: रामकथा भगवान के लीला, चरित्र, गुणों की गाथा है: बसंत विजय
Wed, Nov 8, 2023
हनुमान बाग में श्रीराम राज्याभिषेक की कथा महोत्सव का उल्लास चरम पर, पड़ रहा प्रतिदिन 50 हजार आहुतियां
देवी पद्मावती की कुमकुम अर्चना महालक्ष्मी मंत्र से हो रहा
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के प्रतिष्ठित पीठ हनुमान बाग में दीपावली के पावन अवसर पर श्रीराम राज्याभिषेक महाकथा के द्धितीय दिवस पर प्रातःकाल देवी पद्मावती की कुमकुम अर्चना महालक्ष्मी मंत्र से होना शुरु हुआ। कर्नाटक के कृष्णा गिरि स्थित श्री पार्श्व पद्मावती शक्ति पीठ तीर्थ धाम के पीठाधीश्वर स्वामी वसंत विजय महाराज के श्रीमुख से श्रीराम राज्याभिषेक महाकथा में द्धितीय दिवस पर स्वामी बसंत विजय जी महाराज ने कहा कि राम कथा तन-मन को पवित्र कर उज्ज्वल करने के साथ-साथ जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है। श्री रामकथा का महत्व हमेशा से है और आगे भी रहेगा। यह भगवान के लीला चरित्र गुणों की गाथा है। इसके श्रवण और कथन के प्रति हमेशा एक नवीनता का भाव बना रहता है। पूज्य महाराज जी ने कहा कि किसी आम व्यक्ति के जीवन चरित्र को एक दो या चार बार सुनने के बाद उसके प्रति उबन पैदा हो जाता है लेकिन यह भगवान की कथा है सत्य की कथा है इस नाते हमेशा कुछ न कुछ नया लगता है। इसे बार-बार कहने एवं सुनने की इच्छा हमेशा बनी रहती है। श्री पार्श्व पद्मावती शक्ति पीठ तीर्थ धाम के पीठाधीश्वर स्वामी वसंत विजय महाराज ने कहा कि हनुमान जी को रामनाम प्रिय है जहां भी रामकथा होती है वहां वे कथा सुनने आते हैं। हनुमान जी के हृदय में श्रीराम का निवास है। भगवान कभी जन्म नही लेते है हमेशा अवतार होता है। कथा में आज राम राज्याभिषेक की कथा एवं धनतेरस की पूजा विधि को समझाया। महोत्सव की अध्यक्षता करते हुए हनुमान बाग के पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास महाराज ने कहा कि भगवान राम लक्ष्मण भरत और शत्रुघन के चरित्र में प्रदर्शित त्याग और तपस्या की बातों को निरंतर श्रवण करते रहने से सुनने वाले के अंदर भी ऐसे ही महान गुणों का समावेश हो जाता है। हमेशा भगवान की कथा सुननी चाहिए हर घर में रामचरित मानस हो तथा नित्यदिन इसको पढ़े व लोगों को श्रवण कराएं। इस मौके पर सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री सहित सैकड़ों संत महंत एवं राम कथा के रसिक गण उपस्थित रहे।
: राम यात्रा से जीवन यात्रा सर्वोत्तम मार्ग :शक्तिपीठाधिपति
Tue, Nov 7, 2023
राष्ट्रीय संत वसंत विजय महाराज के राम दरबार में सनातन धर्म के मंत्रों की शक्ति का दिखा दिव्य नजारा
भगवान गणेश के 108 नामों का सस्वर पाठ से 5 लाख महालक्ष्मी मंत्र व कुमकुम अर्चन पूजा एवं 50 हजार यज्ञ आहुति का हुआ शुभारंभ
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के प्रतिष्ठित पीठ हनुमान बाग में दीपावली के पावन अवसर पर श्रीराम राज्याभिषेक महाकथा का समारोह पूर्वक शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में प्रथम दिवस रामकथा का प्रसंग व्यासपीठ से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास, हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास व महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलन कर किया। कथा के प्रथम दिवस व्यासपीठ से श्री कृष्णागिरी पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम शक्तिपीठाधिपति मंत्र शिरोमणि राष्ट्रीय संत वसंत विजय महाराज ने कि भगवान की कथा मंगलकारी है जो अमंगल का नाश करती है। कथा हमें परमात्मा तक पहुंचाने का सबसे सुगम मार्ग है। इसके द्वारा हमें भगवान का सानिध्य मिलता है। अवधधाम में रामकथा का श्रवण करने और कराने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। वह भी जब भगवान का राज्याभिषेक हो रहा हो। अयोध्या जी में दीपोत्सव के इस पावन अवसर पर ये कार्यक्रम हो रहा है। तो उसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। अमृतमयी श्रीरामकथा के प्रथम दिवस भक्तों को रसास्वादन कराते हुए प्रख्यात रामकथा मर्मज्ञ कथाव्यास व्यासपीठ से कथा कहते है कि भगवान श्रीराम ने पूरी दुनिया को मानवता का पाठ पढ़ाया। हमें भगवान की मर्यादा का पालन करना चाहिए। वसंत विजय महाराज ने कहा किजीव प्रभु राम का अनुसरण करे। उनके बतलाए हुए सच्चाई के मार्ग पर चले। साथ ही उनकी मर्यादा को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करे। बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम आ रहे है उसके पहले वसंत जी महाराज आ गये ये बड़ा सौभाग्य का विषय है। अयोध्या में अभूतपूर्व भक्त संत आ रहे है। शिव उपासक वसंत जी महाराज आये है। भगवान का महा राज्याभिषेक होने जा रहा है। आज अयोध्या सज रही है। चारों तरह मंगलध्वनि बज रहा है। हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास ने कहा कि अयोध्या धाम बड़ी पवित्र नगरी, रोम रोम में राम को बैठाओ तर जाओगे। उन्होंने कहा कि शिव उपासक वसंत विजय जी द्धारा यह दिव्य कार्यक्रम हो रहा है। यहां पर 5 लाख महालक्ष्मी मंत्र व कुमकुम अर्चन पूजा एवं 50 हजार यज्ञ आहुति होगी।महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि आज राम जी का राज्यभिषेक स्थापना की तैयारी पूरी है। आज भगवान का दिव्य दीपोत्सव हो रहा है। आज सनातन धर्म पर टिप्पणी करने वाले देखे वे रहें न रहें सनातन संस्कृति हमेशा रहेगी। आज सनातन धर्म की ध्वजा लेकर अयोध्या आये है वसंत विजय जी। जयघोष कर रहे है। कार्यक्रम में महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, हनुमानगढ़ी के पुजारी संत राजू दास, राजेश महराज, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री मौजूद रहें।
: सद्गुरु कबीर के विचार आज भी प्रासंगिक: जस्टिस सुभाषचंद्र शर्मा
Sun, Nov 5, 2023
अयोध्या। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सुभाष चंद्र शर्मा शनिवार की देर शाम अयोध्या पहुंचे। जहां वह महाेबरा बाजार स्थित श्रीकबीर धर्म मंदिर जियनपुर गए। वहां मंदिर के संस्थापक रामसूरत साहेब, निर्माणकर्ता उदार साहेब की सामाधि स्थली पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। श्रीकबीर धर्म मंदिर सेवा समिति जियनपुर के अध्यक्ष महंत उमाशंकर दास, मंत्री विवेक ब्रह्मचारी द्वारा न्यायाधीश श्री शर्मा का सद्गुरु कबीर साहेब का चित्रपट, बीजक भेंट एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया। कबीर मठ पहुंचकर न्यायाधीश सुभाष चंद्र शर्मा बहुत ही अभिभूत दिखे। उन्होंने कहा कि हम सब कबीर के अनुयायी और मानने वाले लोग हैं। सद्गुरु कबीर साहेब के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। वह संपूर्ण मानव एकता के पुजारी थे। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों-विसंगतियाें के खिलाफ लड़ाई लड़ी। समाज काे एकसूत्र में पिराेने का काम किय। कबीर साहेब ने अनेकों पद्य की रचना किया। इसके माध्यम से समाज में छुआछूत-भेदभाव काे दूर करने का प्रयास किया गया। संत कबीर दास वाह्य आडंबरों, छुआछूत व सामाजिक कुरीतियों का हमेशा विरोध किया करते थे। उनके बारे में जितना कहा जाए वह कम ही हाेगा। हमें आज सद्गुरू कबीर साहेब से प्रेरणा लेने और उनके बतलाए हुए मार्ग पर चलने की जरूरत है। उन्हीं का अनुसरण करना हाेगा। तभी एक अच्छे समाज की परिकल्पना हाे सकती है। अच्छे समाज का तात्पर्य जहां छुआछूत, भेदभाव, सामाजिक विसंगतियां, वाह्य आडंबर आदि न हाे। श्रीकबीर धर्म मंदिर सेवा समिति जियनपुर के अध्यक्ष महंत उमाशंकर दास ने कहा कि जस्टिस साहब का पूरा परिवार कबीर पंथी एवं अनुयायी है। यह सद्गुरु कबीर काे मानने वाले लोग हैं। कबीर मठ में इनका आगमन हुआ। जाे हम लाेगाें के लिए बहुत ही खुशी की बात है। इस अवसर पर प्राे. अनिल कुमार विश्वकर्मा, पूर्व सदस्य इस्पात मंत्रालय जैस वर्मा, अनुसूचित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग राजेश्वरी प्रसाद विश्वकर्मा, डा. अमित पटेल, समिति के काेषाध्यक्ष निर्मल कुमार वर्मा, उच्च न्यायालय लखनऊ के अधिवक्ता मंदीप पांडेय, एडवोकेट अमिताभ श्रीवास्तव, हृदयराम वर्मा, मनाेज तिवारी, साैरभ पांडेय, मुलायम यादव, अजीत यादव, अतुल विश्वकर्मा, दुर्गेश शर्मा, चंद्रगुप्त माैर्य, डा. सुनीता बाैद्ध, अमरनाथ वर्मा, रामप्रकाश दास, अवनीश सिंह, अनूप जायसवाल आदि माैजूद रहे।