: बब्बन तिवारी प्रकरण में स्विफ्ट कार बनी जी का जंजाल
बमबम यादव
Sat, Feb 8, 2025
बब्बन तिवारी प्रकरण में स्विफ्ट कार बनी जी का जंजाल
कार को केंद्र में लेकर पुलिस की विवेचना बढ़ी तो बब्बन तक पहुंचाने की आशंका
अयोध्या। मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव के मतदान के दिन जिस बब्बन तिवारी पर हमला कर लहूलोहान कर दिया गया था। वह स्विफ्ट कार मया क्षेत्र के रामपुर दुगवा, देवगढ़ के एक मजरे की है। इसी कार से बब्बन तिवारी व उनके साथी लखनऊ से लौटते समय शाम को पालपुर एक रिश्तेदारी में जाने को बताया है। पालपुर, अमानीगंज ब्लाक में आता है। टिकटी के ग्राम प्रधान आशीष यादव व उनके सहयोगियों पर उसी दौरान बब्बन तिवारी पर जानलेवा हमले का आरोप है। ग्राम प्रधान व उनके सहयोगियों पर डकैती व अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वह स्विफ्ट कार मतदान स्थल के पास सुबह 10:55 बजे से खड़ी थी। समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पांडे तेज नारायण पांडेय पवन पत्रकार वार्ता में उसकी लोकेशन साझा कर चुके हैं।
ऐसे में सवाल है कि बब्बन तिवारी सहयोगियों के साथ जब लखनऊ गया था तो यह कार सुबह 11:00 बजे से मतदान स्थल के पास कैसे खड़ी थी। बब्बन तिवारी ने दर्ज तहरीर में लखनऊ से जिस कर से वापस आया है, उसका उल्लेख नहीं किया है। खंडासा पुलिस बताएं कि मतदान के दिन अगर बब्बन तिवारी व उसके साथी उसे कर से नहीं आए तो वहां वह कैसे पहुंची। मतदान के दिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का दवा विधानसभा क्षेत्र के सभी बाहरी क्षेत्रों को फीस करने का रहा। मतदान अवधि में कोई प्रवेश नहीं कर सकता था। फिर लावारिस खड़ी इस कार को क्यों नहीं सीज किया गया। बाद में वह कहां गई यह कई सवाल हैं, जिसका जवाब पुलिस को देना होगा।
समाजवादी पार्टी का आरोप है कि बब्बन तिवारी को बचाने के लिए पुलिस ने कार को दर्ज एफआईआर से बाहर कर दिया। बब्बन व उसके सहयोगियों को फर्जी मतदान के लिए भाजपा नेताओं ने बुलाया था। अर्धसैनिक बलों ने जब उसकी पिटाई कर दी तो उसका दोषारोपण सपा समर्थित ग्राम प्रधान व उनके साथियों के विरुद्ध डकैती जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर कर। दिया।फर्जी मतदान डालने के लिए आए उसके असली गुनाह को उसे कार को बचाकर छुपाया गया।
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