: हनुमान बाग में चल रहे रामकथा का हुआ समापन
Sat, Aug 27, 2022
कथाव्यास रामेश्वर बापू हरियाणी व महंत श्री चंदेश्वर बापू का विदाई सम्मान किया महंत जगदीश दास महाराज ने
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों में शुमार श्री हनुमान बाग मंदिर में चल रहे राम कथा महोत्सव का भव्य समापन आज समारोह पूर्वक किया गया। मंदिर में 9 दिनों से व्यासपीठ से रामकथा की अमृत वर्षा गुजरात से पधारे प्रख्यात कथावाचक रामेश्वर बापू हरियाणी ने किया। इस महोत्सव का संयोजन महंत श्री चंदेश्वर बापू सीताराम कुटीर शीलज अहमदाबाद ने किया। कथा के समापन पर मंदिर के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने कथाव्यास व कथा संयोजन महंत श्री चंदेश्वर बापू का विदाई सम्मान किया। रामेश्वर बापू हरियाणी ने कहा अयोध्या बड़ी ही पवित्र नगरी है हनुमान बाग में रह कर 9 दिनों तक भगवान की कथा कहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ये पूज्य महंत जगदीश दास जी महाराज व महंत श्री चंदेश्वर बापू के कृपा आशीर्वाद से संभव हुआ। उन्होंने कहा हनुमान बाग में बहुत स्नेह व अपनापन मिला इसके लिए पूरे हनुमान बाग परिवार को कोटि कोटि आभार। रामेश्वर बापू ने कहा कि भविष्य में पूज्य महंत जगदीश दास महाराज का आदेश मात्र होने पर पुनः भगवत कथा व सभी का सानिध्य प्राप्त करेंगे। रामकथा के संयोजक महंत श्री चंदेश्वर बापू सीताराम कुटीर शीलज अहमदाबाद ने सफल आयोजन के लिए महंत जगदीश दास महाराज व सुनील दास सहित पूरे हनुमान बाग परिवार का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि हनुमान बाग मंदिर का वातावरण बहुत ही दिव्य भव्य है। पूरा भक्ति मय वातावरण जो मन को मोह लेता है। उन्होंने कहा कि आगे भी और बड़े बड़े आयोजन करते रहेंगे। हनुमान बाग के महंत जगदीश दास जी महाराज ने सभी का सम्मान विदाई करते हुए आशीर्वाद दिया और कहा कि जो भी भक्त यहां आकर कथा श्रवण किये है उन सभी का भगवान श्रीसीताराम जी की कृपा सदैव बनी रहें। वे पुनः अयोध्या जी आये यही आशा है। इस मौके पर सुनील दास, रोहित शास्त्री, गोलू दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: भरत जैसा चरित्र व आचरण हमें जीवन में उतारना चाहिए : रामेश्वर बापू
Fri, Aug 26, 2022
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में राज्याभिषेक के साथ श्री रामकथा का समापन आज, होगा विशिष्ट संत धर्माचार्यों का सम्मान समारोह
अयोध्या। रामनगरी के हनुमान बाग में श्री रामकथा की अमृत वर्षा में संत साधक गोता लगा रहे है। व्यासपीठ से रामकथा की रसधार रामेश्वर बापू हरियाणी के श्री मुख से बह रही है। आज रामकथा के समापन सत्र में भरत चरित्र व राम राज्याभिषेक की कथा सुनाते हुए बापू जी ने बताया कि भरत ने बड़े भाई भगवान श्रीराम की चरणपादुका को चौदह वर्षों तक उनकी पूजा अर्चना उनका दास बनकर अयोध्या की प्रजा की सेवा की। कथाव्यास ने बताया कि यदि हमारे समाज के लोग श्रीराम चरित मानस का अनुकरण करते हुए जीवन निर्वाह करने की कला सीख ले तो समाज की सभी प्रकार की समस्याओं का निस्तारण अपने आप हो जाएगा। कथा व्यास ने कहा कि भगवान की कथा हमारे समाज को अनुशासन और प्रेम तथा सद्भाव का संदेश देती है। जिन घरों में भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण सहित हमारे देवी देवताओं एवं महापुरुषों की कथाओं का गुणगान होता है उन परिवारों में हमेशा सुख शांति बरसती है। राम लक्ष्मण भरत शत्रु जैसे भाई से हमे सभी गुण सीखना चाहिए और जिस तरह भरत ने अपने चरित्र आचरण और सादगी के साथ राज्य चलाया और प्रजा को सब कुछ दिया उससे हमे सीख लेने की जरूरत है। महोत्सव की अध्यक्षता महंत श्री चंदेश्वर बापू सीताराम कुटीर शीलज अहमदाबाद कर रहे। हनुमान बाग मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज का सानिध्य इस महोत्सव को मिल रहा।महोत्सव का संचालन व व्यवस्थापक में सुनील दास ने किया। आज की कथा में जगन्नाथ मंदिर अहमदाबाद के श्रीमहंत दिलीप दास जी महाराज व हरिद्वार के स्वामी विश्वेश्वरनंद जी मौजूद रहे। इस मौके पर सुनील दास, रोहित शास्त्री, गोलू दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: हनुमान बाग में आयोजित रामकथा में धूमधाम से मनाया गया सीताराम विवाहोत्सव
Wed, Aug 24, 2022
माता सीता भक्ति और शक्ति का रूप है और शिव धनुष अंहकार का प्रतीक: रामेश्वरबापू
अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता, अनि अखाड़ा के महासचिव महंत गौरीशंकर दास, तुलसीदास छावनी के महंत जनार्दन दास व छपिया स्वामी नारायण मंदिर के देव स्वामी सहित दर्जनों संतों का अभिनन्दन किया महंत श्री चंदेश्वर बापू
अयोध्या। व्यक्ति के जीवन में नियम का होना अति आवश्यक है। जिनके जीवन का कोई नियम नही होता उनका जीवन उमर भर भटकता रहता है। जीवन के अच्छे कर्मों को यज्ञ कहा गया है। यह बात हनुमान बाग में श्रीराम कथा महोत्सव के छठवे दिवस सीताराम विवाह महोत्सव की कथा के दौरान प्रख्यात कथावाचक रामेश्वरबापू हरियाणी ने कही। रामकथा में संत साधक रसमयी आनंदमयी सागर में गोता लगा रहे है। कथा में श्री सीताराम विवाहोत्सव का बहुत ही सुंदर वर्णन करते हुए बापू जी ने यज्ञ के महत्व को बताते हुए कहा कि जब जीवन में यज्ञ समाप्त को जाता है तो जीव का तेज और बल दोनो की समाप्त हो जाते हैं। राम विवाह के प्रसंग में उन्होंने बताया कि माता सीता भक्ति और शक्ति का रूप है और शिव धनुष अंहकार का प्रतीक है। कथा में भगवान श्रीराम के विवाह प्रसंग पर व्यास पीठ से मंगल गीत गाए गए। भगवान श्री राम सीता लक्ष्मण के स्वरूप की आरती उतारी गई। बापू जी ने कथा के मर्म का संदेश दिया कि जीवन में बिना त्याग तपस्या संतोष के किसी भी प्रकार का सुख और आनंद प्राप्त नही किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि संसार में गुरु तत्व ही इन सभी साधनों के दाता है।बापू ने बाताया की राम की कृपा बिना जीनव मे विवेक आता नही है। उन्होंने कहा कि राम कृपा प्राप्त करने के लिए राम चरित मानस की कथा जरूर सुनना चाहिए। रामकथा व्यक्ति को पथ दिखाती ही। संसार और भौतिक सुविधा मे डुबे हूए व्यक्ति को कथा दर्शन कराती। राम चरित मानस मे व्यक्ति की हर समास्या समाधान छुपा हुआ है। बस उन समाधान खोजना है और समाधान तब ही मीलता है।
आज कथा मे रामसीताराम का विवाह हुआ। बापू ने बताया की विवाह आनी दो आत्मा का मिलन है उनमे केवल काम नही है लेकिन मर्यादित रूप से जीवन जीया जाय तो राम भी मिलते है। आज की कथा में अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता, अनि अखाड़ा के महासचिव महंत गौरीशंकर दास, हरिद्वार से चल कर आये स्वामी विश्वेश्वरनंद,तुलसीदास छावनी के महंत जनार्दन दास व छपिया स्वामी नारायण मंदिर के देव स्वामी, महंत मेघनाथ दास,पुजारी राजकुमार दास सहित दर्जनों संतों का अभिनन्दन महंत श्री चंदेश्वर बापू ने किया।महोत्सव की अध्यक्षता महंत श्री चंदेश्वर बापू सीताराम कुटीर शीलज अहमदाबाद कर रहे। हनुमान बाग मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज का सानिध्य इस महोत्सव को मिल रहा। इस मौके पर सुनील दास, रोहित शास्त्री, गोलू दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।