: रामलला के मंदिर का जब भी अनुष्ठान हो, वही दिन शुभ: स्वामी चिदम्बरानन्द
बमबम यादव
Sun, Jan 14, 2024
कहा,आध्यात्मिक रुप से वही है अयोध्या, भौतिक दृष्टि से हुआ काफी बदलाव
श्रीराम महल वैदेही भवन में 17 जनवरी से होगी रामकथा की अमृत वर्षा,व्यासपीठ से महामंडलेश्वर स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वती जी महाराज कहेंगे कथा
अयोध्या। सनातन धर्म प्रचारक एवं प्रखर राष्ट्रवादी चिन्तक व संस्थापक चिद्ध्यानम आश्रम व गौशाला, चिदसाधना साध्यम ट्रस्ट, मुंबई के महामंडलेश्वर स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वती जी महाराज शनिवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों में शुमार श्रीराम महल वैदेही भवन में हरिहर सेवा समिति के तत्वावधान में 17 जनवरी से श्री रामकथा की अमृत वर्षा होगी। व्यासपीठ से कथा की अमृत वर्षा महामंडलेश्वर स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वती जी महाराज करेंगे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अयोध्या अलौकिक है। इसे चर्म चक्षुओं से देखा ही नहीं जा सकता। जो अयोध्या को चर्म चक्षुओं से देखने का प्रयत्न करते हैं वे अयोध्या के साथ न्याय नहीं करते हैं। अयोध्या आत्मा की अंतअनुभूति का विषय है।महामंडलेश्वर स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वती जी महाराज कहते है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के मुहूर्त को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं। ऐसे में यही कहना है कि रामलला की जिस दिन, जिस मुहूर्त में प्रतिष्ठा हो रही है, वह सर्वथा उचित है। मुहूर्त को लेकर प्रश्न तब भी उठा था, जब त्रेतायुग में भगवान राम का राज्याभिषेक हो रहा था। गुरु वशिष्ठ से मुहूर्त को लेकर सवाल किए गए थे। तब उन्होंने बहुत सुंदर जवाब दिया था कि श्रीराम का जब भी राज्याभिषेक होगा वह मुहूर्त शुभ ही होगा। रामलला अयोध्या में तो हमेशा से ही विराजमान हैं। महामंडलेश्वर जी ने कहा कि भौतिक दृष्टि से देखें तो अयोध्या काफी बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक दृष्टि से विचार करें तो जो अयोध्या पहले थी, वही अयोध्या आज भी है। हालांकि इस तीर्थ का भौतिक विकास तेजी से हुआ है। यहां विमान उड़ने लगे हैं। आवागमन सुलभ हुआ। कथा की सारी तैयारी पूरी हो गई है। कथा का संयोजन श्रीराम महल वैदेही भवन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्रीमहंत रामजी शरण महाराज कर रहें है।
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