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: मानवता व अध्यात्म का संदेश दे रहा स्वामी नारायण सम्प्रदाय

बमबम यादव

Thu, Jul 11, 2024

आद्य संस्थापक घनश्याम महाराज को लगा छप्पन भोग,110 वें वार्षिक पाटोत्सव पर भगवान का हुआ विशेष श्रृंगार, पूजा व अभिषेक

नर नारायण देव गादीपति आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज उनकी विरासत को समेटे हुए सम्प्रदाय को बढ़ा रहे आगे: स्वामी अखिलेश्वर

अयोध्या। स्वामी नारायण सम्प्रदाय का स्वर्णिम इतिहास बिना नर नारायण देव गादीपति आचार्य मोटा महाराज तेजेन्द्र प्रसाद सम्भव ही नही है। महाराज तेजेन्द्र प्रसाद जी ने स्वामी नारायण सम्प्रदाय का डंका न सिर्फ भारत अपितु पूरी दुनिया में बजाया है। मानवता व अध्यात्म का संदेश देने वाले स्वामी नारायण सम्प्रदाय के बारे में लोगो को रुबरु कराया। आज वर्तमान में उनके बेटे नर नारायण देव गादीपति आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज उनकी विरासत को समेटे हुए सम्प्रदाय को आगे बढ़ा रहे है। 

 श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या में स्वामी नारायण जी महाराज का 110 वां वार्षिक पाटोत्सव पर आज स्वामी नारायण मंदिर रायगंज में भगवान का भव्य अभिषेक, श्रृंगार व पूजन किया गया तत्पश्चात छप्पन भोग लगाकर आरती हुआ। अयोध्या में स्वामी नारायण संप्रदाय के आद्य संस्थापक घनश्याम महाराज की बाल्यावस्था श्री स्वामीनारायण मंदिर मे बीता था। यह वही स्थान है जहां भगवान स्वामीनारायण जी महाराज के माता-पिता रहते थे और 110 वर्ष पहले उसी घर में भगवान को प्रतिष्ठित किया गया आज उसका वार्षिक उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पांच दिवसीय पाटोत्सव का कार्यक्रम अयोध्या स्वामीनारायण मंदिर के महंत स्वामी अखिलेश्वर दास जी महाराज के संयोजन में मनाया गया। श्री महाराज जी ने बताया कि भगवान के पाटोत्सव के अवसर पर 56 प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाया गया सुबह 6 बजे भगवान की मंगला आरती की गई 6 बजे अभिषेक उसके बाद श्रृंगार आरती राजभोग और 10 बजे से 56 भोग के दर्शन के लिए भगवान का पाठ दर्शनार्थियों के लिए खोला गया। पाटोसव के अवसर पर आए संतो श्रद्धालुओं और भक्त जनों को संबोधित करते हुए स्वामी अखिलेश्वर दास जी महाराज ने कहा की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और श्री स्वामी नारायण जी महाराज ने यही संदेश हम सबको दिया है जिसे पूरे मन श्रद्धा के साथ उनको करना चाहिए।पिछले 5 दिनों से महिला मंडल की तरफ से भगवान स्वामीनारायण जी का भोग भंडारा श्रृंगार आदि का समस्त आयोजन किया गया और भगवान के भोजन के लिए चांदी के समस्त पात्र भी दिए गए जिसमें चांदी की थाली लोटा कटोरी चम्मच आदि शामिल है। पाटोत्सव अवसर पर स्वामी अखिलेश्वर दास जी महाराज ने बताया कि स्वामी जी ने समाज को भय मुक्त किया है और सभी को एक साथ रहने का संदेश दिया है। स्वामी जी महाराज समाज से भेदभाव छुआछूत से दूर हट कर स्वामीनारायण भगवान और राधा कृष्ण देव की सेवा को ही सर्वोपरि माना है और बताया कि मनुष्य को सभी की सेवा निरंतर करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री केशव प्रसाद जी महाराज के हाथों यहां प्राण प्रतिष्ठा हुआ था। आचार्य तेजेन्द्र प्रसाद जी मोटा महाराज के पुत्र वर्तमान गद्दीपति आचार्य कौशलेंद्र प्रसाद जी के पावन आशीर्वाद से यह उत्सव सम्पादित हुआ। शास्त्री अखिलेश्वर दास जी महाराज ने बताया कि अयोध्या सप्तपुरीयों में सबसे महत्वपूर्ण पूरी है और यहां भगवान राम का जन्म हुआ था भगवान राम के जन्म स्थान का विवाद भी समाप्त हो गया। भगवान रामलला अपने दिव्य भव्य मंदिर में विराजमान हो गयें है। अब देश-विदेश से लोग आ रहें है अयोध्या का विकास हो रहा, स्वामी नारायण मंदिर रायगंज मे आचार्य मोटा महाराज तेजेन्द्र प्रसाद व नर नारायण देव गादीपति आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज के सानिध्य में मंदिर अपने शिखर की ऊचाई को छूएगा। मंदिर में जो सेवाएं यहां चलती हैं वह निरंतर चलती रहेगी। मंदिर में गुजरात से सौकड़ों संत व भक्त मौजूद रहें।मैनेजर राहुल शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया।

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