: हनुमान बाग मंदिर में श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ का उल्लास चरम पर
बमबम यादव
Sun, Oct 8, 2023
जिसकी साधना में निरंतरता होगी, उसी की उपासना भी सफल होगी: पंडित अशोकाचार्य
अयोध्या। भगवान की कोई आकृति नहीं होती है। भक्त जिस भाव से प्रभु में अपनी आस्था रखता है भगवान उसी स्वरूप में भक्त के समक्ष प्रकट होते हैं। यह बात शनिवार को रामनगरी के सिद्धपीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में श्री महंत जगदीश दास महाराज के सान्निध्य में चल रहे श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ में प्रख्यात कथावाचक पंडित अशोकाचार्य जी गंगापुर सिटी वाले ने कही। श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस में पंडित जी ने कहा कि व्यक्ति को कर्म में निरंतरता बनाकर रखना चाहिए निरंतरता होने से ही सफलता प्राप्त होती है। अभ्यास के द्वारा मुढ़ से मुढ़ व्यक्ति भी विद्वान बन सकता है जिसकी साधना में निरंतरता होती है उसी की उपासना भी सफल होती है। उन्होंने कहा कि कभी भी स्वयं की तुलना दूसरों से न करें अपने भाग्य की तुलना दूसरों से कर व्यक्ति व्यर्थ ही तनाव लेता है। परमात्मा भाग्य का चित्र अवश्य बनाता है मगर उसमें कर्म रूपी रंग तो व्यक्ति स्वयं भरता है। पंडित जी ने कहा कि हर परिस्थिति में व्यक्ति को प्रसन्न रहना चाहिए कर्म में निरंतरता बनाकर के रखना चाहिए और यह सूत्र अपने जीवन में उतार ले ईश्वर कृपा से जो प्राप्त है वह पर्याप्त है। आज की कथा में पंडित अशोकाचार्य जी ने बाललीला माखनचोरी,कालीदह लीला, गोवर्धन पूजा महोत्सव के प्रसंग का वर्णन किया। यह पुनीत महोत्सव का आयोजन जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर के तत्वावधान में हो रहा है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन आयोजकों ने किया। ट्रस्टी एडवोकेट दिनेश शर्मा, एडवोकेट ओपी गुप्ता व एडवोकेट दिनेश गुप्ता ने सयुंक्त रुप आने वाले संत साधक अतिथियों का स्वागत कर रहें है। आज के गोवर्धन पूजा महोत्सव में आचार्य महेश चंद गौतम शामिल हुए। महोत्सव की देखरेख हनुमान बाग के पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहे है।
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