: सनातन धर्म का अपमान करने वालों की अब खैर नही,संतों ने खोला मोर्चा
बमबम यादव
Sun, Sep 10, 2023
प्रसिद्ध पीठ श्री हरीधाम गोपाल पीठ में संतों की एक बड़ी बैठक हुई

उदयनिधि स्टालिन, डीएमके नेता ए. राजा के खिलाफ चीफ जस्टिस को लिखा पत्र, विवादित बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली अयोध्या में दिया ज्ञापन
अयोध्या । सनातन धर्म पर तमिलनाडु के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयान के विरोध में अयोध्या के संतों ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार की दोपहर प्रसिद्ध पीठ श्री हरीधाम गोपाल पीठ में संतों की एक बड़ी बैठक हुई। इसमें संतों ने उदयनिधि स्टालिन, डीएमके नेता ए. राजा के खिलाफ चीफ जस्टिस को पत्र लिखा. इसके बाद विवादित बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली अयोध्या में ज्ञापन दिया। श्री हरिधाम गोपाल पीठ में प्रसिद्ध पीठ श्रीराम बल्लाभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास महाराज की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में मौजूद अयोध्या के प्रमुख संतों ने एक स्वर में तमिलनाडु के खेल मंत्री एमके स्टालिन, ए राजा के बयान पर नाराजगी जाहिर की। अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि सनातन को अपशब्द कहना, अब इन नेताओं का शौक हो गया है। समय आ गया है कि इन्हें सबक सिखाया जाए।हम चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से मांग करते हैं कि स्वतः संज्ञान लेकर वह इस मामले पर कार्रवाई करें। हमने पुलिस को भी तहरीर दी है. इन सभी नेताओं के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने और सनातन धर्म का अपमान करने का मुकदमा दर्ज करें। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी नाथ संप्रदाय से जुड़े हैं।नाथ संप्रदाय के संतों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें राक्षस बताया गया है. ऐसा बयान देने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य महाराज ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर उनकी मोहब्बत की दुकान कहां गई।अभी तक भारत जोड़ो यात्रा के नाम पर जगह-जगह मोहब्बत की दुकान खोलने का बयान देने वाले राहुल गांधी आखिरकार अपने सहयोगी संगठन के मंत्री के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं।आखिर क्यों नहीं वह सामने आकर कोई बयान दे रहे है। उदयनिधि स्टालिन ने देश को तोड़ने वाला बयान दिया है। समाज में भेद पैदा करने वाला बयान दिया है। देश की बड़ी आबादी के धर्म के प्रति ऐसी अपमानजनक टिप्पणी से गृह युद्ध जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई है। ऐसे नेता के खिलाफ तत्काल राष्ट्रदोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। इस अवसर पर पौराणिक पीठ नाका हनुमानगढ़ी के महंत राम दास, रामकचेहरी के महंत शशिकांत दास, तुलसीदास जी की छावनी के महंत जनार्दन दास, पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास अधिकारी छविराम दास सभी ने सनातन का अपमान करने वाले नेताओं को ठीक करने की बात कही। बैठक में शामिल सभी संतों का स्वागत गौरव दास ने किया।
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