Wednesday 6th of May 2026

ब्रेकिंग

हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर भक्तों की सेवा में जुटे महंत संजय दास ने ORS व जूस का वितरण; श्रद्धा और भक्ति से सराबोर दिखी

बंगाल ने पहली बार खुलकर ली सांस, श्रेय अमित शाह को: बृजभूषण शरण सिंह

पीएम मोदी-गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति व सुनील बंसल के क्रियान्वयन से हुई बंगाल विजय: ऋषिकेश 

श्रद्धालुओं के साथ हर किसी आमजन को हनुमानजी महाराज का दिव्य प्रसाद भोजन के रुप मे उपलब्ध करा रहें महंत बलराम दास

संतों के सानिध्य में 6 दिवसीय आयोजन सम्पन्न, कथा व रासलीला ने भक्तों को किया भावविभोर

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: संतों के चरणों में समस्त तीर्थों का निवास होता है: शीतल दीदी

बमबम यादव

Sat, Mar 25, 2023

कहा, संत-महात्माओं का आगमन सदैव मंगलकारी होता है, संतों से कभी कार्य की हानि नहीं होती, अपितु उनसे कार्य की सिद्धि होती है

रामकृष्ण मंदिर में महामंडलेश्वर गणेशानंद जी के संयोजन में वैदिक आचार्य कर रहे नवाह्न पारायण पाठ

अयोध्या। रामकृष्ण मंदिर में रामजन्मोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है।मंदिर में सुबह नवाह्न पारायण पाठ संगीतमय किया जा रहा है जो महामंडलेश्वर गणेशानंद के संयोजन में हो रहा है। तो वही शाम में प्रख्यात कथावाचिका मंदिर की महंत शीतल दीदी जी के श्रीमुख से राम कथा की अमृत वर्षा रही है। चतुर्थ दिन की कथा में शीतल जी ने अहिल्या उद्धार जनकपुर दर्शन, धनुष भंग,  और सीता राम विवाह का वर्णन किया। सीता राम विवाह को लेकर पूरे पंडाल को रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूलों से सजाया गया था। उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं का आगमन सदैव मंगलकारी होता है, संतों से कभी कार्य की हानि नहीं होती, अपितु उनसे कार्य की सिद्धि होती है। उन्होंने कहा कि संतों के चरणों में समस्त तीर्थों का निवास होता है, क्योंकि संत के चरण तीर्थों में घूमते-रहते हैं, वो सभी जगह जाते हैं, इसलिए जब कभी भी संत आएं तो उनके चरणों को धो लेना चाहिए, क्योंकि उनके चरणों में सारे तीर्थों का स्पर्श पहले से ही विद्यमान रहता है। इसीलिए संतों को तीर्थंकर कहा जाता है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें