: भगवान से बढ़ कर कोई और सुख और संपदा नहीं: आचार्य धरणीधर
Wed, Mar 1, 2023
अयोध्या। बेनीगंज फेस तीन अयोध्या में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण के द्वितीय दिवस कथा में अमरकथा और शुकदेवजी के जन्म का वृतांत का विस्तार से वर्णन किया गया। कथा प्रवक्ता आचार्य धरणीधर जी महाराज ने कथा की शुरुआत करते हुए कहा कि आप सब पर ठाकुरजी की कृपा है। जिसकी वजह से आप आज कथा का आनंद ले रहे है। कथा सुनने का अवसर गोविंद प्रदान करते हैं।कथा में यह भी बताया कि अगर आप भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते है तो कथा में प्यासे बन कर आए, कुछ सीखने के उद्देश्य से, कुछ पाने के उद्देश्य से आएं, तो ये भागवत कथा जरूर आपको कुछ नहीं बल्कि बहुत कुछ देगी। मनुष्य का जीवन सांसारिक भोग में नहीं कृष्णभक्ति में बिताएं। मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। आचार्य जी ने कहा कि उसका सारा ध्यान संसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। मानव जीवन का उद्देश्य कृष्ण प्राप्ति शाश्वत है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का उद्देश्य कृष्ण को पाकर ही जीवन छोड़ना है और अगर हम ये दृढ़ निश्चय कर लेंगे कि हमें जीवन में कृष्ण को पाना ही है तो हमारे लिए इससे प्रभु से बढ़कर कोई और सुख, संपत्ति या सम्पदा नहीं है।उन्होंने कहा कि भागवत कथा श्रवण करने वालों का सदैव कल्याण करती है। भगवत कथा के समय स्वयं श्रीकृष्ण आपसे मिलने आए हैं। जो भी इस भागवत के तट पर आकर विराजमान हो जाता है, भागवत उसका सदैव कल्याण करती है। उन्होंने कहा कि बिना जाति और बिना मजहब देखे इनसे आप जो मांगे यह आपको वो मनवांछित फल देती है और अगर कोई कुछ न मांगे तो उसे मोक्ष पर्यंत तक की यात्रा कराती है। मुख्य यजमान हरीराम पाण्डेय, अयोध्या प्रसाद पाण्डेय,हरी प्रसाद पाण्डेय, शिवकुमार सिंह,डा.दिलीप सिंह, राम जग पाठक, संदीप खरे, जग्गू राम, अजीत सिंह, पतिराम वर्मा, शैलेन्द्र पाण्डेय, आचार्य सचिदानंद मिश्र, आचार्य अनिरूद्ध शुक्ल, युवा भाजपा नेता अटल तिवारी, इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
: कथा श्रवण से शुद्ध होता है अंतःकरण: रत्नेश प्रपन्नाचार्य
Wed, Mar 1, 2023
अयोध्या। श्रीमद्भागवत भगवान का शब्द विग्रह है। आत्मोद्धार के लिए शास्त्रों ने श्रवण को ही प्रथम साधन माना है। श्रीमद्भागवत कथा हमें ज्ञानामृत प्रदान कर अज्ञान का नाश करता है। उक्त बातें भागवत कथा के शुभारंभ में जगद्गुरू रत्नेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने कही। पूरा बाजार के सरायराशी ग्राम सभा में आज से भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ है। रत्नेश प्रपन्नाचार्य कहते है कि कथा श्रवण से शुद्ध होता है अंतःकरण। भगवान के माधुर्य भाव को अभिव्यक्ति करने वाला, उनके दिव्य माधुर्य रस का आस्वादन कराने वाला सर्वोत्कृष्ट ग्रन्थ श्रीमद्भागवत ही है। श्रीमद्भागवत कथा ईश्वर का साकार रूप है। उन्होंने कहा कि हरि कथा ही कथा, बाकी सब व्यर्थ और व्यथा है। कथा जीवन के उस रस को जीवित करती है जो हमारे जीवन में नहीं है। जिस रस को हम बाहर ढूँढते हैं, वह श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मिल जाता है।श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। सोया हुआ ज्ञान-वैराग्य कथा श्रवण से जाग्रत हो जाता है।
: सरकारी दीवारों से कैद हो रहा शिवनाथपुर
Wed, Mar 1, 2023
फ्लाईओवर बढ़ाए जाने से ग्रामीणों में बढ़ी नाराजगी
एनएचआई और पीएनसी से हाईकोर्ट ने मांगा हलफनामा
अयोध्या। कुमारगंज शिवनाथपुर में बन रहे फ्लाईओवर को लेकर मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। जहां से एनएचआई और पीएनसी से जवाब दाखिल करने को कहा गया है। मामला शिवनाथपुर प्राइमरी पाठशाला का है। एनएचआई और पीएनसी की ओर से कुमारगंज फोरलेन पर एक तरफ 800 मीटर फ्लाईओवर बढ़ा दिया गया। वह भी सरकारी जमीन के बजाए आबादी के क्षेत्र में।जिस तरह 800 मीटर बढ़ाया गया है उसका जोरदार विरोध गांव वालों ने किया। बताया जा रहा है कि एनएचआई और पीएनसी द्वारा यह कहा गया है कि यहां पर कोई प्राइमरी पाठशाला व मैदान नहीं है। पीएनसी की रिपोर्ट को समाजसेवी राजन पांडे द्वारा उच्च न्यायालय में एक पीआईएल दाखिल की गई। जिसमें कोर्ट ने डीएम से भी अपनी रिपोर्ट देने को कहा है कि प्राइमरी पाठशाला है या नहीं और इसके बनने से गांव वालों को कोई असुविधा तो नहीं होगी। बताया जा रहा कि जितने में फ्लाईओवर बनाया गया है मात्र 200 मीटर छोड़ दिया जाए तो पूरे फ्लाईओवर में मात्र एक तरफ आबादी है दूसरी तरफ नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय की जमीन है। दूसरी तरफ वन विभाग की जमीन है। शिवनाथ पुर गांव से जहां से दोनों तरफ आबादी शुरू होती है वहीं तक फ्लाईओवर रोक करके दीवाल दोनों तरफ बना दी जा रही है। इस मामले को लेकर के सांसद लल्लू सिंह के पास भी ग्रामीण गए थे। बताया कि शिवनाथ पुर ग्राम सभा एक कैदखाना हो गया है। क्योंकि इस गांव के तीनों तरफ नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय की 8 फीट ऊंची बाउंड्री है इस नाते गांव के सामने दीवाल बन जाने से शिवनाथपुर गांवसभा कैद हो जाएगा। लोगों को अपने खेतों में जाना है तो कम से कम डेढ़ किलोमीटर का चक्कर लाया करके हाईवे क्रॉस करके जाना पड़ेगा। प्राइमरी के बच्चे हाईवे पार करके स्कूल पहुंचेंगे और रोज उनको कम से कम 3 किलोमीटर चलना पड़ेगा इस संबंध में कई बार अधिकारियों को पत्र लिखा गया लेकिन कोई उसका असर नहीं।