: मित्रता में त्याग और समर्पण होना चाहिए: अशोकाचार्य
बमबम यादव
Mon, Oct 9, 2023
हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास जी महाराज के पावन अध्यक्षता में बह रही भागवत कथा की रसधार

अयोध्या। प्रसिद्ध पीठों में शुमार हनुमान बाग मंदिर में इन दिनों श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव की अमृत वर्षा हो रही है। जिसमें व्यासपीठ से भागवत कथा की अमृत वर्षा प्रख्यात कथावाचक पंडित अशोकाचार्य जी कर रहे है। यह महोत्सव मंदिर के श्रीमहंत जगदीश दास जी महाराज के पावन अध्यक्षता में चल रहा है। कथा के छटवें दिवस पर कथा में सुदामा व परमात्मा श्री कृष्ण की मित्रता की कथा सुनाते हुए कथा व्यास पंडित जी ने कहा कि यदि मित्रता करना सीखना है तो हमें सुदामा की त्याग और परमात्मा के समर्पण की कथा अवश्य सुनना चाहिए। मित्रता निस्वार्थ व निष्काम भाव से करना चाहिए। मित्रता में जहां स्वार्थ आता है वहां मित्रता मित्रता नहीं रह जाती। बल्कि एक स्वार्थ से परिपूर्ण संबंध बन करके रह जाता है। उन्होंने कहा कि मित्रता में त्याग और समर्पण अत्यधिक आवश्यक है एक तरफ जहां सुदामा अत्यंत गरीब होते हुए भी परमात्मा श्री कृष्ण से स्वार्थ नहीं रखता है जबकि सुदामा परमात्मा श्री कृष्ण का बालसखा है। वहीं दूसरी ओर परमात्मा श्री कृष्ण जब सुदामा जी को अपने पास आया हुआ देखते हैं तो मित्र को किसी भी प्रकार की ग्लानि न हो यह ध्यान रखते हुए सुदामा के दिए हुए चावल अत्यंत प्रेम के साथ खाते हैं और अपना सर्वस्व सुदामा के लिए समर्पित कर देते हैं। कथा वाचक ने कहा कि जहां पर त्याग और समर्पण की भावना है मित्रता वही है और मित्रता का असली स्वरूप भी यही है।यह पुनीत महोत्सव का आयोजन जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर के तत्वावधान में हो रहा है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन आयोजकों ने किया। ट्रस्टी एडवोकेट दिनेश शर्मा, एडवोकेट ओपी गुप्ता व एडवोकेट दिनेश गुप्ता ने सयुंक्त रुप आने वाले संत साधक अतिथियों का स्वागत कर रहें है। आज के गोवर्धन पूजा महोत्सव में आचार्य महेश चंद गौतम शामिल हुए। महोत्सव की देखरेख हनुमान बाग के पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहे है।
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