: जन्मभूमि पर मंदिर के लिए शताब्दियों से थी प्रतीक्षा,जो अब पूर्ण हुई: महंत शिवराम दास
बमबम यादव
Wed, Jan 24, 2024
राम भक्त नरेन्द्र बाबा पूर्णागिरि धाम नंदगांव भिवानी हरियाणा से साइकिल चलाकर पहुंचे अयोध्या, रामलला की ज्योति के लिए भेंट किया गाय का शुद्ध घी
अयोध्या। भगवान रामलला का भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह पूर्वक हो गया है। रामभक्त अपने आराध्य की सेवा के लिए दूर दूर से रामनगरी अयोध्या पहुंच रहें है। आज ऐसा ही एक रामभक्त दोबारा 3000 किलोमीटर साइकिल चलाते हुए रामनगरी अयोध्या पहुंचा जो अपने गांव से शुद्ध देशी घी भगवान की ज्योति जलाने के लिए लेकर आये और भगवान को समर्पित किये। ये रामभक्त नरेन्द्र यादव जो बाबा पूर्णागिरि धाम नंदगांव भिवानी हरियाणा से साइकिल चलाकर अयोध्या आये है और ये साइकिल चलाते हुए चारों धाम काशी, जगन्नाथ पुरी होते गंगासागर जायेंगे।नरेन्द्र कहते है कि वे 11000 किलोमीटर साइकिल यात्रा करेंगे। रामभक्त नरेंद्र ने कहा कि वे 3 मार्च 2021 को अयोध्या साइकिल से ही आये थे और भगवान श्रीरामलला को चांदी की ईट समर्पित किया था और आज जब भगवान का दिव्य मंदिर बन गया है तो ज्योति के लिए देशी घी समर्पित कर रहें है।
रामनगरी के रामघाट स्थित केशव बिहार सदन में युवा महंत शिवराम दास के नेतृत्व में उनके शिष्य नरेन्द्र यादव जो भिवानी हरियाणा से साइकिल से चलकर अयोध्या आकर भगवान रामलला को चांदी की शिला समर्पण किये। ये शिला महंत शिवराम दास नरेन्द्र यादव राजन मौर्या व बृजेश कुमार ने विहिप के केंद्रीय मंत्री पंकज सिंह को भेंट किया। राम मंदिर में अब तक 2300 करोड़ से अधिक धनराशि ट्रस्ट के खातों में पहुंच गया और अब विदेशों में रहने वाले राम भक्त भी इस अभियान शामिल हो सके इसके लिए जल्द ट्रस्ट की अगली बैठक निर्णय लेगी। नरेन्द्र यादव ने कहा कि भगवान रामलला का भव्य मंदिर बन गया इससे ज्यादा खुशी की बात और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसमे मेरा भी कुछ अंश मिल जाने से मेरा परिवार भी धन्य हो गया है।
केशव बिहार सदन में युवा महंत शिवराम दास ने कहा कि भूमि पूजन के समय ही शिष्य ने संकल्प लेकर शिलादान किया था। महंत शिवराम दास ने कहा कि भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर रामलला का दिय भव्य मंदिर भक्तों से सीधा जुड़ा है। इससे वे गर्व से कह सकें कि यह मंदिर हमारा है। तभी तो ये सिर्फ राम मंदिर नहीं अपितु एक राष्ट्र मंदिर है। उन्होंने कहा कि यह कि श्रीराम हमारे प्राण धन हैं और जन्मभूमि पर जिस मंदिर के लिए शताब्दियों से प्रतीक्षा होती रही, आज वह बनकर तैयार हो गया। राम मंदिर की भव्यता में कोई कमी नहीं है।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन