Sunday 6th of September 2026

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: अपने आराध्य के रामजन्मोत्सव में झूम रही रामनगरी, बज रही मंगल बधाइयां

बमबम यादव

Tue, Apr 16, 2024

चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान में डा रामानंद दास व हिंदू धाम में रामराज्य की संकल्पना को साकार कर रहे ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदांती

अयोध्या। रामनगरी में चारों तरह नवाह परायण पाठ, बधाईयां की मंगल ध्वनियां चहुंओर बज रही है। मठ मंदिरों में भगवान के प्राकट्य उत्सव को लेकर तैयारियां जोरो पर है। पूरे नगर को सजाया गया है। हर तरह खुशियां ही खुशियां फैली हुई है। चारों तरह रामकथा व भागवत कथा में संत साधक गोता लगा रहें है। चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता में रामजन्म महोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। जिसमें व्यासपीठ से रामकथा की अमृत वर्षा डा रामानन्द दास कर रहे है।इस पूरे आयोजन का दिव्य संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास जी कर रहे है। 

तो वही हिंदू धाम में जन्मोत्सव के अवसर पर श्री रामराज्य स्थापना का संकल्प लेकर नौ दिवसीय श्री राम कथा कह रहे ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदांती महाराज ने कथा के सातवें सोपान में बताया कि हनुमान जी महाराज अशोक वाटिका में फल खा रहे थे और अक्षय कुमार का वध करने के बाद जो कुछ बच्चे खुचे सैनिक थे रावण के पास पहुंचे और बताया कि बंदर महाबली है उसने अक्षय कुमार का वध कर दिया। श्री महाराज जी ने हनुमान जी के बारे में हनुमान जी अपने आप को कभी श्रेष्ठ नहीं मानते वह हमेशा भगवान के दास मानते हैं इसीलिए वह सभी काम आसानी से पूरा कर देते हैं। महाराज जी ने बताया कि अनगिनत बंदर जिसमें नल नील जामवंत जैसे बलवान लोग थे लेकिन राम जी ने हनुमान जी को ही क्यों चुना क्योंकि हनुमान जी भगवान शिव के अवतार हैं और धैर्य पूर्वक सभी काम पूरा करने में सक्षम है और उसका श्रेय भी वह नहीं लेते। कथा के विश्राम बेला पर आरती उतारी गई और श्री महाराज जी के शिष्य वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत डॉ राघवेश दास वेदांती महाराज अतिथियों का स्वागत सत्कार किया। कथा श्रवण के लिए मुख्यरूप से आचार्य सत्येन्द्र दास वेदांती, वरुण दास सहान्तांशु रामजी उपाध्याय, पंडित  हिमांशु शास्त्री, राजेश तिवारी, अयोध्या दास सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

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