: बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सरयू नदी में कराया मुंडन
Thu, Jul 4, 2024
भगवान राम को समर्पित किया अपना बाल, हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन कर पुजारी हेमंत दास से लिया आशीर्वाद
अयोध्या। बुधवार को बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी रामनगरी अयोध्या पहुंचे। यहां उन्होंने सरयू नदी में मुंडन कराया। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार का इंडिया गठबंधन में जाने के बाद नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए शपत ली थी। सरयू से निकलकर पदयात्रा करते हुए सम्राट चौधरी राम मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने राम लाल को पगड़ी समर्पित की। उसके बाद हनुमानगढ़ी दर्शन किया। हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन कर पुजारी हेमंत दास महाराज का आशीर्वाद भी लिया। उन्होंने कहा कि पिछले 2 साल से अभियान चलाकर गठबंधन सरकार को हटाने का प्रयास किया स वहीं जब नीतीश कुमार 28 जनवरी को इंडी गठबंधन छोड़कर एनडीए की तरफ से हुए तभी तय किया था कि अयोध्या जाकर श्री राम के चरणों में समर्पित मुरैठा करेंगे। बिहार की जनता ने 75 प्रतिशत से अधिक सीटे जीताने का काम किया है । अगली बार फिर एनडीए एकजुट होकर 40 में 40 सीट पर जीत हासिल करेंगे और विधानसभा में 243 में 200 से ज्यादा सीट जीतेंगे। वहीं जन्मभूमि पथ पर बिहार के सैकड़ों समर्थकों के साथ डिप्टी सीएम और मंत्री व विधायकों की मौजूदगी में प्रोटोकॉल के नियमों को तोड़कर राम मंदिर पहुंचे। इस दौरान लगभग चार स्थानों पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस बल अधिकारियों के साथ मौजूद रहे, लेकिन समर्थकों का हुजूम जन्मभूमि पथ से होते हुए राम जन्मभूमि परिसर पहुंचा। इस दौरान राम मंदिर के पहले क्रॉसिंग पर पुलिसकर्मियों के साथ नोक झोंक भी हुई।
: भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है श्री राम जन्मभूमि मंदिर: रामदिनेशाचार्य
Thu, Jul 4, 2024
हरिधामगोपाल पीठ में श्रीराम कथा के तृतीय दिवस पर मनाया गया श्री रामजन्मोत्सव, चारों तरह छाया उल्लास
अयोध्या। रामनगरी के हरिधामगोपाल पीठ में भव्य श्रीरामकथा का आयोजन हो रहा है। जिसमें जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हर्याचार्य जी के शिष्य जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य के मुखारविंद श्रीराम कथा की अमृत वर्षा हो रही है। कथा के तृतीय दिवस में आज राम जन्म महोत्सव मनाया गया। रामानंदाचार्य जी ने कहा कि लोक कल्याण के लिए होता है भगवान श्रीराम का जन्म। जहां सभी वेद वेदांत के परे परमात्मा कौशल्या पुत्र बनकर आते हैं निश्चित रूप से यह सनातन परंपरा के गौरव है। कथाव्यास ने कहा कि जब धारा पर दुष्टों का अत्याचार बढ़ जाता है परमात्मा को प्राप्त करने के लिए भक्त अपने सारे संबंधों की रस्सी बनाकर भगवान के चरणाविंद से बांध देता है बांध कर खींच लेता है तो भगवान अपने आप को रोक नहीं पाते और अवतार ग्रहण कर लेते हैं। जगत कल्याण जगत का उद्धार और जगत में के ऊपर कृपा करने के लिए अयोध्या के इस पावन भूमि को और गौरव प्रदान करने के लिए साक्षात परमात्मा भगवान श्री राम के रूप में अवतरित हुए और सारा समाज परमात्मा के अवतरित होने से आनंदित उल्लासित अपने आप को सौभाग्यशाली मानने लगा। वह ब्रह्म जो बड़े-बड़े ज्ञानी महानी ध्यानी के ज्ञान गम में से परे होता है लेकिन जब कोई भक्ति मयी कौशल्या और बैराग्य रूपी दशरथ उस परमात्मा को प्राप्त करना चाहते हैं तब वह अवतार धारण करके पुत्र बनकर आ जाता है। कथा का संचालन आचार्य रमेश दास शास्त्री जी कर रहें है। व्यासपीठ का पूजन यजमान ने किया। व्यवस्थापक में गौरव दास शास्त्री रहे।
: परमात्मा और महात्मा दोनों का प्रेम निःस्वार्थ होता है: महंत राघव दास
Thu, Jul 4, 2024
जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा की तैयारी जोरों पर
अयोध्या। जगन्नाथ पुरी के परम्परागत वार्षिकोत्सव रथयात्रा की कड़ी में रामनगरी में शुरू हुए उत्सव की तैयारियां तेज हो गयी है। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पर्व पर सात जुलाई को निकलने वाली रथयात्रा के लिए भगवान के रथों के अलग-अलग हिस्सों को जोड़कर उनकी रंग-पुताई कराई जा रही है।
नगरी के जगन्नाथ मंदिर रामकोट में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस मंदिर के महंत राघव दास रामायणी महाराज ने कहा कि परमात्मा और महात्मा दोनों का प्रेम निःस्वार्थ होता है। स्वामीजी ने कहा कि जीवन में सुख आए तो भगवान की शरण में चले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसार की उल्टी रीति है जब दुख होगा तो अपने भाग्य को कोसेंगे और भगवान से भी सौदेबाजी करने लगेंगे कि हे प्रभु हमारा अमुक काम हो जाए तो ऐसा करेंगे। उन्होंने कहा कि जब सुख में भगवद शरण में आ जाएंगे तो दुख आएगा ही नहीं और प्रारब्ध से आया भी तो ऐसे निकल जाएगा कि कुछ हुआ ही नहीं। महंत राघव दास जी ने कहा कि जो साधु के संघ में आया तो फिर वह लौटता नहीं है। गोपियां हो या मीराबाई सब भगवान की भक्ति में ऐसा लीन हुई कि फिर उन्हें संसार में आसक्ति नहीं रह गयी।