: तीन लाख के इनामी पहलवानों के बीच नहीं हो सका हार जीत का फैसला
Sun, Nov 3, 2024
तीन लाख के इनामी पहलवानों के बीच नहीं हो सका हार जीत का फैसलाउत्तर प्रदेश केसरी आसिफ पहलवान व भारत केसरी रामेश्वर पहलवान के बीच पंद्रह मिनट तक चली तीन लाख की इनामी कुश्तीहनुमान गढ़ी से जुड़े नामी पहलवान मनीराम दास जी महाराज के शिष्य पुष्कर ने जीता दो मुकाबलासोहावल- अयोध्या। क्षेत्र के एआईटी इंटर कालेज जगनपुर खेल मैदान में मरहूम जमील खान मेमोरियल दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें सौ जोड़ा पहलवानों ने हिस्सा लिया। जिसमें उत्तर प्रदेश केसरी आसिफ पहलवान और भारत केसरी रामेश्वर पहलवान के बीच पंद्रह मिनट की चली तीन लाख की इनामी कुश्ती में हरजीत का फैसला नहीं हो सका। शनिवार को एआईटी खेल मैदान में आयोजित अंतराज्यीय दंगल में राजस्थान, महाराष्ट्र,दिल्ली,पंजाब, हरियाणा, नंदिनी नगर, अयोध्या, सहारनपुर सहित विभिन्न प्रदेशों के सौ जोड़ा पहलवानों ने हिस्सा लिया। दंगल का उद्घाटन और शुरुआत जावेद खान नेता ने फीता काटकर किया। आदिल खान की अध्यक्षता में चल रहे दंगल की आखरी कुश्ती रोचक बन गई। हजारों की भीड़ के बीच दंगल में जब शाम को आखिरी कुश्ती उत्तर प्रदेश केसरी आसिफ पहलवान और भारत केसरी रामेश्वर पहलवान के बीच मुक़ाबला शुरू हुआ। हरजीत की बोली तीन लाख तक चली गई। लेकिन पंद्रह मिनट तक दोनों पहलवानों के बीच जमकर दांवपेंच का मुकाबला हुआ। लेकिन कुश्ती दोनों की बराबरी में चली गई। हरजीत का फैसला नहीं हो सका। वहीं वहीं एक लाख की इमामिया कुश्ती अंतराष्ट्रीय पहलवान विक्रम फिरोजाबाद और बबलु उर्फ गुलाम मोहम्मद हनुमान अखाड़ा दिल्ली के बीच हुई। जिसमें बबलू पहलवान की जीत हुई। वहीं दो सौ 70 किलो की भारी भरकम शरीर वाले पहलवान जालंधर के मोटा पहलवान को शिकस्त कोई नहीं दे रहा था। अंतिम में बाबा फकीरा ने उसने हाथ मिलाया और पटखनी दे दी। दंगल में हाहाकार और बाबा फकीरा की जयकार मच गया। वहीं रामनगरी अयोध्या की प्रधानतम पीठ श्रीहनुमानगढ़ी से जुड़े नामी पहलवान मनीराम दास जी महाराज के शिष्य पुष्कर ने दो मुकाबला जीता। इस अवसर पर प्रबंधक इंकसार खान, डा0 मकबूल खान,हसन खान,गुल फिरोज अंसारी,अनिल यादव,तौकीर,नूरानी,सबलू आदि ने पहलवानों का हौसला आफजाई किया।
: प्राचीन शिक्षा व सनातन की पौध शाला (गुरुकुल) अपने शिखर की ओर अग्रसर
Sun, Nov 3, 2024
प्राचीन शिक्षा व सनातन की पौध शाला (गुरुकुल) अपने शिखर की ओर अग्रसर
श्री गुरु वशिष्ठ गुरुकुल विद्यापीठ अयोध्या को मिली शिक्षा मंत्रालय द्वारा वेद पाठशाला की मान्यता, पढाए जाएंगे चारों वेद: आचार्य मनोज दीक्षित50 से अधिक बटुक ज्योतिष शास्त्र न्याय शास्त्र, गणित शास्त्र, व्याकरण, धनुर्विद्या, संगीत शास्त्र सीखने के लिए देश के लगभग 9 प्रांतों के प्रतिष्ठित गुरुकुलों में अध्ययन कर रहे, 20 बटुक भारत सरकार द्वारा स्कॉलरशिप तथा 12 बटुक उत्तर प्रदेश संस्कृत बोर्ड द्वारा सामान्य ज्ञान छात्रवृत्ति के रूप में स्कॉलरशिप प्राप्त कर रहेअयोध्या। 3:45 एकड के भूभाग में 12 हजार स्क्वायर मीटर परिक्षेत्र में बने सुंदर श्री गुरु वशिष्ठ गुरुकुल विद्यापीठ को मिली भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की स्वायत्तशासी संस्था महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन द्वारा सभी वेदों को मान्यता प्रदान की गई है उक्त जानकारी श्री गुरु वशिष्ठ गुरुकुल विद्यापीठ तिहुरा माझा के 'वेद भवन' में आयोजित एक प्रेस वार्ता में गुरुकुल के संस्थापक अध्यक्ष वा महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर (राजस्थान) के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने दी। उन्होंने बताया कि शुक्ल यजुर्वेद के 3, अथर्ववेद के एक, सामवेद के एक, ऋग्वेद के एक, आचार्य की मान्यता वेद विद्या प्रतिष्ठान द्वारा दी गई है जबकि आधुनिक विषय में संस्कृत विषय में एक, गणित व कंप्यूटर में एक, आचार्य की मान्यता मिली है, कृष्ण यजुर्वेद व अथर्ववेद के एक-एक आचार्य का नियुक्ति प्रस्ताव प्रतिष्ठान को न्यास द्वारा भेजा गया है, जिसकी शीघ्र अनुमति मिलने की संभावना है। 29 मार्च 2018 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन अखिल भारतीय सह प्रमुख अनिरुद्ध देश पांडे के साथ अनेक लब्ध प्रतिष्ठित विद्वानों की उपस्थिति में श्री राम वल्लभा कुंज जानकी घाट के अधिकरी राजकुमार दास जी के संरक्षण में उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए भवन में पांच बटुक से प्रारंभ गुरुकुल आज अपने पूर्णत्व को प्राप्त कर रहा है। आज गुरुकुल के पास 12 हजार स्क्वायर मीटर में पांच शालाओं से युक्त हरा भरा परिसर है, गुरुकुल की उपलब्धियां के बारे में बताते हुए श्री दीक्षित ने कहा की केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली द्वारा गुरुकुल को उत्तर प्रदेश का एक आदर्श गुरुकुल विकसित करने का प्रस्ताव ट्रस्ट को प्राप्त हुआ है, प्राचीन शिक्षा व सनातन की इस पौध शाला (गुरुकुल) से निकले 50 से अधिक बटुक ज्योतिष शास्त्र न्याय शास्त्र, गणित शास्त्र, व्याकरण, धनुर्विद्या, संगीत शास्त्र सीखने के लिए देश के लगभग 9 प्रांतों के प्रतिष्ठित गुरुकुलों में अध्ययन कर रहे हैं, गुरुकुल के 20 बटुक भारत सरकार द्वारा 60,000 की वार्षिक स्कॉलरशिप तथा 12 बटुक उत्तर प्रदेश संस्कृत बोर्ड द्वारा सामान्य ज्ञान छात्रवृत्ति के रूप में 1200 की वार्षिक स्कॉलरशिप प्राप्त कर रहे हैं। गुरुकुल की योजना के बारे में बताते हुए श्री दीक्षित ने बताया गुरुकुल परिसर में 95 लाख की लागत से पौराणिक व आधुनिक पुस्तकों का पुस्तकालय वा कंप्यूटर लैब एक सामाजिक संस्था द्वारा प्रस्तावित है जिसे शीघ्र निर्माण शुरु होगा, जबकि गुरुकुल में 200 बटुकों के लिए 2300 स्क्वायर फिट में अत्याधुनिक भोजन शाला, ज्योतिष शाला, वा 200 ब्रह्मचारियों के छात्रावास का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। प्रेस वार्ता के दौरान श्री गुरु वशिष्ठ सेवा न्यास के उपाध्यक्ष प्रो० रामनयन राय, कोषाध्यक्ष प्रो० आर०के० सिंह, महासचिव डॉ० दिलीप सिंह, सह प्रबंधक आदर्श सिंह 'ऋषभ', आचार्य नीरज कुमार ओझा उपस्थित रहे।
: भगवान रामलला के मंदिर में सीएम योगी ने जलाए श्रद्धा के दीप
Wed, Oct 30, 2024
भगवान रामलला के मंदिर में सीएम योगी ने जलाए श्रद्धा के दीपश्रीरामलला के विराजमान होने के बाद पहला दीपोत्सव’श्रीराम मंदिर प्रांगण में प्रज्जवलित किए गए हजारों दीपअयोध्या। 22 जनवरी 2024 को रामलला 500 वर्ष बाद अपने दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान हुए। इसके बाद 30 अक्टूबर को पहला दीपोत्सव हुआ, जब लला स्वयं के महलों में विराजमान होकर अपनी नगरी को अपलक निहारते रहे। अयोध्या का सौंदर्य देख रामलला खुद भी भाव-विह्वल हो उठे। योगी सरकार के आठवें दीपोत्सव में राममंदिर की अनुपम छटा हर किसी को आह्लादित कर रही थी। रामलला की मौजूदगी में बुधवार को पहला दीपोत्सव मनाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार शाम श्रीराम मंदिर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का दर्शन किया, फिर उनके चरणों में श्रद्धा निवेदित की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने प्रभु के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किए। बाहर भी मुख्यमंत्री ने पांच-पांच दीप जलाए। वहीं मंदिर प्रांगण में हजारों दीप प्रज्ज्वलित किए गए। श्रीराम मंदिर में दीप प्रज्ज्वलन के दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, श्रीराम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्र, गोपाल जी, विनोद जी आदि भी रहे।