: उदासीन ऋषि आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा का हुआ विश्राम
बमबम यादव
Wed, Jan 31, 2024
समाज में कुछ लोग ही अच्छे कर्मों द्वारा सदैव चिर स्मरणीय होते है: आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी

श्रीमहंत डा भरत दास ने राम मंदिर माडल भेंट कर आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी का किया अभिनन्दन
अयोध्या। अयोध्या धाम में चल रही श्रीमद् भगवत् कथा का विश्राम बड़े ही धूमधाम से हुआ। कथा में आचार्य पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज ने बताया अपनी नित्य प्रति दिनचर्या में ज्येष्ठ जनों का आदर सम्मिलित करें। उनके सम्मान में ही आपकी पूजा व प्रार्थना समाहित है। अपने मन, स्वभाव, आचरण और चरित्र से सदैव दूसरों का आदर करें।बड़ों, आदरणीय जनों और उच्चपदस्थ जन, मात्र आयु और अनुभव में ही बड़े नही है अपितु विद्या, विभूति, अध्ययन, अनुभव और परंपरा के संवाहक हैं। बड़ों का आदर करने वाले साधक के निकट स्वत: ही विद्या, विभूति, ऐश्वर्य और अनेक प्रकार के अलौकिक सिद्धियाँ प्राप्त हो जाती हैं।

आचार्य श्री ने विगत सात दिनों तक भगवान श्री कृष्ण जी के वात्सल्य प्रेम असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा किए गए। विभिन्न लीलाओं का वर्णन कर वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार अनाचार कटुता व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के सातवें व अंतिम दिन भगवान श्री कृष्ण के सर्वोपरि लीला श्रीरास लीला मथुरा गमन दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंसबध कुबजा उद्धार रुक्मणी विवाह शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया। इस दौरान भजन गायक ने उपस्थित लोगों को ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया। श्री मन्माधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी ने सुंदर समाज निर्माण के लिए गीता से कई उपदेश के माध्यम अपने को उस अनुरुप आचरण करने कहा जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है। वह हिंसा से संभव नहीं हो सकता है। समाज में कुछ लोग ही अच्छे कर्मों द्वारा सदैव चिर स्मरणीय होता है। इतिहास इसका साक्षी है। लोगों ने इस संगीतमयी भागवत कथा का आनंद उठाया।इस महोत्सव की अध्यक्षता उदासीन ऋषि आश्रम पीठाधीश्वर श्रीमहंत डा भरत दास महाराज ने किया। विश्राम दिवस पर आचार्य श्री ने सभी का आभार प्रकट किया तो श्रीमहंत डा भरत दास ने राम मंदिर का भव्य माडल भेंट कर अभिनन्दन किया। व्यासपीठ का पूजन अयोध्या के उघोगपति समाजसेवी आईपी सिंह, अमेरिका से आये डा राम गर्ग, मिनी गर्ग ने किया कार्यक्रम का संचालन आईपीएस आर एन सिंह कर रहें।कार्यक्रम में सुतीक्षणमुनि, स्वामी माधवानन्द, स्वामी धर्मदास, विजयपाल सिंह समेत आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी से जुडे शिष्य परिकर मौजूद रहे।

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