: सेवा ही वैकुंठ वास का मुख्य कारण है : रामानुजाचार्य
बमबम यादव
Fri, Mar 10, 2023
श्रीराम बरन आश्रम के पूर्वाचार्य महंत अर्पित की गई श्रद्धांजलि
अयोध्या। रामनगरी के रामबरन सेवा आश्रम के संस्थापक सिद्ध संत महंत जयराम दास महाराज का तृतीय बैकुंठोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिसमें अयोध्या के संतो महंतों के साथ-साथ गृहस्थ और नेताओं ने भी भाव रूपी श्रद्धांजलि श्री महाराज जी को अर्पित किया। रामलला सदन देवस्थान पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य डा० राघवाचार्य महाराज ने बताया श्रीमहाराज 50 वर्ष की आयु में वैराग्य धारण किए और बड़े ही सौभाग्य की बात है श्री महाराज का बैकुंठ वास उसी तिथि को हुआ जिस तिथि फागुन शुक्ल पक्ष एकादशी को उनका अवतरण हुआ था। उन्होंने कहा कि श्री गुरुदेव भगवान सेवा में विश्वास रखते थे और सेवा ही बैकुंठ वास का मुख्य कारण बनता है। इसीलिए महाराज के नियमानुसार आश्रम में गौ सेवा, संत सेवा निरंतर चलती रहती है। संतो ने महाराज के प्रति भाव रूपी श्रद्धांजलि अर्पित कर वृहद भंडारे का आयोजन किया गया। आये हुए अतिथियों का स्वागत रामलला सदन देवस्थान पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य डा० राघवाचार्य महाराज ने किया। इस अवसर पर बिंदुगद्माचार्य देवेंद्रप्रसादाचार्य महाराज, लक्ष्मण किलाधीश महंत मैथिली रमण शरण, जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, जगद्गुरू रामानंदाचार्य स्वामी बल्लभाचार्य महाराज, महंत धर्मदास, महंत सुरेश दास, महंत शशिकांत दास, नागा राम लखन दास, महंत राजू दास, महंत राम कुमार दास संत मिथिला बिहारी दास, महंत मनीष दास, सिब्बू मिश्रा, अप्पू मिश्रा सहित संत महंत सद गृहस्थों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
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