: सरयू राम मंदिर में पूजा पाठ देख-रेख वर्तमान प्रबंधक महंत सुमन पाठक कर रही हैं: राजे रघुजी राव भोंसले
बमबम यादव
Sun, Feb 9, 2025
सरयू राम मंदिर में पूजा पाठ देख-रेख वर्तमान प्रबंधक महंत सुमन पाठक कर रही हैं: राजे रघुजी राव भोंसले
कहा, पांच पीढ़ियों से मंदिर की देखरेख इन्हीं का परिवार कर रहा
भोंसले देवोत्थान ट्रस्ट द्वारा रामटेक नागपुर अयोध्या, वाराणसी प्रयागराज सहित पूरे देश में 28 मंदिरों का संचालन करता है
भू माफिया मंदिर की संपत्ति हड़पना चाहते हैं कूट रचित दस्तावेज से फर्जी रजिस्ट्री करा लिए हैं जिसका मुकदमा न्यायालय में चल रहा है : महंत सुमन पाठक
अयोध्या। अयोध्या के मंदिरों में विवाद का पुराना नाता है जो राम मंदिर का फैसला आने के बाद और बढ़ गया है क्योंकि जमीनों की कीमत लगभग 10 गुना अधिक हो गई है लोग चाह रहे हैं की कैसे मंदिर को अपने कब्जे में लिया जाए। ताजा मामला स्वर्गद्वार राम पैड़ी पर स्थित प्राचीन सरयू राम मंदिर का है जिसको लगभग 1735 में राजे रघुजी महाराज भोंसले प्रथम नागपुर ने बनवाया था और आज तक यह उन्हीं के देखरेख में बने भोंसले देवोत्थान ट्रस्ट द्वारा रामटेक नागपुर अयोध्या, वाराणसी प्रयागराज सहित पूरे देश में 28 मंदिर हैं जिनका संचालन भोंसले देवोत्थान ट्रस्ट करती है। अयोध्या में सरयू राम मंदिर राम की पैड़ी पर स्थित है, जिसकी देखरेख वर्तमान में सुमन पाठक कर रही हैं और राजे रघुजी राव भोंसले पंचम ने नियुक्त किया है। अयोध्या धाम पहुंचे राजे रघुजी राव भोंसले पंचम ने बताया कि अयोध्या में मंदिर में पूजा पाठ और मंदिर का देख-रेख वर्तमान प्रबंधक महंत सुमन पाठक कर रही हैं यह पांचवीं पीढ़ी हैं पांच पीढ़ियों से मंदिर की देखरेख इन्हीं का परिवार कर रहा है वर्तमान में कुछ विवाद पैदा हो गया है जिसका हमारे ट्रस्ट के वकील प्रदीप देशमुख द्वारा किया जा रहा है।
सरयू मंदिर की महंत सुमन पाठक ने बताया कि पांच पीढ़ियों मंदिर का संरक्षण हम लोग कर रहे हैं लेकिन कुछ लोग जब हम लोग मंदिर में पूजा पाठ करने जाते हैं तो गाली गलौज देते हैं कूट रचित दस्तावेज से फर्जी रजिस्ट्री करा लिए हैं जिसका मुकदमा न्यायालय में चल रहा है और हमारी यही दरखास्त है कि जैसे हम मंदिर में पांच पीढ़ियों से पूजा कर रहे हैं वैसे ही शांतिपूर्वक हमें करने दिया जाए। उन्होंने बताया कि मंदिर की पूजा रोक नहीं जा सकती इसलिए उन लोगों से बच, बचा करके हम लोग ठाकुर जी की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नागपुर से मंदिर के मुख्य ओनर राजे रघुजी राव भोंसले अयोध्या आये उनसे भी उन लोगों ने अभद्रता की। उन्होंने कहा कि हम लोगों का मंदिर का संरक्षण कर रहे हैं क्योंकि यह मंदिर अयोध्या की एक प्राचीन संपत्ति है और इसीलिए राजे पंचम ने अयोध्या पहुंचकर संपत्ति के संरक्षण की बात कही।
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