: सप्तऋषि खालसा के श्रीमहंत पद पर प्रतिष्ठापित हुए श्रीमहंत विश्वमोहन दास जी महाराज
बमबम यादव
Mon, Jan 27, 2025
सप्तऋषि खालसा के श्रीमहंत पद पर प्रतिष्ठापित हुए श्रीमहंत विश्वमोहन दास जी महाराज
माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी मूल नक्षत्र सर्वार्थ सिद्ध योग में श्री अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनि अखाड़ा के सप्तऋषि खालसा पद पर हुए श्रीमहंत
अखंडता का दिव्य भव्य संदेश दे रहा महाकुंभ: श्रीमहंत विश्वमोहन दास जी महाराज
प्रयागराज। महाकुंभ मेला में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। रविवार को माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी मूल नक्षत्र सर्वार्थ सिद्ध योग में राम जानकी मठ पातेपुर बैशाली स्टेट के युवराज श्रीमहंत विश्वमोहन दास जी महाराज को तीनों अनि अखाड़ा, चतु सम्प्रदाय एवं इससे संबंधित महामंडलेश्वरो के समक्ष आम सहमति से श्री अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनि अखाड़ा के सप्तऋषि खालसा पद के श्रीमहंत पद पर प्रतिष्ठापित किया गया।जिससे पातेपुर मठ से संबंधित शिष्य प्रशिष्य एवं भक्तजन अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। पातेपुर स्टेट के युवराज श्रीमहंत विश्वमोहन दास जी महाराज सप्तऋषि खालसा पद के श्रीमहंत पद पर प्रतिष्ठापित होने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहते है कि जहां भी भारत की सनातन संस्कृति पहुंची है, वहां के लोगों ने इसे स्वीकार किया है, आप दुनिया के किसी भी देश में चले जाइए, लोग भारत की संस्कृति से जुड़ाव महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि आज मुझे सप्तऋषि खालसा पद के श्रीमहंत पद पर प्रतिष्ठापित किया गया है। पद की मर्यादा व प्रतिष्ठा सदैव बनायें रखेंगे। श्रीमहंत विश्वमोहन दास जी महाराज ने कहा कि जितना सकारात्मक माहौल होता है, उतनी ही चुनौतियां होती हैं. सनातन धर्म एक विराट वट वृक्ष है. इसे हमें बचाकर रखना है. 'महाकुंभ का संदेश एकता से ही अखंड रहेगा देश'. अगर भारत सुरक्षित रहेगा, तभी सनातन धर्म और हम सब सुरक्षित हैं. भारत सुरक्षित है तो हर संप्रदाय और पंथ सुरक्षित है. अगर भारत के पर कोई संकट आता है तो सनातन धर्म पर संकट आएगा. सनातन धर्म पर संकट आएगा तो भारत के अंदर कोई भी पंथ या संप्रदाय नहीं बचेगा. अपने आप को सुरक्षित नहीं महसूस करेगा. संकट की नौबत न आने पाए, इसके लिए एकता का संदेश दे रहा है महाकुंभ. अखंडता का संदेश महाकुंभ दे रहा है. इसी पवित्र भाव के साथ महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर श्री अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनि अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास, महासचिव नंदराम दास व महंत सत्यदेव दास, महंत धर्मदास, श्रीहनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास,महंत बलराम दास, महंत रामकुमार दास, महंत राजेश दास पहलवान,महंत रामशंकर दास, महंत रामसेवक दास सहित बड़ी में संत साधक मौजूद रहें।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन