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: वेद वेदांत का परिपक्व फल है श्रीमद् भागवत कथा

बमबम यादव

Sat, May 25, 2024

हनुमान बाग में व्यासपीठ से स्वामी रामप्रपन्नाचार्य कह रहें श्रीमद्भागवत कथा 

अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग में श्रीमद्भागवत कथा की रसमयी वर्षा हो रही है। कथा के तृतीय दिवस में  व्यासपीठ पर विराजमान स्वामी रामप्रपन्नाचार्य महाराज आचार्य कुटी श्रीधाम वृंदावन ने कथा का विस्तार करते हुए कहा 5 वर्षीय अबोध बालक ध्रुव की तरह अविरल भक्ति जब साधक के मन में व्याप्त हो जाती है तब वह साधक भगवत धाम को प्राप्त करता है। स्वामी जी ने पापी अजामिल की कथा का श्रवण कराते हुए कहा जन्म से ही पाप कर्म में लीन अजामिल प्रभु भक्ति में लीन संत जनों की कृपा पाकर के भगवान के धाम को प्राप्त करता है। वेद वेदांत का परिपक्व फल है श्रीमद् भागवत कथा। मनुष्य जन्म को प्राप्त करके प्रभु के बताए हुए मार्ग का अनुसरण करके सभी साधक भक्तजन सभी सुखों को प्राप्त कर सकते हैं।स्वामीजी ने कहा कि हिरण्यकश्यप ने घोर तप किया ब्रह्मा जी से वरदान भी प्राप्त किया लेकिन साधक भक्तों के मन में यदि अभिमान व्याप्त हो जाता है तो वह साधक भक्त भी भक्ति मार्ग से अलग हो जाता है और पाप कर्म में लीन हो जाता है। हिरण्यकशिपु के पुत्र बालक प्रहलाद मां के गर्भ में ही देवर्षि नारद से नवधा भक्ति का श्रवण करने के प्रभाव से अनेकों यातनाएं पिता से पाकर भी भक्ति मार्ग को नहीं छोड़ते हैं। प्रह्लाद जी की दृढ़ भक्ति को देख कर भगवान भक्त प्रहलाद को बचाने नरसिंह रूप धारण करके दुष्ट हिरण्यकशिपु का वध करते हैं। सुखदेव जी महाराज से कथा का श्रवण करके राजेंद्र परीक्षित जी का विश्वास और भी  दृढ़ हो गया। सकाम भक्ति। निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है।श्रीमद् भागवत कथा की अध्यक्षता हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महराज कर रहें।कार्यक्रम की देखरेख पुजारी योगेंद्र दास,सुनील दास व रोहित शास्त्री कर रहें है।कथा में तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य का आयोजक परिवार ने अभिनन्दन किया। इस मौके पर कमलेश सुषमा बसेड़िया, नितिन आरती बसेड़िया, सनत, सनातन बसेड़िया, कटारे परिवार, दीक्षित परिवार, शर्मा परिवार उपाध्याय परिवार, श्रोती परिवार, रेडियेंट परिवार व मारुतिनंदन परिवार विशेष रूप से मौजूद रहें।

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