: महंत रामबचन दास महाराज को संतो ने किया नमन
Fri, Jun 10, 2022
श्रीरामकृष्ण मंदिर सेवा ट्रस्ट के संस्थापक की 15 वीं पुण्यतिथि श्रद्धा पूर्वक मनाई गई
अयाेध्या। श्रीरामकृष्ण मंदिर सेवा ट्रस्ट, रामकाेट के संस्थापक महंत रामबचन दास महाराज काे 15 वीं पुण्यतिथि पर संताें ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस माैके पर गुरूवार को मंदिर परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में रामनगरी के संत-महंत व विशिष्टजनाें ने साकेतवासी महंत के चित्रपट पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। संताें ने उनके कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। श्रीरामकृष्ण मंदिर के अधिकारी महामंडलेश्वर महंत गणेशानंद दास महाराज ने कहा कि उनके गुरूदेव विलक्षण प्रतिभा के धनी संत थे। उनकी गणना सिद्ध संताें में हाेती रही है। वह भजन-साधना में तल्लीन रहा करते थे। साधुता ताे उनमें देखते ही झलकती थी। बहुत ही विनम्र स्वभाव के संत रहे। उन्होंने अयाेध्यानगरी में एक विशाल और भव्य आश्रम की स्थापना किया, जिसके वह संस्थापक हुए। जीवन पर्यन्त मठ के सर्वांगीण विकास में लगे रहे। वर्तमान में आश्रम नित्य नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। मठ में गाै, संत, विद्यार्थी एवं आगंतुक सेवा सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि गुरूदेव ने दीन-दुखियों व निराश्रितों की हमेशा मदद किया। सेवा काे ही अपना धर्म बनाया। वह अनेकाें सेवा प्रकल्प के कार्याें से जुड़े रहे। आश्रम में आए व्यक्ति काे कभी भूखा नही जाने देते थे और न ही कभी कोई व्यक्ति मंदिर से भूखा गया है। मठ में उत्सव, समैया, त्याैहार मनाने की परंपरा गुरूदेव के समय से चली आ रही है। जिसे अब मैं आगे बढ़ा रहा हूं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महंत एवं भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रख्यात कथावाचिका महंत रामायणी शीतल दीदी के संयाेजन में पुण्यतिथि महाेत्सव मनाया गया। वर्तमान महंत ने आए हुए संत-महंताें का स्वागत-सम्मान किया। इस माैके दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, रंगवाटिका महंत हरिसिद्धि शरण, श्रीरामप्रिया कुंज महंत उद्धव शरण, महंत राममिलन शरण, महंत आनंद दास हनुमानगढ़ी आदि संत-महंत और भक्तगण उपस्थित रहे।
: कानपुर में हुए बवाल का मामला गंभीर : संजय राउत
Tue, Jun 7, 2022
कहा-अयोध्या में राज ठाकरे का विरोध जायज
15 जून को अयोध्या आयेंगे आदित्य ठाकर, तैयारियों का लिया जायजा
अयोध्या। महाराष्ट्र शिवसेना के नेता व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य ठाकरे के 15 जून को अयोध्या आगमन की तैयारियों को लेकर अयोध्या पहुंचे शिवसेना के सांसद संजय राउत ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कानपुर में हुए बवाल का मामला गंभीर हो चुका है । यह अंतरराष्ट्रीय मामला हो चुका है, रविवार को कई मुस्लिम देशों ने भारत के एम्बेसडर को बुलाकर आपत्ति जताई है। पैगंबर के बारे में जो भाजपा के प्रवक्ता ने बात कही है इसका समर्थन देश में कोई नहीं करेगा। भाजपा को इस मामले में देश से और खाड़ी के देशों से माफी मांगनी पड़ रही है। भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के राज ठाकरे के विरोध पर बोले संजय राउत ने कहा बृजभूषण शरण सिंह किसी के दबाव में नहीं आने वाले। उनका अपना नेतृत्व है। माहौल बनाने का उनका अपना एक तरीका है। देश के कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं पहलवान आदमी है।वह किसी के दबाव में आने वाले नहीं हैं। मैं उनको बहुत नजदीक से जानता हूं हमारी उनकी मित्रता है। राज ठाकरे के विरोध को लेकर शिवसेना व बृजभूषण शरण सिंह के डील के सवाल पर संजय राउत कहा क्या डील हो सकती है। जो बात बृजभूषण शरण सिंह ने उठाई क्या उससे कोई सहमत नहीं है। अयोध्या में राज ठाकरे का विरोध जायज है। कश्मीरी पंडितों के अत्याचार को उन्होंने गंभीर मसला मानते हुए कहा कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं है। कश्मीरी पंडितों को खुलेआम मारा जा रहा है। अब तक पांच हज़ार कश्मीरी पंडितों ने कश्मीर छोड़ दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ऐलान किया है अगर कश्मीरी पंडित जो विस्थापित हो रहे हैं अगर महाराष्ट्र में बसना चाहते हैं तो शिवसेना उनकी पूरी हिफाजत करेगी। उनको पूरा समर्थन देंगे। जो भी उनको मदद चाहिए शिवसेना मदद करने को तैयार है। यह बात किसी बीजेपी का नेता कहता तो हमें आनंद आता। कश्मीर के बारे में भाजपा केवल राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि 15 जून को आदित्य ठाकरे के दौरे की तैयारियों को लेकर वे अयोध्या आए हैं। 15 जून को आदित्य ठाकरे राम लला के दर्शन करेंगे। उनका सरयू आरती का भी कार्यक्रम है। इसके अतिरिक्त कई अन्य कार्यक्रमों भी आदित्य ठाकरे शामिल होंगे। प्रेसवार्ता में महाराष्ट्र शिव सेना के कई नेता मौजूद रहे।
: ट्रेन में इतने किलो से ज्यादा न ले जाए अपना बोरिया-बिस्तर, वरना ट्रेन टिकट से भारी पड़ेगा सामान,देना पड़ेगा फाइन
Mon, Jun 6, 2022
चलिए आपको बताते हैं, कितने किलों पर आपको जुर्माना देना पड़ेगा
रेलवे की एक नई गाइडलाइन के अनुसार अगर यात्री के पास ज्यादा सामान हुआ तो उन्हें फाइन देना पड़ सकता है। असल में, ये नियम फ्लाइट में देखा जाता था, लेकिन अब से रेलवे में भी लागू किया जा रहा है।
आप आजतक जितनी बार भी ट्रेन में गए होंगे, अपने साथ जितना हो सके उतना सामान ले जाते होंगे। यही सोचकर कि कब किस कपड़े या चीज की जरूरत पड़ जाए। साथ में हम खाने पीने का भी बैग अपने साथ लेकर निकल पड़ते हैं। लेकिन अब शायद आपके इन सामानों में कटौती हो सकती है या फिर ज्यादा सामान होने पर अब से आपको जुर्माना भरना पड़ेगा। जी हां, रेलवे की एक नई गाइडलाइन के अनुसार अगर यात्री के पास ज्यादा सामान हुआ तो उन्हें फाइन देना पड़ सकता है। असल में, ये नियम फ्लाइट में देखा जाता था, लेकिन अब से रेलवे में भी लागू किया जा रहा है। चलिए आपको बताते हैं, कितने किलों पर आपको जुर्माना देना पड़ेगा।
रेल मंत्रालय ने 29 मई को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लोगों से ट्रेन में यात्रा करने के दौरान जरूरत से ज्यादा सामान लेकर सफर न करने की सलाह दी है। मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि अगर सामान ज्यादा हुआ, तो सफर का मजा आधा हो जाएगा। अधिक सामान पर ट्रेन में सफर न करें। सामान अधिक होने पर पार्सल ऑफिस में जाकर लगेज बुक करा सकते हैं। रेलवे के नियमों के अनुसार, यात्री ट्रेन के सफर के दौरान 40 से 70 किलोग्राम तक सामान के सतह यात्रा कर सकते हैं।
अगर कोई इससे अधिक सामान पर यात्रा करता है, तो उससे किराया वसूला जाएगा। वैसे, रेलवे के कोच के हिसाब से सामान का वजन अलग-अलग निर्धारित किया गया है। रेलवे के अनुसार, यात्री स्लीपर क्लास में अपने संग 40 किलोग्राम तक सामान ले जा सकते हैं। वहीं एसी टू टियर तक 50 किलों सामान ले जा पाएंगे। दूसरी ओर, फर्स्ट क्लास एसी 70 किलों तक सामान यात्री ले जा सकते हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर किसी यात्री को ज्यादा सामान के साथ यात्रा करते हुए देखा जाता है, तो उसे अलग से सामान रेट का छह गुना देना पड़ेगा। यानी अगर किसी व्यक्ति के सामान का 40 किलो से अधिक वजन है, और वो 500 किमी तक की यात्रा कर रहे हैं, तो यात्री केवल 109 रुपए का भुगतान करके इसे लगेज वैन में बुक करवा सकता है। वहीं, अगर यात्री सफर के बीच में ज्यादा सामान के साथ पाया जाता है, तो उसे 654 का जुर्माना देना पड़ेगा।
रेलवे यात्रा के दौरान, स्टोव, गैस सिलेंडर, किसी भी तरह ज्वलनशील कैमिकल, तेज़ाब, बदबूदार चीजें, पटाखे, चमड़ा, पैकेजों में लाए हुए तेल, घी, ऐसी चीजें जिनके टपकने से वस्तुओं या यात्रियों को नुकसान पहुंचा सकती है। रेल यात्रा के दौरान बैन चीजें भी नहीं ले जा सकते। अगर इन वस्तुओं के साथ आपको पकड़ा जाता है, तो आप पर धारा 164 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।