: बीपी मंडल ने हमेशा दलित पिछड़ों की लड़ाई लड़ी : पारसनाथ यादव
Sat, Aug 26, 2023
सपा कार्यालय पर मनाई गई बीपी मंडल की जयंती
अयोध्या। समाजवादी पार्टी कार्यालय लोहिया भवन गुलाब बाड़ी पर बीपी मंडल की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई । पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण करके श्रद्धा सुमन अर्पित की । सपा जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव ने कहा कि बीपी मंडल हमेशा दलित पिछड़ों की लड़ाई लड़ी है श्री यादव ने बताया कि 20 दिसंबर 1978 को मोरारजी देसाई की सरकार ने मधेपुरा से सांसद बीपी मंडल की अध्यक्षता में एक पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की अधिसूचना जारी की । इसे ही मंडल आयोग कहा गया है 1979 को मंडल आयोग ने अपना काम शुरू किया था । 1980 में मंडल आयोग ने तत्कालीन गृह मंत्री ज्ञानी जैल सिंह को मंडल आयोग की रिपोर्ट सौंपी थी । 1990 में बीपी सिंह की सरकार ने 27 प्रतिशत पिछड़ों का आरक्षण लागू कर दिया गया था । श्री यादव ने कहा की बीपी मंडल बिहार के मुख्यमंत्री रहते हुए तमाम जन कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया । जिसे जनता आज भी याद कर रही है । श्री यादव ने कहा आज हम सब पिछड़ों के मसीहा बीपी मंडल के जयंती पर विन्रम श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं । सपा जिला प्रवक्ता चौधरी बलराम यादव ने बताया कि पार्टी कार्यालय पर सपा जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव के नेतृत्व में बीपी मंडल की जयंती बनाई गई अवसर प्रमुख रूप से जिला उपाध्यक्ष ओपी पासवान रमाकांत यादव चौधरी बलराम यादव अंसार अहमद बबन मो हलीम पप्पू दान बहादुर सिंह जगन्नाथ यादव गौरव पांडे डॉ घनश्याम यादव वीरेंद्र गौतम नागेश्वर नाथ कोरी केशव कोरी राकेश चौरसिया विशाल यादव जेपी यादव अरुण कुमार कोरी राम जी विश्वकर्मा जितेंद्र कुमार यादव सूर्यभान यादव आदि लोग मौजूद रहे ।
: चारुशिला मंदिर में झूलनोत्सव का उल्लास अपने चरम पर, गीत संगीत में गोता लगा रहें संत साधक
Sat, Aug 26, 2023
उत्सव में शामिल हुए कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह व हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास
अयोध्या। जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी श्री बल्लभाचार्य जी महाराज के दिव्य स्थान जो चारुशिला मंदिर के नामा से सुविख्यात है। मंदिर में उत्सव मनाने का अंदाज ही सबसे अलग है। पूरे भक्त मय में संत साधक भगवान के भजनों में लील होकर गीत संगीत में गोता लगाते है। पूज्य रामहर्षण दास जी महाराज की शिष्य परंपरा ही अनोखी है। जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी श्री बल्लभाचार्य जी महाराज के पावन सानिध्य में झूलन उत्सव का आंनद अपने चरम पर है। चारुशिला मंदिर का भव्य झूलनोत्सव भक्तो के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चारुशिला की अलौकिक, दिव्य, मनोहारी झांकी का दर्शन कर भक्त निहाल हो रहे हैं। सायंकाल भगवान की आरती उपरांत प्रारंभ झूलनोत्सव रात्रि 11 बजे तक पूरी दिव्यता,भव्यता के साथ गायक, वादक, सगीतज्ञ कलाकार अपनी सुमधुर स्वर में अपनी कला का प्रदर्शन कर भक्तो को मंत्र मुग्ध कर देते हैं। जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी श्री बल्लभाचार्य जी महाराज अपने गुरुदेव पूज्य रामहर्षण दास जी महाराज के आशीर्वाद से अपने पूर्वाचार्यो द्वारा स्थापित सभी परंपराओं का सम्यक अनुपालन कर रहे है। मंदिर में सभी उत्सव, महोत्सव, पर्व ,अनुष्ठान, भंडारा, संतों, महंतो, अतिथियों का सम्मान विधि पूर्वक किया जाता है। जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी श्री बल्लभाचार्य जी महाराज सरल, उदार, परमार्थी प्रवृत्त के संत है। उत्सव में आज कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह व हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास महाराज शामिल हुए। इनका स्वागत स्वामी जी के शिष्यों ने किया। आये हुए अतिथियों का स्वागत महंत हरिकेश दास जी ने किया। इस मौके पर अभिषेक दास, सोनू सिंह, जेडी सिंह, महेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: श्रीमद्भागवत कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है: रामानुजाचार्य
Sat, Aug 26, 2023
प्रसिद्ध पीठ श्री रामलला सदन देवस्थानम में धूमधाम से श्रीमद् भागवत कथा व भगवान का पवित्रोत्सव का हुआ शुभारंभ
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या के रामकोट स्थित प्रसिद्ध पीठ श्री रामलला सदन देवस्थानम में धूमधाम से श्रीमद् भागवत कथा व भगवान का पवित्रोत्सव का भव्य आयोजन शुरु हुआ। व्यासपीठ से श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा रामलला सदन देवस्थानम पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी श्री डा राघवाचार्य जी महाराज कर रहें है। कथा के प्रथम दिवस रामानुजाचार्य जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत की कथा शरणागति की कथा है शरणागति का अर्थ है भगवान के चरणों में समर्पित हो जाना और भगवान के चरणों में समर्पित होने के लिए सबसे बड़ी बात है अपने आप का परित्याग कर देना। उन्होंने कहा कि जब आप अपने अहम का परित्याग करके भगवान के शरण आप होते हैं तब एक समर्थ गुरु सुखदेव जी महाराज जैसा प्रगट हो करके आपके जीवन के उन तमाम झंझावात को खत्म करके आपके जीवन में भक्ति की ज्योति जला देता है। स्वामीजी ने कहा कि गुरु की शरणागति जीवन में मृत्यु के बंधन को काटकर मोक्ष की ओर आपके मार्ग को प्रशस्त करती है। श्रीमद्भागवत की कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है। इस अवसर पर रामलला सदन देवस्थानम से जुड़े संत साधक व शिष्य परिकर मौजूद रहें।