: हिंदू धाम में बहेगी वाल्मीकि रामायण कथा की रसधार
Wed, Mar 22, 2023
ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास दास वेदांती ने डेढ़ दशक से अधिक श्रीराम को साक्षी मानकर बजरंगबली को वाल्मीकि रामायण पर केंद्रित राम कथा सुनाई
यह अवसर श्री राघवेंद्र सरकार से पुकार करने का ही नहीं, बल्कि उनके प्रति कृतज्ञता का महोत्सव मनाने का है: महंत डॉक्टर राघवेशदास
अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की सदियों पुरानी साध पूरी करने के लिए ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास दास वेदांती ने डेढ़ दशक से अधिक समय तक राम नगरी में श्रीराम को साक्षी मानकर बजरंगबली को वाल्मीकि रामायण पर केंद्रित राम कथा सुनाई। इस अवधि में डॉ वेदांती ने बालकांड से लेकर किष्किंधा कांड तक की विस्तृत मीमांसा की। कोरोना संकट के चलते गत तीन सत्रों से चैत्र नवरात्र के अवसर पर आयोजित होने वाला उनका महनीय अनुष्ठान बाधित था, किंतु आज न केवल कोरोना संकट से मुक्ति मिल गई है बल्कि जिस स्वप्न के लिए डॉ वेदांती रामकथा की भावधारा प्रवाहित कर रहे थे, वह भी साकार हो रहा है । इस स्वर्णिम सुयोग के बीच डॉ वेदांती रामकथा के सर्वाधिक रमणीय प्रसंग के रूप में विवेचित सुंदरकांड को विषय बना कर रामकथा की रस वर्षा करेंगे । उनके नौ दिवसीय प्रवचन का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी बुधवार से हो रहा है । नया घाट स्थित हिंदू धाम के प्रांगण में 30 मार्च तक प्रस्तावित प्रवचन का समय शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक संयोजित है। डॉ वेदांती के शिष्य एवं उत्तराधिकारी महंत डॉक्टर राघवेशदास के अनुसार यह अवसर श्री राघवेंद्र सरकार से पुकार करने का ही नहीं है, बल्कि उनके प्रति कृतज्ञता का महोत्सव मनाने का है और आज श्री राम की ही कृपा से मंदिर निर्माण के रूप में असंभव संभव हो रहा है। यद्यपि राम मंदिर के लिए चले व्यापक आंदोलन में डॉ रामविलास दास वेदांती की अग्रणी भूमिका रही है। राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष से लेकर दो दो बार लोकसभा सदस्य के रूप में उन्होंने राम मंदिर का मुद्दा सड़क से लेकर संसद तक स्थापित किया और आज मंदिर निर्माण के दौर में उनकी कृतज्ञता रामकथा के रूप में अर्पित होते देखना रोचक होगा।
: आज से शुरू होगा श्रीराम जन्मोत्सव, तैयारियां पूरी
Tue, Mar 21, 2023
अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा 84 कोसी परिक्रमा के अंतर्गत 300 किलोमीटर की परिधि के उभरते हुए खिलाड़ी और विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगिताओं में मिलेगा मौका
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला जन्मोत्सव को भव्यता के साथ मनाने की तैयारी की है। मंगलवार को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर अयोध्या के सैकड़ों संत-महंत व हजारों राम भक्त के साथ रामकोट की परिक्रमा कर श्रीराम जन्मोत्सव का शुभारंभ करेंगे। परिक्रमा को विक्रमादित्य महोत्सव और श्री राम जन्मोत्सव समिति संयुक्त रूप से संपन्न कराएगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि 22 मार्च से श्रीराम जन्मोत्सव के आयोजन में युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय सात दिवसीय खेल प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी रखा गया है। खेल प्रतियोगिताओं में प्रमुख रूप से खो-खो, तलवारबाजी, कबड्डी, आत्या पात्या, नौकायान, वॉलीबॉल और दंगल आदि का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भगवान के विभिन्न प्रसंगों पर कथा, कवि सम्मेलन, संगीत व भजन का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी नए उभरते कथा वाचकों स्थानीय कवियों और संगीतज्ञ को प्राथमिकता दी जाएगी। अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा 84 कोसी परिक्रमा के अंतर्गत लगभग 300 किलोमीटर की परिधि के उभरते हुए खिलाड़ी और विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगिताओं में मौका मिलेगा। कार्यक्रम भजन संध्या स्थल, राम की पैड़ी पर आयोजित होंगे। श्रीराम जन्मोत्सव समिति के सदस्य गोपाल जी राव ने बताया कि 22 मार्च को सुबह 6 बजे से शुरू होने वाली साइकिल रेस और मैराथन दौड़ के दौरान देवकाली से नयाघाट तक के हाइवे पर 6 किलोमीटर में एक लेन को लगभग 2 घंटे के लिए बंद किया जाएगा। 21 किलोमीटर की रेस में लता मंगेशकर चौराहे से साकेत पेट्रोल पंप, बड़ी देवकाली, रीडगंज चौराहा, चौक, धारा रोड, अफीम कोठी के रास्ते 14 कोसी परिक्रमा मार्ग, लक्ष्मण घाट होते हुए अयोध्या के सरयू घाट स्थित आरती स्थल पर समाप्त होगी। इसमें पांच अलग-अलग स्थानों पर कैंप भी लगाए जाएंगे जहां पर प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों के हाथ में एक मोहर लगेगी। मैराथन में तीन हजार युवक-युवतियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। चंपत राय ने बताया कि राम जन्मभूमि पर श्री राम जन्मोत्सव को लेकर सुरक्षा के कारण कोई नया आयोजन नहीं किया जाएगा। पूर्व से होने वाले आयोजन ही इस वर्ष भी किए जाएंगे। भगवान के दरबार को सुंदर सजाया जाएगा। भव्य आरती का भी आयोजन होगा। प्रसाद श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाएगा। इस मौके पर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, शरद शर्मा मौजूद रहें।
: समावेशी विकास व समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सरकार की प्राथमिकता : डा. ममता पाण्डेय
Tue, Mar 21, 2023
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 10 महिलाएं सुषमा स्वराज अवार्ड से सम्मानित
अयोध्या। विभिन्न समाजिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली दस महिलाओं को भाजपा ने सहादतगंज स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुषमा स्वराज अवार्ड से सम्मानित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री डा ममता पाण्डेय रही। महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री डा ममता पाण्डेय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समावेशी विकास, समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार ने कई योजनाएं दी है। मिशन शक्ति का सकारात्मक असर व्यापक रुप से पड़ा है। गांवों में मजदूर के रुप में काम करने वाली अथवा शिक्षा, व्यापार व खेल व अन्य क्षेत्र में अपनी क्षमता से पूरे विश्व को अवगत कराने वाली पथ प्रदर्शक महिला। सरकार ने सभी के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। समाज के लिए विशेष योगदान देने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। इसके लिए भाजपा द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ंको सुषमा स्वराज अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा है। महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन कर रही है। कोविड काल में जनता की सेवा में महिलाएं भी पीछे नहीं रही। मेडिकल स्टाफ, नर्स के रुप में उनके योगदान को कौन भूल सकता है। महानगर अध्यक्ष आशा गौड़ ने कहा कि उज्जवला योजना से लेकर सरकार कई योजनाएं है जो महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाने में सहायक हुई है। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार कटिबद्ध है। इस अवसर पर आरएसएस स्वयंसेवक आभा सिंह, सहायक नगर आयुक्त अंकिता शुक्ला, स्वच्छता मिशन के लिए मंजुला झुनझुनवाला, समाजसेवी भारती सिंह, शिक्षिका डा अनामिका त्रिपाठी, ग्रामीण क्षेत्र में काम करने के लिए समाजसेवी शिवांगी सिंह, सरोज सोनी, योग के लिए सीमा तिवारी, श्यामा सिंगारी व फिजियोथेरेपिस्ट प्रियंका त्रिपाठी को एवार्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष देवकाली माया सिंह, करिअप्पा अनीता द्विवेदी, पूरा रुबी सिंह, अयोध्या दया मिश्रा, महानगर महामंत्री प्रतिमा शुक्ला प्रमुख रुप से उपस्थित रही।