: धर्म को अलग करने के बजाए प्रत्येक कर्म को धर्म में करना सीखें :महंत श्रीधर दास
Tue, Dec 27, 2022
अयोध्या। रामघाट स्थित प्रसिद्ध पीठ श्यामा सदन मंदिर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर कथाव्यास श्यामा सदन पीठाधीश्वर महंत बालयोगी श्रीधर दास महाराज ने कहा कि धर्म को अलग करने के बजाए प्रत्येक कर्म को धर्म में करना सीखें।
आज हमारी प्रार्थना भी मात्र क्रिया बनकर रह गई है जबकि प्रत्येक क्रिया ही प्रार्थना बन जाए ऐसा कार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा व्यवहार आचरण विचार सब इतना लयबद्ध और ज्ञान मय हो कि यह सब अनुष्ठान जैसा लगने लगे। व्यासजी ने कहा कि धर्म के लिए अलग से कर्म करने की आवश्यकता नहीं अपितु जो कर्म हम कर रहे हैं उसको ऐसे पवित्र भाव से करें कि वही धर्म बन जाए। उन्होंने कहा कि समस्त समस्याओं का समाधान करने के लिए मौन ही सबसे बड़ा अस्त्र है इस अस्त्र से संसार के समस्त विवादों का समाधान हो सकता है।जो मनुष्य बाहरी बातों पर ध्यान देता है उसके घर में कलेश होता है तात्कालिक आवेश में लिया गया निर्णय हमेशा पश्चाताप का कारण बनता है जो सरलता असत्य और अन्याय का विरोध न कर सके वह समाज और स्वयं दोनों के लिए घातक है। कथा को समझाते हुए महंत श्रीधर दास ने कहा कि झूठ और अन्याय को सह लेना ही अगर सरलता होती तो भगवान श्री राम बाली के अन्याय और रावण के अत्याचार को सहते इन सब को दंडित करने के बाद भी भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम , सरल एवं संकोची कहा गया है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान महेश प्रसाद गुप्ता, आशा गुप्ता समस्त पावटा परिवार ने किया। इस मौके पर श्यामा सदन के संत साधक व शिष्य परिकर मौजूद रहें।
: कड़ाके की ठंड में बिना स्वेटर विद्यालय जा रहे बच्चे
Tue, Dec 27, 2022
मिल्कीपुर शिक्षा क्षेत्र के 4253 छात्र अभी भी ड्रेस से वंचित
मिल्कीपुर-अयोध्या। मिल्कीपुर शिक्षा क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों पर उनके अभिभावकों की लापरवाही भारी पड़ रहा है। सरकार की तरफ से अनुदान राशि मिलने के बावजूद अभिभावक स्वेटर नहीं खरीद रहे हैं। ऐसे में कड़ाके की ठंड में नौनिहालों को बगैर स्वेटर स्कूल जाना पड़ रहा है। स्कूलों में ड्रेस व स्वेटर खरीद को लेकर पड़ताल की तो बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। अधिकतर बच्चे बिना स्वेटर के स्कूल जाते मिले। शिक्षा क्षेत्र के 145 परिषदीय विद्यालयों में 26971 हजार नौनिहाल छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन बच्चों को सरकार की तरफ से निशुल्क पाठ्य पुस्तक के अलावा ड्रेस, जूता, मोजा व स्वेटर के लिए अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाती है। पर अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से उनके अभिभावकों के खाते में भेजी जाती है सरकार की तरफ से अब तक 16718 हजार छात्र छात्राओं के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए 2 करोड़ 61 हजार 600 रूपए भेजे जा चुके हैं। अनुदान की धनराशि मिलने के बावजूद अधिकतर बच्चों के पास ना तो स्कूल एड्रेस है और न ही स्वेटर।
बिना स्वेटर के इस कड़ाके की ठंड में बच्चों को ठिठुरते हुए विद्यालय जाना पड़ रहा है। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग ड्रेस और स्वेटर की खरीद के लिए अभिभावकों को जागरूक करने में लगा है विभाग का पूरा जोर अभी ड्रेस के साथ स्वेटर खरीद पर है जिससे बच्चों को ठंड से बचाया जा सके। खंड शिक्षा अधिकारी मिल्कीपुर रिचा सिंह ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र के 1623 छात्रों का आधार कार्ड अभी नहीं बना है उनका आधार कार्ड विद्यालय में कैंप लगाकर बनवाया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र के 4253 छात्र छात्राओं के आधार कार्ड में त्रुटियां होने के चलते अभिभावकों के खाते में ड्रेस के लिए पैसे नहीं गए हैं जिस को ठीक कराया जा रहा है जल्द ही पैसा पहुंच जाएगा।
: महंत रामआसरे दास ने आमरण-अनशन की दी चेतावनी
Tue, Dec 27, 2022
48 घंटे के अंदर उचित न्याय नही मिला तो अन्न-जल का करेंगे परित्याग
अयोध्या। ठाकुर रामजानकी बिंद पंचायत मंदिर, स्वर्गद्वार के सरबराहकार महंत रामआसरे दास चेला रामदास ने आमरण-अनशन की चेतावनी दिया है। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेट दिया है कि यदि उन्हें 48 घंटे के अंदर उचित न्याय नही मिला। तो वह अन्न-जल का परित्याग कर आमरण-अनशन पर बैठे जायेंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी। महंत रामआसरे दास ने मंगलवार को संकटमोचन हनुमान किला मंदिर, बाईपास पर प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि रामनगरी के स्वर्गद्वार मोहल्ले में ठाकुर रामजानकी बिंद पंचायत मंदिर नाम से उनका एक आश्रम है। जो उनका गुरूद्वारा भी है, जिसके वह सरबराहकार महंत हैं। इस मंदिर का मुकदमा लगभग 55 वर्षों से वह कोर्ट में लड़ रहे थे। इस मामले में नीचे की अदालत से लेकर हाइकोर्ट तक ने उनके पक्ष में फैसला दे दिया है। लेकिन स्थानीय प्रशासन उन्हें उक्त मंदिर पर काबिज नही करा रहा है। उनका एक आश्रम मथुरा में भी है। जहां वह अपना समय भजन-कीर्तन में व्यतीत करते हैं। साथ ही साथ बराबर अयोध्या स्थित ठाकुर रामजानकी बिंद पंचायत मंदिर पर भी आना जाना लगा रहता है। वह पिछले 20 दिनों से अयोध्यानगरी में हैं। यहां के लगभग सभी आलाधिकारियों से वह मिल भी चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को हाइकोर्ट के फैसले के बारे में भी अवगत कराया है। लेकिन कोई अधिकारी उनकी मदद नही कर रहा है, जिससे विपक्षी अराजकतत्वों के हौसले बुलंद हैं। विपक्षीगणों द्वारा उन्हें बराबर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। महंत ने कहा कि विगत सावन माह में वह अयोध्या आए थे और अपने स्वर्गद्वार स्थित आश्रम पर रूके रहे। कुछ दिन वहां रहने के बाद कृष्ण जन्माष्टमी मनाने के लिए मथुरा चले गए। गोवर्धन पूजा के उपरांत जब पुनः कार्तिक मेले के अवसर पर यहां आए। तो विपक्षी व भूमाफिया किस्म के लोगों ने एक राय होकर उन्हें मंदिर में घुसने नही दिया। साथ ही जान से मारने की धमकी और गाली दी, जिससे भयभीत होकर उन्होंने अयोध्या कोतवाली में तहरीर दिया था। परंतु उक्त तहरीर पर कोई कार्यवाही नही हुआ। इससे विपक्षी के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं। महंत रामआसरे दास ने कहा कि वह बहुत ही दुखी हैं। प्रशासन भी उनकी कोई मदद नही कर रहा है। यह मंदिर बिंद समाज का मंदिर है। जिस पर विपक्षी राकेश कुमार पांडेय पुत्र रामविलास शरण निवासी स्वर्गद्वार का कोई अधिकार नही है। यहां सत्य और असत्य की लड़ाई है। प्रशासन दोनों पक्षों का कागज देख ले। जो सही हो उसे मंदिर पर काबिज करा दे। महंत रामआसरे दास ने कहा कि यदि दो दिनों के अंदर उन्हें न्याय नही मिला। तो वह अन्न, जल का त्याग कर आमरण-अनशन पर बैठ जायेंगे। वहीं अखिल भारतीय श्री पंच तेरह भाई त्यागी खाक चौक व संकटमोचन हनुमानकिला मंदिर के महंत परशुराम दास ने कहा कि स्वर्गद्वार स्थित रामजानकी मंदिर बिंद समाज का मंदिर है, जिसके साथ छेड़छाड़ का भी प्रयास किया गया है। स्थानीय प्रशासन से मांग है कि महंत को उचित न्याय दिलाया जाए।