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: कुश्ती दंगल संस्कृति का एक अंग, जिसका निर्वाहन अयोध्या में श्याम क्लब ने जीवंत कर रखा: विनय कटियार

बमबम यादव

Thu, Mar 16, 2023

परम्परा को सजोये समाजसेवी बाबा घनश्याम पहलवान बुढ़वा मंगल के दिन दंगल का किया भव्य आयोजन

सैकड़ों नामीगिरामी पहलवानों ने किया जोर आजमाइश

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में होली के बाद पड़ने वाले मंगलवार को बुढ़वा मंगल के रुप में अयोध्या के कोतवाल मतगजेंद्र भगवान की पूजा और मेला परम्परागत रुप से होता है। तो वही सौकड़ों वर्षों से अपनी परम्परा को सजोने वाले अयोध्या के समाजसेवी बाबा घनश्याम पहलवान बुढ़वा मंगल के दिन दंगल का भव्य आयोजन करते है जिसमें नामीगिरामी पहलवान जोर अजमाइश करते है।
बुढ़वा मंगल के दिन होने वाली राज्य स्तरीय कुश्ती में देश के कोने कोने से पहलवान अयोध्या पहुंचे और जोर आजमाइश की। घनश्याम दास पहलवान ने बताया दंगल का आयोजन परंपरागत इस वर्ष भी किया गया, जिसमें देश के कोने कोने से दर्जनों पहलवान अयोध्या पहुंचे सभी ने कुश्ती के सभी को उचित इनाम दिया गया। कुश्ती का उद्घाटन अयोध्या के संतो महंतों के साथ पूर्व सांसद विनय कटियार ने किया और कहा कि कुश्ती दंगल संस्कृति का एक अंग है, जिसका निर्वाहन अयोध्या में घनश्याम दास पहलवान के द्वारा जीवंत रखा गया है। निश्चित ही या प्रेरणादाई है। आए हुए अतिथियों का स्वागत प्रियश दास ने किया। राज्य स्तरीय दंगल में लगभग 2 दर्जन से अधिक पहलवानों ने अपनी जोर आजमाइश की। अंतिम कुश्ती 25000 की हनुमानगढ़ी के मुन्ना पहलवान एवं मेरठ के शाकिर का हुआ जो मुकाबला बराबरी पर छूटा। दंगल में आये सभी अतिथियों का स्वागत प्रियेश दास ने किया। दंगल में लक्ष्मण किला के महंत मैथिली रमण शरण, वेद मंदिर महंत रामनरेश दास,महंत शशिकांत दास, सीताकांत सदन के रामानुज दास, पुजारी हेमंत दास, डा० अवधेश वर्मा, सांसद बृजभूषण शरण सिंह के भतीजे सुदीप भूषण सिंह, छविराम दास, महंत रामायणी रामशरण दास, कविराज दास, महंत संतोष दास, सूर्य प्रकाश शरण आदि शामिल रहे।

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