: अपने आराध्य के रामजन्मोत्सव में झूम रही रामनगरी, बज रही मंगल बधाइयां
Tue, Apr 16, 2024
चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान में डा रामानंद दास व हिंदू धाम में रामराज्य की संकल्पना को साकार कर रहे ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदांती
अयोध्या। रामनगरी में चारों तरह नवाह परायण पाठ, बधाईयां की मंगल ध्वनियां चहुंओर बज रही है। मठ मंदिरों में भगवान के प्राकट्य उत्सव को लेकर तैयारियां जोरो पर है। पूरे नगर को सजाया गया है। हर तरह खुशियां ही खुशियां फैली हुई है। चारों तरह रामकथा व भागवत कथा में संत साधक गोता लगा रहें है। चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता में रामजन्म महोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। जिसमें व्यासपीठ से रामकथा की अमृत वर्षा डा रामानन्द दास कर रहे है।इस पूरे आयोजन का दिव्य संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास जी कर रहे है।
तो वही हिंदू धाम में जन्मोत्सव के अवसर पर श्री रामराज्य स्थापना का संकल्प लेकर नौ दिवसीय श्री राम कथा कह रहे ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदांती महाराज ने कथा के सातवें सोपान में बताया कि हनुमान जी महाराज अशोक वाटिका में फल खा रहे थे और अक्षय कुमार का वध करने के बाद जो कुछ बच्चे खुचे सैनिक थे रावण के पास पहुंचे और बताया कि बंदर महाबली है उसने अक्षय कुमार का वध कर दिया। श्री महाराज जी ने हनुमान जी के बारे में हनुमान जी अपने आप को कभी श्रेष्ठ नहीं मानते वह हमेशा भगवान के दास मानते हैं इसीलिए वह सभी काम आसानी से पूरा कर देते हैं। महाराज जी ने बताया कि अनगिनत बंदर जिसमें नल नील जामवंत जैसे बलवान लोग थे लेकिन राम जी ने हनुमान जी को ही क्यों चुना क्योंकि हनुमान जी भगवान शिव के अवतार हैं और धैर्य पूर्वक सभी काम पूरा करने में सक्षम है और उसका श्रेय भी वह नहीं लेते। कथा के विश्राम बेला पर आरती उतारी गई और श्री महाराज जी के शिष्य वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत डॉ राघवेश दास वेदांती महाराज अतिथियों का स्वागत सत्कार किया। कथा श्रवण के लिए मुख्यरूप से आचार्य सत्येन्द्र दास वेदांती, वरुण दास सहान्तांशु रामजी उपाध्याय, पंडित हिमांशु शास्त्री, राजेश तिवारी, अयोध्या दास सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।
: श्री सीताराम नाम महायज्ञ में जगत कल्याण हेतु पढ़ रही हैं आहुतियां
Tue, Apr 16, 2024
9 दिन से 225000 आहुतियां वैदिक विद्वानों ने मंत्रोच्चारण के साथ डाली
इस वर्ष विश्व शांति के लिए भी लिया गया संकल्प: महंत परशुराम दास
अयोध्या। कायाकल्पि बर्फानी दादा के आशीर्वाद और सिद्ध पीठ संकट मोचन हनुमान किला के पीठाधीश्वर महंत परशुराम दास महाराज के सानिध्य में जगत कल्याण के लिए भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर चल रहे 9 दिन से श्री सीताराम नाम महायज्ञ में पढ़ रही हैं आहुतियां नौ दिनों में 225 000 आहुतियां वैदिक विद्वानों के द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ डाली जाएगी। वही भगवान के जन्मोत्सव की भी तैयारी पूरी हो गई है यज्ञ हवन के साथ मंदिर में नवाहपारयण पाठ और सांध्य कालीन सत्र में बधाई गीत भी हो रहे हैं।17 अप्रैल को प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव तक प्रतिदिन विद्वानों द्वारा आहुतियां डाली जाएंगी।
संकट मोचन हनुमान किला पीठाधीश्वर महंत परशुराम दास महाराज ने बताया कि प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण के उद्देश्य से 2011 से प्रारंभ हुई श्री सीताराम नाम महायज्ञ का यह 14 वां वर्ष है। फैसला आने के बाद यह निर्णय लिया गया की महायज्ञ को बंद नहीं किया जाएगा बल्कि मानव कल्याण और जगत कल्याण के लिए यह अनुष्ठान प्रभु श्री राम लला के जन्मोत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष निरंतर चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्व शांति के लिए भी संकल्प लिया गया है क्योंकि मानवता के ऊपर बहुत बड़ा संकट है विश्व में उथल-पुथल मचा हुआ है जगह-जगह युद्ध हो रहे हैं लोग एक दूसरे को मार काट रहे हैं इसलिए प्रभु श्री राम लला से यह प्रार्थना की गई है कि विश्व में शांति हो और प्रत्येक मनुष्य एक दूसरे के साथ प्रेम भाव से विचरण करें। आचार्य कुलदीप तिवारी के दिशा निर्देशन में वैदिक विद्वान एवं मुख्य यजमान शशिकांत शर्मा सहित सैकड़ों लोग यज्ञ में आहुति डाल रहे है।
: हनुमान बाग में रामभक्तों की सेवा के लिए चल रहा विशाल भंडारा
Tue, Apr 16, 2024
लस्सी, पकौड़ी, पूढ़ी सब्जी खीर खिलाकर हो रहा रामभक्तों की सेवा
रामजन्मोत्सव पर रामकथा की बह रही रसधार
अयोध्या। प्रभु श्रीराम के पावन जन्मोत्सव पर अयोध्याधाम में श्रीरामकथा की अमृत वर्षा हो रही है। श्रीरामकथा की अमृतमयी वर्षा का पान करने के लिए काफी संख्या में दूर-दराज से भक्तगण उमड़ रहे हैं। वैसे तो रामनवमी का मुख्य पर्व 17 अप्रैल को है। लेकिन श्रीरामजन्मोत्सव की पूर्व बेला से ही अयोध्यानगरी में उल्लास छाया हुआ है। इसी तरह श्री हनुमान बाग वासुदेवघाट में श्री हनुमान बाग सेवा संस्थान के तत्वाधान में चल रही श्रीरामकथा क्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रसिद्ध कथाव्यास मानस चातिका वैदेही सुरभि जी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जैसा कोई नही है। सारा संसार उनका गुणगान करता है। प्रभु श्रीराम ने पूरी दुनिया को मानवता का पाठ पढ़ाया। सबको मर्यादित जीवन जीना सिखाया। इसलिए वह मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। भगवान राम के बारे में जितना कहा जाए वह कम ही होगा। उनका अनुसरण पूरा विश्व करता है। एक आदर्श महापुरुष के रूप में प्रभु राम का नाम सबसे पहले आता है। उन्होंने सारे जगत का कल्याण किया। वहीं प्रतिष्ठित कथाव्यास कथा की अध्यक्षता कर रहें स्वामी नारायणाचार्य जी ने भक्तों को अमृतमयी श्रीरामकथा का रसपान कराते हुए कहा कि भगवान की कथा मंगलकारी है। वह अमंगल का नाश कर मंगल करती है। कथा सारी व्यथा को मिटा डालती है। भगवान के धाम में मंगलमयी का कथा बड़ा ही महत्व है। वह भी जब श्रीरामजन्मोत्सव पर श्रीरामकथा हो रही हो। तो यह सोने में सुहागा है। कथा से वक्ता और श्रोता दोनों का कल्याण होता है। श्रीरामकथा को हनुमान बाग के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास महाराज सानिध्यता प्रदान कर रहे थे। इससे पहले व्यासपीठ की दिव्य आरती उतारी गई। अंत में उपस्थित साधु-संत और भक्तगणों को कथा का प्रसाद वितरित किया गया। रामजन्मोत्सव मंदिर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। दोनो सत्र में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है जिसमें हजारों रामभक्त प्रसाद ग्रहण कर रहें है। प्रसाद प्रतिदिन अलग अलग प्रकार के बनायें जा रहें है और भक्तों की सेवा में समर्पित हो रहा है। इस अवसर पर पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री समेत काफी संख्या में भक्तगण भगवान की अमृतमयी कथा का रसपान कर अपना जीवन सार्थक बना रहे थे।