: धन कुबेर द्वारा की गई समवसरण की रचना
बमबम यादव
Thu, May 4, 2023
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में चौथे दिन केवज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया गया
अयोध्या। रामनगरी के रायगंज ऋषभदेव जैन मंदिर में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में चौथे दिन केवज्ञान कल्याणक मनाया गया।संहितासूरि प्रतिष्ठाचार्य श्री विजय कुमार जैन ने भगवान के केवज्ञान की विधिविधान पूर्वक पूजन व क्रियाएं सम्पन्न कराई।इसके बाद मंदिर में विराजमान 31 फुट उतंग प्रतिमा के स्थापना दिवस के अवसर पर भगवान ऋषभदेव का मस्तकाभिषेक किया किया।प्रथम कलश करने का सौभाग्य कैलाश चंद आदीश जैन सर्राफ़ को प्राप्त हुआ।दूध का अभिषेक रितु जैन कैलिफ़ोर्निया द्वारा किया गया। भगवान के मस्तक पर विश्व शांति की कामना करते हुए शान्तिधारा सम्पन्न की गई। इसी के साथ मध्याह्न में धन कुबेर के द्वारा भगवान के समवशरण की रचना की गई।जिसमें बाराह सभा लगती है ।केवल ज्ञान होते ही भगवान की दिव्य ध्वनि खिरी। गणिनी प्रमुख आर्यिका ज्ञानमती माता जी ने प्रवचन करते हुए कहा कि जहां सभी जीव को समान रूप से शरण प्राप्त हो उसे समवसरण कहते है।हम सभी उसी समवशरण के दर्शन कर रहे है। जिसमें तीन लोक के नाथ के दर्शन के लिये तीनो लोक के समस्त देवी देवता आज समवसरण में आये है।शाम को भगवान व सन्तो की मंगल आरती संगीत मई धुनों के साथ कि गई।बेलगाम की महिला मंडल द्वारा जैन सांस्कृतिक प्रस्तुत किया गया। प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी के मार्गनिर्देशन व कर्मयोगी पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी का कुशल निर्देशन व डॉ. जीवन प्रकाश जैन के कुशल संचालन में हो रहे कार्यक्रम हो रहा है। इस अवसर पर अमरचंद जैन, ऋषभ जैन,मीडिया प्रभारी पंकज जैन, सौरभ जैन, नमन जैन,मनोज जैन,भरत गुप्ता,बच्चू जैन,बबुआ जैन,अंकुर जैन,सैंकी जैन सहित लखनऊ,बाराबंकी,फतेहपुर,महमदबाद आदि नगरों व कई प्रान्तों के लोग मौजूद रहे।


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