Wednesday 6th of May 2026

ब्रेकिंग

हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर भक्तों की सेवा में जुटे महंत संजय दास ने ORS व जूस का वितरण; श्रद्धा और भक्ति से सराबोर दिखी

बंगाल ने पहली बार खुलकर ली सांस, श्रेय अमित शाह को: बृजभूषण शरण सिंह

पीएम मोदी-गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति व सुनील बंसल के क्रियान्वयन से हुई बंगाल विजय: ऋषिकेश 

श्रद्धालुओं के साथ हर किसी आमजन को हनुमानजी महाराज का दिव्य प्रसाद भोजन के रुप मे उपलब्ध करा रहें महंत बलराम दास

संतों के सानिध्य में 6 दिवसीय आयोजन सम्पन्न, कथा व रासलीला ने भक्तों को किया भावविभोर

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: उपनयन संस्कार 16 संस्कारों में से एक है: विद्याभास्कर जी

बमबम यादव

Thu, Mar 30, 2023

प्रसिद्ध पीठ कोसलेश सदन में बटुकों हुआ सामूहिक उपनयन संस्कार

रामानुजीय संप्रदाय की शीर्ष पीठ कोसलेश सदन के संस्थापक आचार्य जगतगुरु स्वामी श्री यतींद्र रामनारायणाचार्य महाराज का शताब्दी अवतरण महोत्सव का छाया उल्लास

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के रामानुजीय संप्रदाय की शीर्ष पीठ कोसलेश सदन के संस्थापक आचार्य जगतगुरु स्वामी श्री यतींद्र रामनारायणाचार्य महाराज का शताब्दी अवतरण महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ श्रीमद जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर जी महाराज के पावन सानिध्य में मनाया जा रहा है। श्री महाराज जी के अवतरण दिवस के अवसर पर श्री कोसलेश सदन धर्मादाय ट्रस्ट कैकेई घाट कटरा में श्री बाल्मीकि रामायण की कथा चल रही है जिसमें मंदिर परिसर से जुड़े सैकड़ों अनुयाई एवं देश के कोने कोने से आए हुए भक्तों आनंद ले रहे है। इसी क्रम में बुधवार को देश के विभिन्न कोने से आए हुए बटुकों सामूहिक उपनयन संस्कार हुआ जिसमें लगभग 5 दर्जन बच्चे सम्मिलित हुए। जगतगुरु वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर महाराज ने बताया कि उपनयन संस्कार 16 संस्कारों में से एक है और कर्मकांड विधि से आम लोगों के लिए कराना कठिन है इसीलिए मंदिर परिसर में समय-समय पर इसका आयोजन किया जाता है जिससे सामान्य जन भी अपने बच्चों का उपनयन संस्कार बड़े ही सरलता और आसानी से करा सकें। उन्होंने बताया कि गुरुदेव भगवान का शताब्दी अवतरण समारोह मनाया जा रहा है। है।
जिसमें भगवान के जन्मोत्सव गुरुवार को कोसलेश भगवान का अष्टोत्तरशत कलशाभिषेक और बड़े ही हर्षोल्लास के साथ जन्म उत्सव मनाया जाएगा एक अप्रैल को संत समागम होगा जिसमें अयोध्या सहित देश के कोने कोने कोने से आए हुए विद्वान अपना विचार रखेंगे।उन्होंने बताया कि गुरुदेव भगवान सेवा में ही रहते थे इसलिए मंदिर में सभी प्रकार की सेवाएं निरंतर चलती रहती है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें