: पुरातन ग्रंथ ऋग्वेद में मिलता है अधिकमास का उल्लेख: महंत जगदीश दास
बमबम यादव
Wed, Jul 26, 2023
हनुमान बाग सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में अधिक मास के पावन अवसर पर हो रहा सीताराम नाम संकीर्तन व वृहद प्रसाद वितरण
यह दिव्य आयोजन पूरे एक माह अनवरत चलेगा,मंदिर में उत्सव का माहौल
अयोध्या। श्रीधाम अयोध्या की प्रतिष्ठित पीठ श्री हनुमान बाग के पीठाधिपति महंत जगदीश दास महाराज के पावन अध्यक्षता में मंदिर में अधिक मास व सावन के पावन अवसर पर हनुमान बाग सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में सीताराम नाम संकीर्तन व वृहद प्रसाद वितरण का दिव्य आयोजन चल रहा है जो पूरे एक माह अनवरत चलेगा। इस अवसर पर हनुमान बाग में उत्सव जैसा माहौल है। महंत जगदीश दास महाराज ने कहा कि अधिक मास के पीछे ज्योतिष शास्त्रीय एवं प्राकृतिक योजना है। विश्व साहित्य के सर्वाधिक पुरातन ग्रंथ ऋग्वेद में अतिरिक्त मास का उल्लेख है। वेदांग ज्योतिष ने भी प्रत्येक पांच वर्षों में दो मास यानी ढाई-ढाई साल के अंतराल में एक-एक अधिक मास जोड़ दिया है। चांद्र वर्ष में 354 दिन ही होते हैं। जो सौर वर्ष के 365 दिनों की तुलना में 11 दिन कम पड़ते हैं। इससे ही कई देशों में अधिक मास की अभियोजना निश्चित हुई। महंत जी ने कहा कि कालांतर में पुराणों ने इस मास को भगवान विष्णु के नाम से पुरुषोत्तम मास की संज्ञा देकर मान्यता दी। पर वैदिक साहित्य में तेरहवें मास के साथ जो भावना थी। वही भावना पुराणों के पुरुषोत्तम मास के साथ भी जुड़ी रही है।
श्री हनुमान बाग आश्रम में ऋग्वेद के पवमानसूक्त से भगवान शालिग्राम का नित्य षोडशोपचार पूजन-अर्चन, वंदन होता है। भगवान भोलेनाथ महादेव का शुक्ल यजुर्वेद संघीता अध्याय के कई अध्यय से निर्माण रुद्राष्टाध्याई से राजोपचार रुद्राभिषेक, महाभिषेक नित्य किया जाता है। महोत्सव की देखरेख सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री सहित पूरा हनुमान बाग परिवार लगा हुआ है।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन