: रामनगरी से होगी नशा मुक्त समाज अभियान की शुरुआत
Fri, Mar 3, 2023
केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के सलाहकार सदस्य अनूप चौधरी पहुंचे अयोध्या
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के राम की पैड़ी से नशा मुक्त समाज अभियान की शुरुआत करने भारत सरकार के केन्द्रीय राज्य मंत्री आवास एवं शहरी विकास मंत्री कौशल किशोर अयोध्या आ रहे है। कार्यक्रम के संयोजक वरिष्ठ भाजपा नेता व कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के सलाहकार सदस्य अनूप चौधरी अयोध्या पहुंच कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किये। अनूप चौधरी सबसे पहले भगवान राम लला मंदिर जाकर भगवान का दर्शन पूजन कर पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज का आशीर्वाद लिये। इसके बाद कार्यक्रम स्थल रामकी पैड़ी व आरती घाट का निरीक्षण कर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौपी। पत्रकारों से मुखातिब होते हुए भाजपा नेता अनूप चौधरी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की नगरी से हम सब नशा मुक्त समाज अभियान की शुरुआत करेंगे। क्योंकि देश व समाज तभी आगे बढ़ेगा जब वा स्वस्थ व नशा मुक्त होगा। उन्होंने कहा कि आज देश स्वर्णिम काल की ओर अग्रसर है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बन रहा है। आज पूरा दुनिया भारत देश की तरफ आशाभरी निगाह से देख रही है। अयोध्या जी में भगवान राम लला का दिव्य धाम मंदिर बन रहा है जो राष्ट्र मंदिर के रूप में स्थापित होगा। श्री चौधरी ने कहा कि हमारे गुरुदेव पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज के आशीर्वाद से हमारा कार्यक्रम नशा मुक्ति अभियान ऐतिहासिक होगा जिसमें रामनगरी के विशिष्ट संतों का सम्मान भी किया जायेगा।इस पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज होगे।
: सज्जनों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं परमात्मा : धरणीधर
Fri, Mar 3, 2023
श्रीमद्भागवत कथा का चतुर्थ दिवस
अयोध्या। बेनीगंज फेस तीन श्री अयोध्या जी में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में आचार्य धरणीधर महाराज ने कहा जब मनुष्य दुर्भाग्य को सुधारेगा नहीं उसका कल्याण कैसे होगा। हम सभी को भगवान के उत्सव को ही अपना उत्सव मानना चाहिए। क्योंकि वही सत्स्वत अपना सुख है, वही सही मायने में उत्सव है। जो कभी पूर्ण नहीं होता जो कभी पूर्ण न हो उसी उत्सव में सम्मिलित होना चाहिए। जो नित्य निरन्तर चलता रहे कभी रुकता नहीं तो उस उत्सव में सम्मिलित होने से ही हमारा कल्याण होगा। साधना से ही साधन संपन्ना होते हैं। आचार्य धरणीधर जी ने कहा सृष्टि का सार तत्व परमात्मा है। इसलिए असार यानी संसार के नश्वर भोग पदार्थों की प्राप्ति में अपने समय, साधन और सामर्थ को अपव्यय करने की जगह हमें अपने अंदर स्थित परमात्मा को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसी से जीवन का कल्याण संभव है।
सृष्टि का सार तत्व परमात्मा है। इसलिए असार यानी संसार के नश्वर भोग पदार्थों की प्राप्ति में अपने समय, साधन और सामर्थ को अपव्यय करने की जगह हमें अपने अंदर स्थित परमात्मा को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसी से जीवन का कल्याण संभव है। जब हमारी वृत्ति परमात्मा में लगेगी तो संसार गायब हो जाएगा। प्रश्न यह है कि परमात्मा संसार में घुले-मिले हैं तो संसार का नाश होने पर भी परमात्मा का नाश क्यों नहीं होता। और अलग भी हैं। आकाश में बादल रहता है। और बादल के अंदर भी आकाश तत्व है। बादल के गायब होने पर भी आकाश गायब नहीं होता है। इस मौके पर मुख्य यजमान हरीराम पाण्डेय, हरी प्रसाद पाण्डेय, अयोध्या प्रसाद पाण्डेय, आचार्य सचिदानंद मिश्र,डा.दिलीप सिंह, शिवकुमार सिंह,सौरभ मौर्य, पतिराम वर्मा, संजीव सिंह,सत्य नारायण तिवारी मौजूद थे।
: श्रीमद भगवत कथा तो देवताओं के लिए भी दुर्लभ है: वेदांतीजी
Fri, Mar 3, 2023
व्यास पीठ से पुतना उद्धार एवं श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को वशिष्ठ पीठाधीश्वर जी ने श्रवण कराया
जहाँ धर्म न हो, संस्कार न हो, अपनी परम्पराओं का निर्वाहन न हो वहां नस्ल ख़राब हो जाती है: ब्रह्मर्षि राम विलास वेदांती महाराज
अयोध्या। रामनगरी के पंचकोसी परिक्रमा मार्ग स्थित हिंदू धाम में चल रहें श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव धूमधाम से समापन हुआ। श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम दिवस पर वशिष्ठ पीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि राम विलास वेदांती महाराज ने पुतना उद्धार एवं श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन भक्तों को श्रवण कराया। विश्राम दिवस पर महाराज श्री ने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता की सुंदर कथा श्रोताओं को श्रवण कराई।
वेदांती जी ने व्यासपीठ से कहा कि कथा आपको सम्पूर्ण भागवत कथा का फल देती है। ये हमारे करोड़ो जन्मो का पुण्य ही है की हमे श्रीमद भागवत कथा सुनने का अवसर प्राप्त हुआ है। क्यूंकि आप बस मानव जीवन को प्राप्त करके ही श्रीमद भगवत कथा का श्रवण कर सकतें है। श्रीमद भगवत कथा का ये ग्रन्थ तो देवताओं के लिए भी दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि जिस जीव के दिल में इच्छा होती है की वो ईश्वर के बारे में जाने वो इस श्रीमद भगवतकथा के माध्यम से ईश्वर के बारे में जान पाता है। जो व्यक्ति सिर्फ माया के पीछे भागता है वो व्यक्ति उस कुंए के मेंढक की तरह है जिसने कभी उस कुए के बाहर की दुनिया देखी ही नहीं। व्यास जी ने कहा कि वो कथा को सिर्फ एक कहानी की तरह सुनता है या फिर जब तक उसको सुनने का मन करता है तब तक कथा पंडाल में रहता है उसके बाद निकल जाता है। लेकिन वेद व्यास जी ने खुद भागवत कथा में लिखा है की अगर सातो दिन तक पूरी निष्ठा और ध्यान से आप श्रीमद भागवत कथा का श्रवण करते है तो वो आपको मोक्ष की प्राप्ति कराती है। महाराज श्री ने बताया की जिस धरती पर पानी की कमी हो वहां की फसल ख़राब हो जाती है और जहाँ धर्म न हो जहाँ संस्कार न हो, जहां अपनी परम्पराओं का निर्वाहन न हो वहां नस्ल ख़राब हो जाती है। भगवान ने जो हमे ये साँसे दी है वो किसी का बुरा करने के लिए नहीं किसी को बुरा कहने के लिए नहीं, अपनी ज़िन्दगी को यूँ ही व्यर्थ करने के लिए बल्कि ये साँसे भगवान का नामजाप करने और भगवान की भक्ति के लिए दी है। ये सांस बहुत अनमोल है इन्हे आपको कोई उधार नहीं देगा इसलिए इन्हे व्यर्थ ना जाने दे। वेदांती जी ने कहा कि भक्ति करने की कोई उम्र नहीं होती जिस समय आपका जन्म हुआ था उससे पहले आपकी मृत्यु तय है किस जगह आपकी मौत होगी। यह दिव्य महोत्सव का संयोजन व आये हुए अतिथियों का स्वागत श्री महाराज जी के शिष्य वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत डॉ राघवेश दास वेदान्ती महाराज ने किया। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन मुख्य यजमान रामकिशोर पाण्डेय,अविनाश किशोर पाण्डेय,श्रीमती अनामिका, धीरेंद्र पाण्डेय,श्रीमती किरण महेश शुक्ला, राजेंद्र प्रसाद शुक्ला,ताराशंकर पाण्डेय, भोलानाथ पाण्डेय, रामानुज,श्रीमती आरती पाण्डेय,चतुर्गुण पाण्डेय,साधू चरण पाण्डेय, भीम सिंह, बसंत पाण्डेय,मुकेश कुमार, लालजीत पाण्डेय,टाण्डा से श्यामबाबू गुप्ता, अशोक पाण्डेय, बहराइच से दिलीप बाबा,अशोक पण्डा ने व्यासपीठ का पूजन किया। कथा में मुख्य रूप से सुरेंद्र सिंह विहिप,अमित दुबे, करुणेश मणि त्रिपाठी, संघ कार्यालय व्यवस्थापक प्रमुख कृष्णचन्द्र जी, महंत रामसेवक दास जी, जय पुरिया मंदिर के श्री महंत जी, राज चौबे आदि लोग विशेष रूप से उपस्थित रहे।