: श्रीराममंत्र महायज्ञ की निकली विशाल शोभायात्रा, रामनगरी में गूजा सिया बाेल की गूंज
Thu, Oct 6, 2022
108 कुंडीय दस दिवसीय श्रीराममंत्र महायज्ञ का हुआ भव्य शुभारंभ,पीत वस्त्र धारी हजारों महिलाएं से पटी रामनगरी
व्यासपीठ से मलूकपीठाधीश्वर डॉ. राजेंद्रदेवाचार्य कर रहे श्रीराम कथा की अमृत वर्षा
अद्वितीय महोत्सव के साक्षी बनने लाखों रामभक्त पहुंचे अयोध्या
अयोध्या। रामनगरी के श्रीरामहर्षण मैथिल सख्यपीठ धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट चारूशिला मंदिर, जानकीघाट में 108 कुंडीय दस दिवसीय श्रीराममंत्र महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इसी क्रम में बुधवार को मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे व हाथी-घाेड़े संग विशाल शाेभायात्रा निकाली गई। जाे अयाेध्यानगरी के मुख्य मार्गाें से हाेते हुए पावन सरयू तट पहुंची। जहां सभी कलशाें में पवित्र सरयू जल भरकर यात्रा पुनः अपने गंतव्य काे वापस लाैटी। कार्यक्रम स्थल श्रीरामवल्लभाकुंज परिसर में बने यज्ञ मंडप में सभी 11 साै कलशाें काे वैदिक मंत्राेच्चार संग स्थापित किया गया। यह शाेभायात्रा पूरी रामनगरी में काैतूहल का विषय बनी रही, जिसमें पीत वस्त्र धारी 11 साै महिलाएं अपने-अपने सिराें पर कलश और 5 साै 1 श्रद्धालुगण सिर पर श्रीमद् भागवत महापुराण रखे हुए थे। साथ ही 15 रथाें पर भगवान के विग्रह रथारूढ़ रहे। पूरी अयाेध्यानगरी सिया बाेल की गूंज से गुंजायमान रही। शाेभायात्रा में शामिल साधु-संत व हजाराें भक्तगण भक्तिभाव में सराबाेर दिखे। इस अद्भुत एवं मनाेरम दृश्य से अयाेध्याधाम में अनुपम छटा निखर रही थी। पूरा वातावरण हर्ष और उल्लास के रंग में रंगा हुआ था। शाेभायात्रा में श्रीरामवल्लभाकुंज अधिकारी राजकुमार दास, जगद्गुरू स्वामी रामदिनेशाचार्य, महंत जन्मेजय शरण, महंत अवधेश दास, महंत जनार्दन दास, महंत रामजी शरण, स्वामी छविराम दास, नागा रामलखन दास समेत हजाराें की संख्या में भक्तगण शामिल रहे। इस माैके पर कार्यक्रम आयाेजक व श्रीमहर्षण मैथिल सख्यपीठ चारूशिला मंदिर के श्रीमज्जगद्गुरू रामानंदाचार्य स्वामी वल्लभाचार्य ने कहा कि यह कार्यक्रम अनंत विभूषित पंचरसाचार्य स्वामी श्रीमद् रामहर्षण देव महाराज द्वारा संपन्न श्रीमंत्रराज अनुष्ठान के रजत जयंती महामहोत्सव पर आयाेजित है, जिसका शुभारंभ विशाल शाेभायात्रा के साथ हाे चुका है। जाे 14 अक्टूबर तक अपने चर्मोत्कर्ष पर रहेगा। महाेत्सव में देश के विभिन्न प्रांताें से विशिष्ट जगद्गुरू, शंकराचार्याें, महामंडलेश्वराें, दिव्य संताें का शुभागमन हाे रहा है। जिनके दर्शन व दिव्यवाणी का संलाभ हम सब प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि श्रीराममंत्र महायज्ञ का कार्यक्रम अपने आपमें अद्वितीय है। यह अद्भुत यज्ञ हो रहा है। संताें का कहना है कि ऐसा महायज्ञ अभी तक अयोध्या में नही हुआ है। जाे पहली बार हाे रहा है। इसमें 11 मंजिल की यज्ञशाला और 108 कुंडाें का यज्ञ मंडप बना हुआ है। 501 विद्वानाें द्वारा श्रीमद् भागवत महापुराण का परायण किया जा रहा है। 501 जापक श्रीमंत्रराज का जाप कर रहे हैं। इस तरह कुल 13 कराेड़ षड़ाक्षर श्रीराममंत्र का जप किया जायेगा। 540 यजमानाें द्वारा 8 साै कुंतल हवन सामग्री से महायज्ञ में 1 कराेड़ 30 लाख आहुतियां डाली जायेंगी। वहीं 11, 12 व 13 अक्टूबर काे विराट संत-सम्मेलन का कार्यक्रम है, जिसमें सम्पूर्ण भारत के महापुरूषाें का आगमन हाे रहा है। वृंदावन धाम के श्रीमद् जगद्गुरू द्वाराचार्य मलूकपीठाधीश्वर डॉ. राजेंद्रदेवाचार्य अपने मुखारविंद से श्रीरामकथा कह रहे हैं। रात्रि 8 बजे 11 बजे तक वृंदावन की प्रसिद्ध चैतन्य महाप्रभु लीला हाे रही है।
: आदिपुरुष फिल्म मे श्रीराम के अपमान पर होगी कार्रवाई : अनूप चौधरी
Thu, Oct 6, 2022
रेल मंत्रालय सलाहकार समिति सदस्य ने रामलला का किया दर्शन पूजन,पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का लियि आशीर्वाद
अयोध्या। रामनगरी पहुंचे सदस्य सलाहकार समिति रेल मंत्रालय भारत सरकार के अनूप चौधरी ने रामलला का दर्शन पूजन कर श्री राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज से आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने आदिपुरुष फिल्म के बारे में की चर्चा करते हुए मीडिया से कहा कि आदिपुरुष फिल्म में फिल्माया गया अभिनय देश के असंख्य हिंदूओ के आराध्य भगवान राम का फ़िल्म में अपमान किया गया है जिसको बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, यह फिल्म बैन होनी चाहिए जल्दी ही इस फिल्म के निर्माता निर्देशक अभिनेता अभिनेत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया की जाएगी ताकि भविष्य में कोई फिर से हमारे आराध्य भगवान राम के बारे मे फिल्मांकन ग़लत तरीक़े से ना कर पाए। वही रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि आदिपुरुष फिल्म की निंदा करते हुए सरकार से इस फिल्म पर बैन लगाने व प्रोड्यूसर अभिनेता डायरेक्टर के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग करता हूँ। इस फ़िल्म सनातन संस्कृति का घोर अपमान किया गया है।
: कबीर के रास्ते पर चलकर ही प्राप्त होगा वैश्विक मानवतावाद
Thu, Oct 6, 2022
तीन दिवसीय कबीर मेला व सत्संग समारोह का हुआ समापन
अयोध्या। कबीर मंदिर जियनपुर में हर वर्ष की भांति इस बार भी मंदिर के संस्थापक सद्गुरु रामसूरत साहब एवं निर्माणकर्ता उदार साहब की स्मृति में तीन दिवसीय कबीर मेला एवं सत्संग समारोह आयोजित किया गया। बृहस्पतिवार को महोत्सव का समापन सत्र संतों के प्रवचन एवं भजन के साथ संपन्न हुआ। कबीर मंदिर के संस्थापक उपाध्यक्ष वरिष्ठ संत निहाल साहेब की अध्यक्षता में आयोजित समापन सत्र के मुख्य अतिथि काठमांडू नेपाल स्थित कबीर आश्रम के महंत आचार्य संतोष साहेब रहे। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित संतों एवं भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य संतोष साहेब ने कहा कि संत शिरोमणि कबीर साहेब ने अपने संदेशों में 5 सौ वर्ष पूर्व जो बातें कही थी उसकी प्रासंगिकता सार्थकता एवं महत्ता आज भी कम नहीं हुई है। वह एक युग दृष्टा क्रांतिकारी संत थे जिन्होंने सर्व समाज की शांति प्रगति एवं खुशहाली के लिए सार्वभौमिक जीवन मंत्र दिए हैं। कबीर के रास्ते पर चलकर ही वैश्विक मानवतावाद का उत्कृष्ट स्वरूप प्राप्त किया जा सकता है। समापन समारोह में पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य बौद्ध अरविंद सिंह पटेल, कबीर मंदिर समिति के मंत्री विवेक ब्रह्मचारी, संत रामप्रकाश दास, भुवनेश्वर दास, युवराज दास, राम लाल दास, कबीर आश्रम बोहारा छत्तीसगढ़ से आए रविंद्र दास, राधेश्याम दास, डॉ जितेंद्र राव, केजीएमयू आदि प्रमुख लोगों ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य निर्मल कुमार वर्मा ने किया कार्यक्रम के प्रारंभ में मंदिर समिति के अध्यक्ष महंत उमाशंकर ने सभी संतो एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर राम अभिलाष वर्मा, अमरनाथ यादव, एडवोकेट बालकिशन पाल सुनील कुमार वर्मा वरिष्ठ पत्रकार पंवन पांडे अमरनाथ वर्मा, भानु प्रताप सिंह, बलराम वर्मा, कृष्णा प्रसाद वर्मा, विनोद कुमार, संत शील दास, सोनू, श्याम मूर्ति यादव एडवोकेट आदि प्रमुख गणमान्य जन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।