परम्परा के पूजा पद्धति से सराबोर दिख रहा है। चारों तरह भक्तमय वातावरण बना हुआ है। इस महाउत्सव में तीन यज्ञशाला में 51 वैदिक आचार्य विधिवत हवन पूजन व आहुतियां डालेगें। तो 108 आचार्य वाल्मीकीय रामायण पारायण कर रहे है। वही देर शाम दक्षिण से आये श्री सातुलूरि गोपालकृष्णमाचार्य जी के श्रीमुख से वाल्मीकीय रामायण की दिव्य कथा होगी जिसमें आचार्य श्री श्रीरामायण सूक्ति सुधाकर, सिंहाचलवास्तव्य, श्रीमदुभय वेदांत प्रवर्तक समेत कई विषयों पर विवेचना करेंगे। यह आयोजन श्री वेंकाटाचार्य वैदिक संस्थान के तत्वावधान में हो रहा है। कार्यक्रम हनुमान बाग सेवा संस्थान के सानिध्य में सम्पादित हो रहा है। चतुर्विशाति कुण्डात्मक महा साम्राज्य पटृभिषेक नवाह्रिक महायज्ञ का उत्सव 10 मई तक चलेगा। कार्यक्रम में मुख्य रुप से 24 कुंडो में भगवदाराधना , तीर्थ प्रसाद वाल्मीकि रामायण का पारायण प्रत्येक श्लोकों के हवन के साथ होगा। इस महाउत्सव को हनुमान बाग के महंत जगदीश दास महाराज का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। कार्यक्रम की यजमान लक्ष्मी न्यायापति है। इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में सुनील दास रोहित शास्त्री समेत पूरा हनुमान बाग परिवार लगा हुआ है।