: भाजपा सरकार महिलाओं के अधिकार के प्रति सचेत नहीं है: लीलावती
Sun, Sep 24, 2023
कहा, आधी आबादी को आरक्षण देने के लिए नई संसद भवन में बिल पेश किया गया परंतु बिना पिछड़ी जाति की जनगणना कराये कैसे आरक्षण दिया जाएगा जब तक पिछड़ी जातियों की जनगणना नहीं होती है
अयोध्या। समाजवादी पार्टी की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महिला सभा एवं राष्ट्रीय सचिन लीलावती कुशवाहा ने जारी बयान में कहा कि आधी आबादी को आरक्षण देने के लिए नई संसद भवन में बिल पेश किया गया परंतु बिना पिछड़ी जाति की जनगणना कराये कैसे आरक्षण दिया जाएगा जब तक पिछड़ी जातियों की जनगणना नहीं होती है तब तक पिछड़ी जाति के महिलाओं का आरक्षण का हक कैसे मिलेगा पूर्व विधान परिषद सदस्य कुशवाहा ने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के अधिकार के प्रति सचेत नहीं है यदि सरकार की मंसा साफ़ होती तो पहले पिछड़ों की जनगणना करती तब महिलाओं को आरक्षण देती । महिला कल्याण निगम की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती कुशवाहा ने आगे कहा कि महिलाएं 50 % की हकदार हैं महिलाएं परंतु अंतिम पायदान पर खड़ी होकर न्याय की भीख मांगती हैं डॉक्टर राम मनोहर लोहिया जी ने कहा था की महिलाओं को बराबरी का हक मिलना चाहिए, इसलिए सपा के संरक्षक संस्थापक धरतीपुत्र स्वर्गीय माननीय मुलायम सिंह यादव जी ने अपनी सरकार में पंचायत चुनाव में सभी जाति की महिलाओं को आबादी के अनुसार आरक्षण दिया था। आगे कहा कि जब देश में इंडिया गठबंधन की सरकार केंद्र में बनेगी और समाजवाद का झंडा फरेगा तो आधी आबादी को जनगणना के अनुसार आरक्षण मिलेगा श्रीमती कुशवाहा ने यह भी कहा की चाहें घर हो या बाहर या नौकरी अथवा मजदूरी सब में महिलाएं अहम भूमिका निभाती हैं इसलिए उनको बराबरी का हक मिलना चाहिए। सरकार मंहगाई पर काबू नहीं कर पाई तो महिलाओं का ध्यान भटाने के लिए आधी अधुरी महिला आरक्षण विधेयक बिल पेश किया है।
: महंत राजेंद्र दास को संत धर्माचार्यों ने अर्पित किया श्रद्धासुमन
Sun, Sep 24, 2023
गुरू का व्यक्तित्व बहुत सरल था, वह दीन-दुखियाें की मदद में हमेशा तत्पर रहने वाले संत थे: महंत हरिभजन दास
श्रृंगार कुंज में नवनिर्मित आधुनिक एक दर्जन कमरों का हुआ शुभारंभ, आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ
अयाेध्या। रामनगरी में प्रमाेदवन स्थित श्रृंगार कुंज के पूर्वाचार्य महंत राजेंद्र दास महाराज काे 19वीं पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किया गया। इस माैके पर शनिवार काे मन्दिर प्रांगण में संत सम्मेलन का आयाेजन हुआ। सभा में अयाेध्यानगरी के संत-महंत व धर्माचार्याें ने पूर्वाचार्य महंत के चित्रपट पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया और कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर श्रृंगार कुंज के वर्तमान महन्त हरिभजन दास महाराज ने कहा कि उनके गुरू का व्यक्तित्व बहुत सरल था। वह दीन-दुखियाें की मदद में हमेशा तत्पर रहने वाले संत थे। उन्हाेंने मंदिर का खूब विकास किया। मैं भी गुरूदेव के बतलाए हुए मार्ग का अनुसरण कर आश्रम के सर्वांगीण विकास में संकल्पित हूं। मंदिर में गाै, संत, विद्यार्थी व आगंतुकों की सेवा सुचारू रूप चल रही है। अंत में पीठ के महन्त ने आए-हुए सभी सन्त-धर्माचार्याें व विशिष्टजनाें का स्वागत-सत्कार किया। श्रृंगार कुंज में नवनिर्मित आधुनिक एक दर्जन कमरों का भव्य शुभारंभ आज धूमधाम से किया गया। इन कमरों से आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ। पुण्यतिथि पर निर्वाणी अनी अखाड़ा के महंत मुरली दास, पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास, हनुमान बाग के महंत जगदीश दास, दिगम्बर अखाड़ा महंत सुरेश दास, संकटमाेचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास, रसिकपीठाधीश्वर महन्त जन्मेजय शरण, बड़ाभक्तमाल महन्त अवधेश कुमार दास, जगद्गुरू रामदिनेशाचार्य, राजेश पहलवान, हनुमानगढ़ी के महंत बलराम दास, महंत रामकुमार दास, महंत जनार्दन दास, महंत रामजीशरण, वेद मंदिर के महंत रामनरेश दास, नानपारा बहराइच के पूर्व विधायक दिलीप वर्मा, महंत शशिकांत दास, महन्त अर्जुन दास, महंत गिरीश दास, महंत रामबालक दास, महंत सीताराम दास, राजू दास, स्वामी छविराम दास, संत मिथिला बिहारी दास, महन्त राममिलन दास, पार्षद पुजारी रमेश दास आदि माैजूद रहे।
: स्वामी हर्याचार्य जी ने रामानंद सम्प्रदाय की ध्वाजा देशभर में फहराई
Sat, Sep 23, 2023
जीवन के हर में स्वामीजी की स्मृति मार्गदर्शन करती है: रामदिनेशाचार्य
अयोध्या। संतो की सराय कही जाने वाली रामनगरी में अनेक भजनानंदी संत हुए है। ऐसे संत जो अपना संपूर्ण जीवन भगवत भजन में ही समर्पित कर दिया उन संतों में एक के परम पूज्य जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हर्याचार्य जी महाराज। हरिधाम गोपाल पीठ स्वामीजी की तपोस्थली आज भी अपने वैभव को समेटे हुए आध्यात्मिकता को चार चांद लगा रहा है। रामनगरी का आध्यात्मिक जगत जिन आचार्यों से आलोकित है उनमें जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हर्याचार्य जी महाराज एक है। विशिष्टताद्वौत के साथ-साथ श्री हनुमत उपासना का अद्भुत संयोग उनके व्यक्तित्व का आभूषण था। उन्होंने जगद्गुरु के रूप में देश में दशकों तक रामानंद संप्रदाय की ध्वजा फहराई। जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हर्याचार्य जी की 16वीं पुण्यतिथि पर आज रामनगरी के संत धर्माचार्यों ने शिद्दत से पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।इस अवसर पर स्वामी हर्याचार्य के व्यक्तित्व-कृतित्व पर भी चर्चा हुई। स्वामी हर्याचार्य जी को सन् 1989 के प्रयाग कुंभ में जगद्गुरु रामानंदाचार्य के पद पर विभूषित किया गया। महाराज श्री ने हनुमत कवच व ब्रह्मासूत्र, गीता भक्ति दर्शन का 12वां अध्याय, वेदों में अवतार रहस्य, श्री संप्रदाय दर्शन तथा श्रीरामचरित मानस में वैदिकत्व सहित दो दर्जन पुस्तकों की रचना कर हिंदू धर्म-संस्कृति को समृद्ध किया। सन् 2008 में भाद्र शुक्ल सप्तमी उनका साकेतवास हुआ। उनके उत्तराधिकारी रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी कहते हैं कि महाराज श्री नारियल सदृश थे। यह जीवन धन्य है जिस पर उनकी कृपा बरसी। महाराज के सिद्धांतों का अनुसरण करते जीवन जाय, यही प्रार्थना श्री हनुमान जी से अनवरत होती रहती है। जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज कहते है जीवन के हर में स्वामीजी की स्मृति मार्गदर्शन करती है। समारोह की अध्यक्षता जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने किया।आये हुए अतिथियों का स्वागत मंदिर से जुड़े रमेश दास शास्त्री, गौरव दास ने किया। इस मौके पर संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास,रसिक पीठाधीश्वर महंत जनमेजय शरण, नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास, बड़ा भक्तमाल के महंत महंत अवधेश कुमार दास, रंग महल के महंत रामशरण दास, सियारामकिला के महंत करुणानिधान शरण,बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य के कृपापात्र शिष्य सुंदर सदन व मंगल भवन के महंत कृपालु रामभूषण दास, महंत जनार्दन दास, महंत बलराम दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास,पार्षद रमेश दास, महंत कृष्ण कुमार दास, राजगोपाल मंदिर के शरद जी, कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह, पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, पूर्व मंत्री तेजनारायण पाण्डेय, विकास सिंह, सहित तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहें।