: हिन्दूधाम में श्रीमद् भागवत कथा का छाया उल्लास
बमबम यादव
Sun, Nov 26, 2023
ब्रह्मर्षि डा. राम विलास वेदांती महाराज ने कंस वध, गोपी उद्धव संवाद के साथ रुकमणी विवाह का विस्तार से वर्णन किया
अयोध्या। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग स्थित हिन्दूधाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे सोपान में ब्रह्मर्षि डा. राम विलास वेदांती महाराज ने व्यासपीठ से श्रीकृष्ण भगवान की लीलाओं में कंस वध, गोपी उद्धव संवाद के साथ रुकमणी विवाह का विस्तार से वर्णन किया। जिसको सुनकर संत महंत और श्रोता गण मंत्रमुग्ध हो गए। ब्रह्मर्षि वेदांती महाराज ने बताया कि भगवान विष्णु के श्रीकृष्ण अवतार के रूप में पृथ्वी लोक पर अवतरित होने के प्रमुख कारणों में से एक कारण कंस वध भी था। क्योंकि कंस के अत्याचार से पृथ्वी जब त्राहि-त्राहि करने लगी तब सिंह, लोग भगवान से गुहार लगाने लगे और भगवान श्री हरि श्रीकृष्ण के रूप में पृथ्वी पर अवतरित हुए और 11 वर्ष की अल्प आयु में मामा कंस के मथुरा पहुंच कर कंस का वध किए और पृथ्वी को उनके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई और अपने नाना अग्रसेन महा- राज को सिंहासन पर बिठाया। ब्रह्मर्षि वेदांती भगवान कृष्ण और रुक्मणि का विवाह का वर्णन करते हुए बताया कि रुक्मणि जिन्हें माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। कथा का संचालन ब्रह्मर्षि वेदांती महाराज के शिष्य वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत राघवेश दास वेदांती महाराज ने की। अंत में मुख्य यजमान ने आरती उतारी संतों में प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य यजमान ताराशंकर पाण्डेय, भानुमती पाण्डेय, मनोज पाण्डेय, स्वेता पाण्डेय, यश वर्धन पाण्डेय, रामानुज पाण्डेय, भारती पाण्डेय, हर्षवर्धन पाण्डेय रामकिशोर पाण्डेय, अविनाश पाण्डेय, अनामिका पाण्डेय, भारती पाण्डेय, धीरेन्द्र पाण्डेय, दीपिका पाण्डेय, अभिषेक पाण्डेय, साक्षी पाण्डेय ने पूजन कर कथा का श्रवण किए।
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