: मां हीराबेन त्यागपूर्ण तपस्वी जीवन हमेशा याद रहेगा: अनूप चौधरी
Sun, Jan 15, 2023
पीएम मोदी की मां हीराबेन के लिए रामनगरी में प्रार्थना सभा, संतों ने दिया श्रद्धांजलि
भगवान रामलला को खिचड़ी का भोग लगा: आचार्य सतेन्द्र दास
अयोध्या। रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के आश्रम में मकर सक्रांति का उत्सव मनाया गया। उत्सव के पहले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं रेल मंत्रालय, भारतीय खाद्य निगम खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण उपभोक्ता मंत्रालय भारत सरकार सलाहकार समिति के सदस्य अनूप चौधरी के संयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन के याद में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। जिसमें रामनगरी के संतों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अनूप चौधरी ने कहा मां हीराबेन जी का पूरा जीवन त्यागपूर्ण तपस्वी के साथ जीया जिसे पूरी दुनिया हमेशा याद रखेगा।
मकर सक्रांति के अवसर पर आश्रम में भंडारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें रामनगरी के विशिष्ट संतों ने प्रसाद ग्रहण किया।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि जब सूर्य की गति मकर राशि में जाती है तभी इसका सक्रांति प्रारंभ होता है। इसे संक्रांति का पूर्ण काल कहते है। जो 14 तारीख को रात में लग है इसलिए आज पूरे दिन इस मकर सक्रांति का त्योहार मनाया गया। आज खिचड़ी का और स्नान का पर्व है आज ही भगवान रामलला को खिचड़ी का भोग सवेरे लगा।पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि खिचड़ी के साथ लड्डू तिल का और दही, आचार, पापड़, घी का भी भोग लगा।उन्होंने कहा कि जैसे हर साल ये त्योहार मनाया जाता है वैसे ही इस बार भी मकर संक्रांति पर्व मनाया गया। इस मौके पर पुजारी प्रदीप मौजूद रहें।
: ‘विवेकानंद संदेश यात्रा’ का वशिष्ठ गुरुकुल पर भव्य स्वागत
Sun, Jan 15, 2023
विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी के राष्ट्रीय महासचिव भी सम्मिलित हुए
तिवारी मंदिर में आयोजित खिचड़ी भोज में बटुकों ने भी प्रसाद ग्रहण किया
अयोध्या धाम। ‘विवेकानंद संदेश यात्रा’ का शनिवार को श्रीवशिष्ठ गुरुकुल हनुमान वाटिका पर भव्य स्वागत किया गया। अयोध्या भ्रमण के लिए कारसेवकपुरम से निकली यात्रा का नेतृत्व विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी के राष्ट्रीय महासचिव भानुदास ने किया। स्वामी विवेकानन्द के परिधान में सजे गुरुकुल के दर्जनों बटुक यात्रा का मुख्य आकर्षण बने।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भ्रमण कर स्वामी विवेकानंद का सन्देश जन–जन तक पहुंचाने के लिए लखनऊ से ये यात्रा निकाली गई है। शनिवार को सुबह कारसेवकपुरम से नगर भ्रमण के लिए निकली यात्रा में श्री वशिष्ठ गुरुकुल के 60 से अधिक बटुकों ने सहभागिता की। स्वामी विवेकानन्द के परिधान में सजे गुरुकुल के बटुकों ने स्वामी विवेकानन्द का जयकारा लगाते हुए लोगों को जागरूक किया। तिरंगा झंडा लहराते हुए देशभक्ति के नारे लगाते हुए निकली यात्रा पर जगह जगह फूल बरसाकर स्वागत किया गया। हनुमान बाग स्थित श्री वशिष्ठ गुरुकुल पर निदेशक डॉ दिलीप सिंह के नेतृत्व में दर्जनों संतों और गण्यमान्य लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। जानकीमहल के सामने से होते हुए यात्रा लता मंगेशकर चौक नया पहुंची। जहां पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने स्वामी विवेकानन्द की मूर्ति पर पुष्प वर्षा की। वहां से यात्रा तिवारी मंदिर नया घाट पहुंची। महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने यात्रा का स्वागत किया। मंदिर में खिचड़ी भोज का भी आयोजन हुआ। यात्रा में शामिल प्रतिनिधियों ने मंदिर में भगवान श्रीराम का दर्शन करके प्रसाद ग्रहण किया। भाजपा विधायक वेद गुप्ता समेत कई गण्यमान्य लोग यात्रा में शामिल हुए। लोगों को स्वामी विवेकानन्द का साहित्य भी दिया गया।
: सियाराम किला में धूमधाम से मनाया गया मकर संक्रांति
Sun, Jan 15, 2023
भगवान को मैथिली परंपरा के अनुसार लगा चूड़ा, दही, साग व तिलकुट का भोग
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के मां सरयू के पावन तट पर सुशोभित सियाराम किला झुनकी घाट जो सिद्ध संत जानकी शरण उर्फ झुनझुनिया बाबा की तपोस्थली के नाम से सुविख्यात है। सियाराम किला मंदिर में परंपरागत मकर संक्रांति के अवसर पर ठाकुर जी की विशेष पूजा आराधना की गई और सूर्य भगवान के उत्तरायण होने पर सूर्य भगवान की विशेष आराधना पूजा की गई। इस अवसर पर भगवान को मैथिली परंपरा के अनुसार चूड़ा दही साग और तिलकुट का भोग लगाया गया। वर्तमान पीठाधीश्वर महंत करुणानिधान शरण महाराज ने बताया कि खरमास के बाद 14 व 15 जनवरी को सूर्य भगवान मकर राशि में प्रवेश करते हैं और सनातन परंपरा के अनुसार यह माना जाता है कि जब सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं तभी से शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। इस अवसर पर भगवान के पूजन अर्चन के साथ सूर्य भगवान की भी आराधना की जाती है और दही चूड़ा साग के साथ तिलकुट का भगवान को भोग लगाया जाता है और सभी भक्तों में प्रसाद वितरण किया जाता है।
उन्होंने बताया कि यह परंपरा मंदिर स्थापना काल से ही चली आ रही है कि मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष पूजन अर्चन के साथ अयोध्या के साथ-साथ मंदिर परंपरा से जुड़े सभी श्रद्धालु भक्तों व सनातन परंपरा में अनुराग रखने वाले लोगों को प्रसाद वितरण किया जाए। उन्होंने बताया कि माघ मास में तिल के सेवन से मनुष्य स्वस्थ रहता है इसी परंपरा को देखते हुए हमारे पूर्वजों और मनीषियों ने ठंड के मौसम में मकर संक्रांति के अवसर पर तिल का विशेष महत्व बताया है और इस दिन मंदिर परिसर में दही चूड़े के साथ तिलकुट का प्रसाद वितरण किया जाता है। श्री महाराज जी ने बताया कि अयोध्या में आने वाले सभी भक्तों को मकर संक्रांति के अवसर पर प्रसाद वितरण किया गया इस अवसर पर, पार्षद आलोक मिश्रा, प्रहलाद दास और विकास जी मंदिर में आए सभी भक्तों का स्वागत सत्कार किया।