Thursday 7th of May 2026

ब्रेकिंग

आईएमए की आड़ में बदनाम अस्पताल संचालक ने ओढ़ी ईमानदारी की चादर, सोशल मीडिया से पोस्ट गायब होते ही तेज हुई चर्चाएं

हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर भक्तों की सेवा में जुटे महंत संजय दास ने ORS व जूस का वितरण; श्रद्धा और भक्ति से सराबोर दिखी

बंगाल ने पहली बार खुलकर ली सांस, श्रेय अमित शाह को: बृजभूषण शरण सिंह

पीएम मोदी-गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति व सुनील बंसल के क्रियान्वयन से हुई बंगाल विजय: ऋषिकेश 

श्रद्धालुओं के साथ हर किसी आमजन को हनुमानजी महाराज का दिव्य प्रसाद भोजन के रुप मे उपलब्ध करा रहें महंत बलराम दास

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से ही कट जाते हैं सारे पाप :अशोकाचार्य

बमबम यादव

Wed, Oct 4, 2023

प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में श्रीमद्भागवत कथा की हो रही अमृत वर्षा

कथाव्यास पं अशोकाचार्य का स्वागत हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने किया, कथा में उमड़ा भक्तों का हुजूम

जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर के तत्वावधान में चल रहा श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ

अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ हो रही है। जिसमें कथा व्यास पंडित अशोकाचार्य जी है। कथा का शुभारंभ आज समारोह पूर्वक किया गया। इस उपलक्ष्य में मंदिर से विशाल शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ निकली। यह महोत्सव महंत जगदीश दास महाराज के पावन अध्यक्षता में हो रहा है। कथा के प्रथम दिवस पंडित अशोकाचार्य जी ने कहा कि जन्मांतरे यदा पुण्यं तदा भागवतं लभेत! अर्थात जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है तब जीवमात्र को ऐसे सुअवसर प्राप्त होते है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से ही कट जाते हैं सारे पाप। व्यासपीठ से कथा का महत्व समझाते हुए पं अशोकाचार्य जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा एक अमर कथा है। इसे सुनने से पापी से पापी व्यक्ति भी पाप से मुक्त हो जाता है। महाराज श्री ने प्रथम दिवस पर देवपूजन, श्रीमद्भागवत कथा का महात्म्य बताते हुए कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानव जाति तक पहुंचता रहा है। भागवत महापुराण यह उसी सनातन ज्ञान की पयस्विनी है जो वेदों से प्रवाहित होती चली आ रही है। इसीलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। उन्होंने श्रीमद् भागवत महापुराण की व्याख्या करते हुए बताया कि श्रीमद् भागवत अर्थात जो श्री से युक्त है, श्री अर्थात चैतन्य, सौंदर्य, ऐश्वर्या, भागवत: प्रोक्तम् इति भागवत भाव कि वो वाणी, जो कथा जो हमारे जड़वत जीवन में चैतन्यता का संचार करती है। जो हमारे जीवन को सुंदर बनाती है वो श्रीमद्भागवत कथा जो सिर्फ मृत्युलोक में ही संभव है। और साथ ही यह एक ऐसी अमृत कथा है जो देवताओं के लिए भी दुर्लभ है इसलिए परीक्षित ने स्वर्ग अमृत के बजाए कथामृत का वरण किया किस स्वर्गामृत का पान करने से पुन्यों का क्षय होता है पापों का नहीं। कितु कथा अमृत का पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है कथा के दौरान उन्होंने वृंदावन का अर्थ बताते हुए कहा कि वृंदावन इंसान का मन है। कभी-कभी इंसान के मन में भक्ति जागृत होती है। परंतु वह जागृति स्थाई नहीं होती। इसका कारण यह है कि हम ईश्वर की भक्ति तो करते हैं पर हमारे अंदर वैराग्य व प्रेम नहीं होता है। इसलिए वृंदावन में जाकर भक्ति देवी तो तरुणी हो गई पर उसके पुत्र ज्ञान और वैराग्य अचेत और निर्बल पड़े रहते हैं। इसमें जीवन्तता और चैतन्यता का संचार करने हेतु नारद जी ने भागवत कथा का ही अनुष्ठान किया। यह महोत्सव जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर के तत्वावधान में हो रहा है। जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी एडवोकेट दिनेश शर्मा, एडवोकेट ओपी गुप्ता व एडवोकेट दिनेश गुप्ता ने सयुंक्त रुप से बताया कि चैरिटेबल ट्रस्ट द्धारा विगत 10 वर्षों से लगातार तीर्थों में रामकथा व भागवत कथा कराते है जिसमें जयपुर राजस्थान के 200 भक्त शामिल होते है। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ, नैमिषारण्य, चित्रकूट, प्रयागराज, काशी, द्धरिकापुरी सहित सभी तीर्थों में कथा कराते है। आज कथा के शुभारंभ पर हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने कथाव्यास पं अशोकाचार्य गंगापुर सिटी वाले का शाल भेंट कर स्वागत किया। श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ का समापन मंगलवार 9 अक्टूबर सोमवार को होगा। महोत्सव की देखरेख हनुमान बाग के पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहे है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें