Friday 4th of September 2026

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अयोध्या में सजीव हुई रामायण, वैक्स म्यूजियम में उमड़ रहे श्रद्धालु : सुनील कंडल्लूर की स्वप्न परियोजना में आधुनिक तकनीक और मोम प्रतिमाओं के जरिए दिखाए जा रहे रामायण के प्रमुख प्रसंग

अयोध्या में सजीव हुई रामायण, वैक्स म्यूजियम में उमड़ रहे श्रद्धालु

सुनील कंडल्लूर की स्वप्न परियोजना में आधुनिक तकनीक और मोम प्रतिमाओं के जरिए दिखाए जा रहे रामायण के प्रमुख प्रसंग

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में स्थापित सुनील्स रामायण वैक्स म्यूजियम श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लोकार्पित इस अत्याधुनिक संग्रहालय में रामायण काल की प्रमुख घटनाओं को मोम की जीवंत प्रतिमाओं के माध्यम से इस प्रकार प्रस्तुत किया गया है कि दर्शकों को त्रेतायुग का साक्षात अनुभव होने लगा है। उद्घाटन के बाद से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचकर रामायण के अमर प्रसंगों का अवलोकन कर रहे हैं।शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में संग्रहालय के शिल्पकार एवं कलाकार सुनील कंडल्लूर ने बताया कि सुनील्स रामायण वैक्स म्यूजियम उनकी एक स्वप्न परियोजना है, जिसे साकार होते देख उन्हें अत्यंत संतोष और गर्व की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संग्रहालय का उद्घाटन किया जाना उनके लिए सम्मान और प्रेरणा का विषय है।

सुनील कंडल्लूर ने बताया कि वह वर्ष 2001 से मोम प्रतिमा निर्माण (वैक्स मॉडलिंग) के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं और अब तक अनेक महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों एवं विषयों पर आधारित प्रतिमाओं का निर्माण कर चुके हैं। अयोध्या में स्थापित यह संग्रहालय उनकी अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है।

उन्होंने बताया कि संग्रहालय में कुल 200 प्रतिमाएं स्थापित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में यहां लगभग 40 प्रतिमाएं प्रदर्शित की गई हैं, जिनमें रामायण के विभिन्न प्रसंगों को अत्यंत जीवंतता और कलात्मकता के साथ दर्शाया गया है। प्रतिमाओं के हाव-भाव, वेशभूषा और दृश्य संयोजन इतने प्रभावशाली हैं कि दर्शक स्वयं को उन घटनाओं के बीच उपस्थित महसूस करते हैं।

परिक्रमा पथ पर विकसित इस संग्रहालय में भगवान श्रीराम के जन्म, वनगमन, माता सीता हरण, हनुमान जी की लंका यात्रा, राम-रावण युद्ध तथा रामराज्य जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रभाव और आकर्षक प्रस्तुतीकरण संग्रहालय की भव्यता को और बढ़ाते हैं।

श्रद्धालुओं का कहना है कि यह संग्रहालय केवल मनोरंजन का केंद्र नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आदर्शों और रामायण की महान परंपरा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी बन रहा है। यही कारण है कि उद्घाटन के बाद से यहां आने वाले दर्शकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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