: संकट मोचन हनुमान किला में नौ दिवसीय श्री सीताराम नाम महायज्ञ आज से
Wed, Mar 22, 2023
हनुमान किला पीठाधीश्वर श्री महंत परशुराम दास महाराज के संयोजन में विशाल भंडारे के साथ होगा विभिन्न अनुष्ठान
अयोध्या। राम नगरी के बाईपास स्थित सिद्ध पीठ श्री संकट मोचन हनुमान किला में भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर नौ दिवसीय श्री सीताराम नाम महायज्ञ का आयोजन खाक चौक और संकट मोचन हनुमान किला के पीठाधीश्वर श्री महंत परशुराम दास महाराज के संयोजन में किया जा रहा है। जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि भगवान के जन्मोत्सव के अवसर पर 9 दिनों तक श्री सीताराम नाम महायज्ञ के साथ अखंड रामचरितमानस पाठ एवं दुर्गा सप्तशती सतचंडी पाठ का आयोजन किया जाएगा। जिसका शुभारंभ 22 मार्च को कलश यात्रा वेदी रचना और मंडप प्रवेश के साथ होगा। उन्होंने बताया कि 23 मार्च को वेदी पूजन मंडप पूजन प्रातः 8 बजे से 12 बजे तक होगा इसी के साथ शाम 4 बजे अग्नि मंथन के साथ आहुतियां दी जाएगी। 30 मार्च को दोपहर 1 बजे पूर्णाहुति होगी और 31 मार्च को संत ब्राह्मण भोजन के साथ बृहद भंडारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमारे आराध्य का जन्मोत्सव है इसको लेकर के हम लोग विशेष तैयारी की गई है। इस 9 दिनों में वृहद भंडारे का आयोजन होगा जिसमें अयोध्या में आने वाले सभी अतिथि भोजन प्रसाद ग्रहण करें। वैसे तो इस स्थान पर लगभग 1 दशक से प्रतिदिन सायंकालीन बर्फानी दादा अन्य क्षेत्र का संचालन होता है। जिसमें अयोध्या में आने वाले श्रद्धालु बड़े ही प्रेम और श्रद्धा के साथ प्रसाद पाते है। कोरोना काल में जब लोग घर से बाहर नहीं निकलते थे तब श्री महाराज जी हजारों लोगों को इसी आश्रम में प्रतिदिन भोजन कराते थे और अन्न का भंडार खोल दिए थे आश्रम में आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली हाथ नहीं जाता था।
: हिंदू धाम में बहेगी वाल्मीकि रामायण कथा की रसधार
Wed, Mar 22, 2023
ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास दास वेदांती ने डेढ़ दशक से अधिक श्रीराम को साक्षी मानकर बजरंगबली को वाल्मीकि रामायण पर केंद्रित राम कथा सुनाई
यह अवसर श्री राघवेंद्र सरकार से पुकार करने का ही नहीं, बल्कि उनके प्रति कृतज्ञता का महोत्सव मनाने का है: महंत डॉक्टर राघवेशदास
अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की सदियों पुरानी साध पूरी करने के लिए ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास दास वेदांती ने डेढ़ दशक से अधिक समय तक राम नगरी में श्रीराम को साक्षी मानकर बजरंगबली को वाल्मीकि रामायण पर केंद्रित राम कथा सुनाई। इस अवधि में डॉ वेदांती ने बालकांड से लेकर किष्किंधा कांड तक की विस्तृत मीमांसा की। कोरोना संकट के चलते गत तीन सत्रों से चैत्र नवरात्र के अवसर पर आयोजित होने वाला उनका महनीय अनुष्ठान बाधित था, किंतु आज न केवल कोरोना संकट से मुक्ति मिल गई है बल्कि जिस स्वप्न के लिए डॉ वेदांती रामकथा की भावधारा प्रवाहित कर रहे थे, वह भी साकार हो रहा है । इस स्वर्णिम सुयोग के बीच डॉ वेदांती रामकथा के सर्वाधिक रमणीय प्रसंग के रूप में विवेचित सुंदरकांड को विषय बना कर रामकथा की रस वर्षा करेंगे । उनके नौ दिवसीय प्रवचन का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी बुधवार से हो रहा है । नया घाट स्थित हिंदू धाम के प्रांगण में 30 मार्च तक प्रस्तावित प्रवचन का समय शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक संयोजित है। डॉ वेदांती के शिष्य एवं उत्तराधिकारी महंत डॉक्टर राघवेशदास के अनुसार यह अवसर श्री राघवेंद्र सरकार से पुकार करने का ही नहीं है, बल्कि उनके प्रति कृतज्ञता का महोत्सव मनाने का है और आज श्री राम की ही कृपा से मंदिर निर्माण के रूप में असंभव संभव हो रहा है। यद्यपि राम मंदिर के लिए चले व्यापक आंदोलन में डॉ रामविलास दास वेदांती की अग्रणी भूमिका रही है। राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष से लेकर दो दो बार लोकसभा सदस्य के रूप में उन्होंने राम मंदिर का मुद्दा सड़क से लेकर संसद तक स्थापित किया और आज मंदिर निर्माण के दौर में उनकी कृतज्ञता रामकथा के रूप में अर्पित होते देखना रोचक होगा।
: आज से शुरू होगा श्रीराम जन्मोत्सव, तैयारियां पूरी
Tue, Mar 21, 2023
अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा 84 कोसी परिक्रमा के अंतर्गत 300 किलोमीटर की परिधि के उभरते हुए खिलाड़ी और विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगिताओं में मिलेगा मौका
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला जन्मोत्सव को भव्यता के साथ मनाने की तैयारी की है। मंगलवार को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर अयोध्या के सैकड़ों संत-महंत व हजारों राम भक्त के साथ रामकोट की परिक्रमा कर श्रीराम जन्मोत्सव का शुभारंभ करेंगे। परिक्रमा को विक्रमादित्य महोत्सव और श्री राम जन्मोत्सव समिति संयुक्त रूप से संपन्न कराएगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि 22 मार्च से श्रीराम जन्मोत्सव के आयोजन में युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय सात दिवसीय खेल प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी रखा गया है। खेल प्रतियोगिताओं में प्रमुख रूप से खो-खो, तलवारबाजी, कबड्डी, आत्या पात्या, नौकायान, वॉलीबॉल और दंगल आदि का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भगवान के विभिन्न प्रसंगों पर कथा, कवि सम्मेलन, संगीत व भजन का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी नए उभरते कथा वाचकों स्थानीय कवियों और संगीतज्ञ को प्राथमिकता दी जाएगी। अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा 84 कोसी परिक्रमा के अंतर्गत लगभग 300 किलोमीटर की परिधि के उभरते हुए खिलाड़ी और विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगिताओं में मौका मिलेगा। कार्यक्रम भजन संध्या स्थल, राम की पैड़ी पर आयोजित होंगे। श्रीराम जन्मोत्सव समिति के सदस्य गोपाल जी राव ने बताया कि 22 मार्च को सुबह 6 बजे से शुरू होने वाली साइकिल रेस और मैराथन दौड़ के दौरान देवकाली से नयाघाट तक के हाइवे पर 6 किलोमीटर में एक लेन को लगभग 2 घंटे के लिए बंद किया जाएगा। 21 किलोमीटर की रेस में लता मंगेशकर चौराहे से साकेत पेट्रोल पंप, बड़ी देवकाली, रीडगंज चौराहा, चौक, धारा रोड, अफीम कोठी के रास्ते 14 कोसी परिक्रमा मार्ग, लक्ष्मण घाट होते हुए अयोध्या के सरयू घाट स्थित आरती स्थल पर समाप्त होगी। इसमें पांच अलग-अलग स्थानों पर कैंप भी लगाए जाएंगे जहां पर प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों के हाथ में एक मोहर लगेगी। मैराथन में तीन हजार युवक-युवतियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। चंपत राय ने बताया कि राम जन्मभूमि पर श्री राम जन्मोत्सव को लेकर सुरक्षा के कारण कोई नया आयोजन नहीं किया जाएगा। पूर्व से होने वाले आयोजन ही इस वर्ष भी किए जाएंगे। भगवान के दरबार को सुंदर सजाया जाएगा। भव्य आरती का भी आयोजन होगा। प्रसाद श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाएगा। इस मौके पर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, शरद शर्मा मौजूद रहें।